बबूल फली पाउडर के लाभ, फायदे और उपयोग | Babool Ki Fali Ke Fayde (in Hindi)

 आपने बबूल के पेड़ को तो जरूर देखा होगा और सोचा भी होगा की भला यह काँटों से भरा पेड़ किस काम का है। हालांकि गाओं में तो आज भी बबूल के पेड़ की लकड़ियां दातुन तथा ईंधन ( लकड़ियां जलाने ) के काम में आती है।

लेकिन आपके लिए यह जानना भी जरुरी है की काँटों से भरा बबूल का पेड़ किसी महाऔषधि से कम नहीं। जी हाँ दोस्तों, यदि आप बबूल के पेड़ की सही जानकारी से इसका उपयोग करतें है तो यह आपकी कई सारी शारीरक समस्यां के इलाज में रामबाण औषधि का काम करती है।

वैसे तो बबूल के प्रत्येक भाग का औषधीय उपयोग किया जाता है। किंतु इस लेख में बबूल की फली का उपयोग कैसे करें? और आपको यह किन-किन शारीरक समस्यां में फायदेमंद है इसके बारे में विस्तार से जानेंगे।

इसकी के साथ में आपको बबूल की फली चूर्ण आ कैसे बना सकतें है इसके बारें में जानकारी दूंगा। जिसकी मदद से आप भी बबूल की फली का पाउडर घर पर बनाके इसके औषधीय लाभ ले सकेंगे।

यदि आप भी किसी शारीरिक समस्यां से परेशान है और आप अपना घरेलु इलाज की मदद से अपनी शारीरक समस्यां को ख़त्म करना चाहते है। तो आपको यह लेख पूरा पढ़ना होगा। तो चलिए शुरू करते  है आज का लेख जिसमें हम जानगे बबूल फली पाउडर के लाभ, फायदे और उपयोग।

इसे भी पढ़ें : कमल के फूल के फायदे |

बबूल की जानकारी और पहचान :

बबूल एक औषधीय पेड़ है जो हमारे देश के हर गांव और शहर में अधिकतम संख्या में पाया जाता है। बबूल के पेड़ का हर हिस्सा जैसे इसकी टहनियों, जड़ों, पत्तियों, फूलों और यहां तक ​​कि फलों का भी विभिन्न औषधियों में उपयोग किया जाता है।

लेकिन जैसे इस लेख में हम इसके फल (फली) के फायदे के बारें में ही जानंगे। बबूल फली। (बबूल का फल) बबूल के पेड़ पर उगता है। और आप इसे सीधे पेड़ से प्राप्त कर सकते हैं।

कहीं जगह पर यह आपको पाउडर के रूप में बना बनाया भी मिल जाता है। या फिर आप इसे किसी भी आयुर्वेदिक दूकान से खरीद सकते हैं। तो अब आइए जानते हैं बबूल फली पाउडर के फायदे।

इसे भी पढ़ें : एलोवेरा जेल के घरेलू नुस्खे | 

बबूल की फली का उपयोग कैसे करें?

बबूल की फली का उपयोग करने से पहले आपके लिए यह जानना जरुरी है की बबूल की फली के उपयोग  कैसे करें? तो आप फली की सब्जी बनाकर याफिर आचार बनाकर  सकतें है। लेकिन यह पुरे वर्ष उब्लब्ध न होने के कारण इसका चूर्ण (पाउडर) बनाकर रखना अधिक लाभकारी होता है। इससे पुरे वर्ष जब भी इसकी जरुरत पड़ने पर आप इस चूर्ण का उपयोग कर इसके लाभ उठा सकतें है। तो आईये जानते है बबूल की फली का चूर्ण कैसे बनाएं। 

बबूल की फली का चूर्ण कैसे बनाएं :

चूर्ण बनाने से पहले आपको यह ध्यान जरूर देना है की बबूल की फली का चूर्ण इसकी कोमल फलियों से ही बनाए पकने पर इन फलियों में बीज लग जाते है। और बीज इस चूर्ण में बाधा उत्पन्न करके आपके चूर्ण को ख़राब कर सकतें है। इसलिए बबूल की फली का पाउडर बनाने के लिए इसकी बीज रहित कोमल फलियों का ही प्रयोग करें।

तो चूर्ण बनाने  के लिए आपको बबूल की फली लगने के समय आपको इसकी अपने मन मुताबिक कोमल फलियों को तोड़कर अच्छी तरह धो कर छाँव में सूखा लेना है। फली इस कदर सुखी होनी चाहिए की जब इसे जरा सा भी मोड़ा जाए तब यह चटककर किसी पापड़ की तरह टूट जाए।

फली अच्छी तरह सूखने के बाद आपको इन फलियों को छोटा-छोटा तोड़कर मिक्सर में डालकर पीस लेना है। जब आपकी फली पीस जाए तब इसे किसी छन्नी की मदद से छान लें। छान लेने की बाद यदि कुछ चूर्ण दरदरा रहे जाए। तो फिर से इसे मिक्सर में डालकर पीस लें।

अब आपका बबूल की फली का चूर्ण तैयार है। इसे किसी हवा बंध बोतल, या जार में  भरकर रख लें और जरुरत पड़ने पर सही जानकारी के साथ इसका उपयोग करें।  चलिए आगे जानते है बबूल फली के फायदे

इसे भी पढ़ें : ग्लिसरीन और गुलाब जल के फायदे

बबूल फली पाउडर के लाभ : Babool Ki Fali Ke Fayde (in Hindi)

बबूल की फली पाउडर के फायदे कई सारे है आईये जिनके बारें में हम जानते है।

१) घुटनो के दर्द में  फायदेमंद :

बबूल की फली का चूर्ण एक अचूक और अविश्वसनीय औषधि है। खास कर घुटनों के दर्द में। यदि आप घुटनों के दर्द से परेशान है और डॉक्टर आपको घुटना बदलने की सलाह देते हैं। तो रुक जाईये और बबूल की फली का यह प्रयोग जरूर कीजिये। आपको घुटनों के दर्द में पूरी तरह आराम मिलेगा।

इस प्रयोग को आप कम से कम ३ महीने के लिए जरूर करें। यदि आप इस प्रयोग को सही तरह से करने का प्रयास करेंगे तो हो सकता है, आपको ऑपरेशन की भी जरूरत न पड़े। खासकर यह गठिया के लिए और विशेष रूप से घुटने के दर्द के लिए रामबाण है।

आप एक बबूल की फली का १ चम्मच चूर्ण प्रतिदिन सुबह या दिन में किसी भी समय गर्म पानी के साथ सेवन करें। यह बहोत सरल प्रयोग है ! इस प्रयोग को २ से ३ महीने तक करने के बाद आप देखेंगे कि आपके घुटने का दर्द गायब हो जाएगा।

आपके फटे स्नायुबंधन को उपचार की आवश्यकता होने पर या आपकी हड्डियों में चिकनाई कम होने की आपकी समस्या, इस बबूल चूर्ण के प्रयोग से बहोत जल्दी ठीक हो जायेगा।

२) कमर दर्द में लाभकारी :

कोई व्यक्ति कमर दर्द से पीड़ित है, वो भी अपनी इस समस्यां को ठीक करने के लिए इसी तरह दूध या पानी के साथ बबूल की फली के चूर्ण का सेवन करके अपनी कमर दर्द की समस्यां से छुटकारा पा सकता है।

३) धातु रोग में फायदेमंद :

धातु की परेशानी होने पर आप १ चम्मच दूध के साथ सेवन करें।

४) शीघ्र पतन की समस्यां दूर करें :

शीघ्र पतन की समस्यां होने पर १ चम्मच चूर्ण दूध के साथ सेवन करने से लाभ होता है।

५) ल्यूकोरिया की समस्यां में फायदेमंद :

१ चम्मच चूर्ण को दूध के साथ सेवन करने से ल्यूकोरिया की समस्यां में लाभ मिलता है।

६) मासिक की समस्यां में फायदेमंद

मासिक की समस्यां में सुबह-शाम गर्म पानी में १ चम्मच चूर्ण का सेवन लाभ दिलाता है।

७) कफ की परेशानी में फायदेमंद :

सर्दी में कफ की समस्यां होने पर आधा चम्मच गर्म पानी के साथ सेवन आराम दिलाता है।

८) सिरदर्द (migraine) की समस्यां में फायदेमंद :

सिरदर्द की परेशानी में आधा चम्मच सुबह -शाम गर्म पानी या दूध के साथ सेवन करें।

९) पेट दर्द दूर करें :

आधा चम्मच गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द में आराम मिलता है।

१०) बवासीर में लाभकारी :

बवासीर की समस्यां होने पर आधा चम्मच सादे पानी या छाछ के साथ सुबह-शाम सेवन करने से फायदा होता है।

११) बालों की समस्यां :

बाल झड़ने की परेशानी होने पर सुबह-शाम और दोपहर गर्म पानी के साथ सेवन करेने से लाभ होता है।

१२) खून की कमी दूर करें

खून की कमी दूर करने और खून बढ़ाने के लिए सुबह-शांम दूध के साथ सेवन करें।

इसे भी पढ़ें : विटामिन ई और गुलाब जल के फायदे 

निष्कर्ष :

बबूल की फली बहोत हो फायदेमंद औषधि है, और यह बहोत से रोगों को दूर करने में रामबाण औषधि का काम करती है। यदि इसकी सही जानकारी के साथ प्रयोग किया जाए तो आप कई रोगों से छुटकारा पा सकतें है और कई  रोगों से दूर भी रहे सकतें है।

वैसे तो किसी भी प्रयोग में इसकी आधे चम्मच से लेखर १ चम्मच मात्रा का सेवन किया जाता है। लेकिन किसी ख़ास प्रकार की समस्यां में आप अपने वैध या डॉक्टर की सलाह से इसकी मात्रा निर्धारित कर सकतें है।

मुझे उम्मीद है इस लख के द्वारा बबूल फली पाउडर के लाभ, फायदे और उपयोग और इससे जुडी कई बातों के बारें में दी गयी जानकारी आपको पपसंद आयी हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें।

इस लेख से संबंधित आपके कोई सवाल, सुझाव या फिर कोई अनुभव हो तो हमें कमैंट्स के माध्यम से जरूर बताएं।

हमारे धरती के पेड़-पौधे, वनस्पति और जड़ी-बूटी की ऐसी ही रोचक और उपयोगी जानकारी के साथ हमारी वेब साइट Hindiplant से जुड़े रहें।

Desclaimer 

यह ब्लॉग स्वास्थ्य और संबंधित विषयों के बारे में सामान्य जानकारी और चर्चा प्रदान करता है। इसे चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं माना जाना चाहिए या इसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह ब्लॉग किसी भी चिकित्सा, नर्सिंग या अन्य पेशेवर स्वास्थ्य देखभाल सलाह, निदान या उपचार का अभ्यास नहीं करता है। हम इस ब्लॉग या वेबसाइट के माध्यम से स्थितियों का निदान नहीं कर सकते हैं, या उपचार की विशिष्ट सिफारिशें नहीं कर सकते हैं।

यदि आपको या किसी अन्य व्यक्ति को कोई चिकित्सीय चिंता है, तो आपको अपने रजिस्टर्ड मेडिकल डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। या तुरंत अन्य पेशेवर चिकित्सा उपचार की तलाश करनी चाहिए। इस ब्लॉग, वेबसाइट या किसी भी लिंक की गई आर्टिकल में आपने जो कुछ पढ़ा है, उसके कारण कभी भी पेशेवर डॉक्टर की चिकित्सा और सलाह लेने में देरी न करें।

Leave a Reply

%d bloggers like this: