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Patharchatta Plant Benefits in Hindi

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Patharchatta Plant Benefits in Hindi : पत्थरचट्टा को लोग कई नामों से जानते हैं।  देशभर के अलग-अलग राज्यों में इसे  अन्य नामों से जाना जाता है। आयुर्वेद में पत्थरचट्टा एक दिव्य औषधि है जो पथरी के  उपचार में  रामबाण औषधि के तौर पर मानी जाती है। 

पथरी होने पर असहनीय दर्द होता है। कुछ राज्य ऐसे होते हैं जिस में पथरी होने की अधिक संभावना होती है। उन लोगों के लिए पत्थरचट्टा एक दिव्य औषधि का काम करती है जो पथरी को दूर करने में बहुत ही फायदेमंद और रामबाण औषधि  के रूप में इस्तेमाल की जाती है। 

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पत्थरचट्टा क्या है?

यह 12 महीने हरा-भरा रहने वाला एक बहुत ही सुंदर पौधा है, जिस पर साल में  एक बार सुंदर फूल खिलते हैं।  जिसे लोग अपने घर आंगन  को सजाने के लिए दूसरे पौधों के साथ लगाते है। आयुर्वेद की माने तो पत्थरचट्टा कई सारे औषधीय गुणों से भरपूर है।खासकर पथरी के  इलाज में क्या बहुत ही फायदेमंद और कारगर औषधि के रूप में कार्य करता है। 

Patharchatta Plant Benefits in Hindi

 आयुर्वेद में पत्थरचट्टा के कई सारे फायदे  बताया है आइए जानते हैं किन रोगों में इसका किस तरह इस्तेमाल किया जाता है। 

1) कान के दर्द में

बच्चों को अक्षर कान बहने और कान में दर्द की समस्या होती है।  इसके लिए,  पत्थरचट्टा के पके हुए पीले पत्तों को गर्म करके रस  निकालें और इस रस को कान में डालने से  कान के बहने और कान दर्द की समस्या दूर होती है। 

2) पथरी में 

पथरी में यह रामबाण औषधि का काम करती है। शरीर में कई बार ऐसी जगह पथरी होती है जहां से पथरी  को निकलने का रास्ता नहीं मिलता।  ऐसे में इसकी दो से चार पत्तियों को सुबह और शाम चबाकर खाने से या फिर इन पत्तों का रस निकालकर पीने से पथरी निश्चित रूप से जड़ से दूर होती है। 

3) हाई ब्लड प्रेशर मैं

 जिस व्यक्ति को पथरी की समस्या होती है उसे पथरी के दर्द से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी होती है।   इसके लिए, पत्थरचट्टा की दो तीन पत्तियों को नियमित रूप से सेवन करने से उच्च रक्तचाप  कंट्रोल में रहता है। 

4) मूत्र रोग में

जिन भी लोगों को पेशाब की समस्या होती है।  उन्हें इसकी दो तीन पत्तियों को नियमित सेवन करना चाहिए इससे मूत्र रोग की समस्या दूर होती है और पथरी में भी लाभ मिलता है। 

5) सूजन में

पत्थरचट्टा सूजन  और दर्द दूर करता है।  यदि आपको शरीर के किसी भी भाग में दर्द या सूजन की शिकायत है तो प्रभावित स्थान पर दर्द नाशक तेल लगाकर इसकी पत्तियों को गर्म कर दर्द वाले स्थान में बांधने से सूजन और दर्द में लाभ होता है। 

6) उल्टी में

उल्टी की समस्या होने पर इसकी दो पत्तियों का रस निकालकर पीने से उल्टी खाना बंद होता है और उल्टी की समस्या में राहत मिलती है। 

 निष्कर्ष

पत्थरचट्टा एक बहुत ही  दिव्य और उपयोगी औषधि है। इसकी सही जानकारी और इस्तेमाल से कई प्रकार के रोगों को ठीक किया जा सकता है।  खासकर पथरी में यह रामबाण औषधि का काम करती है।  यह न केवल पथरी को दूर करती है बल्कि जा पथरी होने वाले कारणों को भी दूर करती है। 

 अक्सर देखा गया है कि जिस से पथरी होती है उसे एक बार इलाज कराने पर फिर से पथरी की शिकायत होती है।  लेकिन यदि पत्थरचट्टा का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो उसे दोबारा पत्र की समस्या नहीं होती। 

आशा करता हूं, Patharchatta Plant Benefits in Hindi लेख में दी गई जानकारी  आपको फायदेमंद साबित होगी।  और इसका सही इस्तेमाल  आपके कई सारे रोगों को दूर करने में  उपयोगी होगा। 

अस्वीकार  

इस लेख में उपलब्ध जानकारी आपका नॉलेज बढ़ाने के लिए है। इसीलिए इसका खुद के उपचार में कभी उपयोग ना करें।  शरीर व स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लें।  

पत्थरचट्टा के पेड़ को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

पत्थरचट्टा का इंग्लिश में नाम Cathedral Bells है।

पथरचट्टा का बोटैनिकल नाम क्या है?

पथरचट्टा का बोटैनिकल नाम Kalanchoe pinnata है।

पथरी में कौन सा पत्ता खाया जाता है?

पथरी होने पर पत्थरचट्टा पौधे के पके हुवे पीले पत्ते को खाना फायदेमंद होता है।

पत्थरचट्टा का पौधा कहाँ मिलता है?

पत्थरचट्टा का पौधा किसी राज्य की nursary में आसनिसे मिल जाएगा।

पथरी के लिए कौन सा पौधा?

पथरी के लिए पत्थरचट्टा का पौधा औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है।

पत्थरचट्टा के पत्ते खाने से क्या होता है?

पत्थरचट्टा के पत्ते खाने के कई सारे स्वास्थ लाभ है। लेकिन इसका मुख्य लाभ पथरी रोग में होता है।

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