गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान। Benefits Of Gudhal Flower & Leaves In Hindi

 गुड़हल के लाल रंग के खूबसूरत फूलों से तो हम सभी परिचित ही है। गुड़हल को जासवंती के नाम से भी जाना जाता है। इसके फूलों का उपयोग हम पूजा- पाठ जैसे शुभ कार्यों में करते ही है।
मगर क्या आप जानते है गुड़हल के  कई सारे लाभ और गुणों के बारें में। गुड़हल की पत्ती और फूलों को खाया भी जाता है इसके आलावा और  कई सारे गुड़हल के उपयोग भी है।
गुड़हल के कई सारे औषधीय गुण हमारे लिए बहोत उपयोगी है। इसका सही तरीके से सेवन आपकी कई प्रकार की शारीरक समस्यां को ख़त्म ही नहीं बल्कि उनको दूर भी रख सकता है।
क्या  आप जानते है यह आपकी किन-किन शारीरक समस्याओं में किस तरह फायदेमंद है। यदि नहीं तो यह लेख आपक पूरा पढ़ें ,तो चलिए शुरू करतें है आज का उपयोगी विषय गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान। 
 

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गुड़हल क्या है? जानकारी और पहचान : 

गुड़हल का वानस्पतिक नाम Hibiscus Rosa Sinensis हिबिस्कस रोजा सायनेन्सिस  है। गुड़हल के पेड़  पुरे भारत भर में पाए जाते है।  इसस्की ऊंचाई १० से १२ फिट तक होती है। गुड़हल के पेड़ बाग़, बगीचे, मंदिर के पास, सड़कों के किनारे देखे जाते हैं। 
 
हर पुरे साल ही हरा भरा रहता है जिस पर साल भर फूल और पत्तियां लगी रहती है। गुड़हल के पेड़ को इसके लाल फूलों से पहचानना बहोत ही आसान है। 
इस पर लगने वाले लाल रंग के खूबसूरत फूल घंटे के आकार के होते है। यह सफ़ेद, पीले, नारंगी, और लाल रंग के होते है। परंतु लाल रंग के गुड़हल अधिक मात्रा में  देखे जाते है।
सभी रंगो के फूलों के औषधीय गुण की बात करें तो सभी रंगों के औषधि गुण सामान ही पाए जाते है।  इसीलिए गुड़हल का औषधीय उपयोग करना हो तो आप किसी भी रंग के फूलों का उपयोग कर सकतें है।
वैसे आयुर्वेद में लाल रंग के गुड़हल अधिकतम मात्रा में होने से लाल रंग के गुड़हल का प्रयोग अधिक मात्रा में किया जाता है। गुड़हल के पत्ते हरे रंग के ऊपर से चिकने और अंदर से खुरदरे होते है।
सफ़ेद गुड़हल :
गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान।
पीला गुड़हल :
 
गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान।
नीला गुड़हल :
गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान।
गुलाबी गुड़हल :
गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान।
गुड़हल की पत्तियां :
गुड़हल के फायदे, औषधीय उपयोग और नुकसान।

गुड़हल के फायदे :

गुड़हल  के फूल बालों की सभी प्रकार की समस्याएं जैसे की बालों का झड़ना, गंजापन, रुसी, बालों का समय के पहले सफ़ेद होना जैसे समस्याओं में बहोत फायदेमंद है। इन सभी समस्याओं में गुड़हल रामबाण औषधि की तरह लाभ करता है।
इसके अलावा गुड़हल के उपयोग आंखों की परेशानी, नाक के रोग, दस्त, बवासीर, खांसी,  बुखार, सिरदर्द, महिलाओं के मासिक विकार की समस्याएं, खून की कमी, याददाश्त की कमजोरी जैसी अनेक बिमारियों को ठीक करने का विशेष गुण रखता है।

बालों में गुड़हल के उपयोग :

१) गंजापन दूर करें गुड़हल का उपयोग :

  • गुड़हल के पत्ते और फूल को सामान मात्रा में पीस कर लेप बनाकर इस लेप को गंजे स्थान पर लगाने से बालों का विकास होता है इससे बाल आने लगते है और अलोपेशिआ के समस्या दूर होती है।
  • गाय के मूत्र में गुड़हल के फूलों को बारीक़ पीसकर सिर पर लेप करने से नए बाल आते है, और गंजापन दूर होता है। यह प्रयोग व्यक्ति की उम्र और शारीरिक खामियों के आधार पर काम करता है। इस प्रयोग से कुछ लोगों को ही फायदा मिलता है, यह प्रयोग सभी पे एक जैसा  फायदा  नहीं करता।

२) रुसी (Dandruff ) में गुड़हल की पत्ती के फायदे :

  • गुड़हल की पत्तियों को पीसकर लेप बनाकर बालों में महेंदी की तरह लगाने से बालों को पोषण मिलता है। साथ ही रुसी (Dandruff ) जैसी समस्यां दूर होकर सिर में ठंडक का काम करती है, और बालों की सभी प्रकार की समस्याओं में फायदा पहुंचाती है।
  • सिर में रुसी की समस्यां होने पर गुड़हल के फूलों को तिल  के तेल में पकालें इस तेल को छान कर रोज़ाना सिर पर तेल ( hair oil ) की तरह लगाने से रुसी की समस्यां ख़त्म हो जाती है।

३) बालों की मझबूती बढ़ाएं गुड़हल तेल के फायदे :

  • गुड़हल के फूलों को जैतून के तेल में पकाकर इस तेल को छानकर बालों पर उपयोग करने से बाल मजबूत होते है, बालों में चमक आती है, बाल का झड़ना बंद होता है, और बाल घने और सुंदर होते है। इस तेल का  नियमित उपयोग  करने से और भी कई सारे बालों से संबंधित लाभ प्राप्त होते है।

४) सफ़ेद बालों में गुड़हल के फूल के फायदे :

  • गुड़हल के फूल और भृंगराज के फूलों को भेड़ के दूध में पीसकर लोहे के बर्तन में रख दें, फिर इसे  ५ दिन बाद भृंगराज के पंचांग के रस में मिलाकर बालों में अच्छी तरह से लगालें फिर  ४ से ५ घण्टो तक रखने के बाद धो लें। इसके लगातार उपयोग से सफ़ेद बालों की समस्या दूर होकर बाल काले होने लगते है। संक्षिप्त में कहूं तो सफ़ेद बाल दोबारा काले होने लगते है।

 ५) बालों के पोषण में गुड़हल के फूल का उपयोग :

  • आँवला का चूर्ण और गुड़हल के फूल को पीसकर पल्प तैयार करें और इस पल्प को  सिर पर लेप की तरह प्रयोग करें। इस प्रयोग को करने से बाल लंबे समय तक काले रहते है। इस प्रयोग को करने से बालों से जुडी और भी सभी समस्याएं दूर होती है और बालों को सम्पूर्ण पोषण मिलता है।

गुड़हल का औषधीय उपयोग :

१) मुंह के छालों में गुड़हल खाने के फायदे :

गुड़हल के फूलों को यदि खाना चबाना हो तो इसके पराग कण केसर वाला हिस्सा और फूल के निचे का हरा भाग निकाल दें और सिर्फ फूलों की लाल पंखुड़ियॉं को ही खाने में प्रयोग करें। 
  • मुँह में छाले होने पर गुड़हल की छाल को २ से ४ ग्राम की मात्रा में दिन में २ से ३ बार चबाने से मुँह के छालों में आराम मिलता है और जल्दी ठीक होने लगते है। इसके फूलों को चबाने से भी छालों में आराम मिलता है और छालें  ठीक हो जाते है।

२) खून की कमी में  गुड़हल चूर्ण के फायदे :

गुड़हल के फूलों को खाने से बहोत सारे लाभ मिलते है। गुड़हल के फूलों में भरपूर मात्रा में आयरन, कैल्सियम, विटामिन्स C और विटामिन्स D पाया जाता है। यह रक्त को भी बढ़ाता है। 
  • खून की कमी होने पर गुड़हल फूलों का ऐसे ही सेवन करना लाभ दायक होता है। या फिर इस फूलों को  छायां में सुखाकर चूर्ण बनाकर १ से २ ग्राम की मात्रा में खाने से खून इ जुडी परेशानी नष्ट होने लगती है।

३) खांसी में गुड़हल खाने का फायदा :

  • खांसी होने पर गुड़हल  की जड़ को उबालकर पानी में १० से ३० ML की मात्रा में सुबह शाम पिने से खांसी ठीक होती है और खांसी संबंधित कई समस्यांओं में भी फायदा मिलता है। इस प्रयोग के अधिक लाभ को पाने के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकतें है।

४) सांस की परेशानी में गुड़हल फूल का उपयोग:

  • सांस नली में सूजन का होना, दमा या सांस लेने में परेशानी में  गुड़हल के फूलों पानी में उबालकर पिने से सांस संबंधी  परेशानी में फायदा होता है।

५) शर्दी झुकाम में गुड़हल के लाभ :

  • शर्दी, झुकाम, खांसी में गुड़हल  की जड़ का रस ५ से १० ग्राम की मात्रा में दिन में ३ से ४  बार पिने से शर्दी झुकाम, और खांसी ठीक हो जाती है।

६) पेट की परेशानी में गुड़हल रस के फायदे :

  • अतिसार दस्तों की समस्यां पेट में दर्द जैसी समस्याओं में गुड़हल के पत्तों का रस  १ चम्मच या फिर ५ से १० ग्राम की मात्रा में सुबह शाम पिने से इन परेशानी में लाभ होता है।
  • पेट दर्द सम्बन्धी समस्यां होने पर गुड़हल  के पत्तों का जूस ५ से १० ML  की मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द  तुरंत ठीक होता है।

७) यादशक्ति में गुड़हल पाउडर के फायदे:

  • समरणशक्ति, याददाश्त  कमजोर होने पर गुड़हल  के फूल और पत्तों को छाया में सुखाकर बारीक़ चूर्ण बनाकर इसमें सामान मात्रा में मिश्री मिलाकर सुबह शाम १ – १ चम्मच पानी और दूध के साथ सेवन करने से समरणशक्ति बढ़ने में मदद मिलती है। साथ ही सोचने समझने की शक्ति का विकास होता है।

८) गर्मी में गुड़हल के गुलकंद के फायदे :

  • अधिक गर्मियों की समस्यां में गुड़हल  के फूलों का गुलकंद बना के उपयोग करना चाहिये जिस प्रकार गुलाब के पत्तों का गुलकंद बनाया जाता है। उसी  तरह गुड़हल  के पत्तों का भी गुलकंद बना के सेवन कर सकते है। इस प्रयोग से शरीर में होनेवाली अधिक गर्मी की समस्या दूर होती है और शरीर में ठंडक होती है।
  • गर्मी में होने वाले सिरदर्द, उलटी, प्यास का अधिक लगना घबराहट जैसी समस्याओं में गुड़हल  का शरबत बनाकर सेवन करने से लाभ होता है।

९) बुखार में गुड़हल का औषधि उपयोग :

  • बुखार आने पर गुड़हल  के पत्तों और फूलों का पेस्ट बनाकर सेवन करने से बुखार उतर जाता है।

१०) दर्द में गुड़हल का उपचार :

  • हाथ और पैरों में दर्द और सूजन होने पर गुड़हल के फूल और पत्तों को पीसकर दर्द वाले स्थान पर लेप करने से दर्द और सूजन दोनों गायब हो जाते है।

११) ल्यूकोरिया में गुड़हल और दूध के फायदे:

  • काफी  इलाज करने पर भी ल्यूकोरिया की समस्यां में फायदा न होने पर गुड़हल के फूलों से इलाज संभव है। और इस प्रयोग से शीघ्र ही लाभ होता है। इस प्रयोग को करने के लिए गुड़हल की कलियों को दूध में मिलाकर सेवन करें।  नियमित इस प्रयोग को करने से ल्यूकोरिया की समस्यां हमेशा के लिए ठीक होती है।
  • इस प्रयोग को गुड़हल के फूल, पत्ते,  छाल, काली और जड़ को छायां  में सूखा कर दरदरा पीसकर रख लें और रात को २ चम्मच पानी में मिलाकर रख लें और सुबह में इस मिश्रण को मसलकर छान लें और इस  में मिश्री मिलाकर पिने से ल्यूकोरिया समस्यां ठीक हो जाती है।

१२) मासिक संबंधी विकार में गुड़हल फूल के फायदे : 

  • स्त्रिओं के मासिक सम्बन्धी समस्याओं में गुड़हल  के फूलों को घी के साथ तल कर सेवन करने से बहोत अच्छे लाभ मिलते है और मासिक सम्बन्धी विकार समाप्त होते है।

१३) बवासीर में gudhal खाने के फायदे :

  • बावासीर रोग में गुड़हल की कलियों को घी में तलकर उसमें मिश्री और नागकेसर मिलाकर सेवन करने से कुछ ही दिनों में बावासीर रोग के साथ पेट संबंधी और भी कई बिमारियों में लाभ होता है।

१४) त्वचा संबंधी समस्यां दूर करें गुड़हल की विशेषताएं :

  • सफ़ेद दाग की समस्यां में सुबह शाम गुड़हल के फूलों का सेवन करने से सफ़ेद दाग ठीक होने लगने है।

१५) पाचन शक्ति बढ़ाए लाल गुड़हल के फूल :

  • गुड़हल के फूलों का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं भी ठीक होती है।

गुड़हल के नुकसान :

किसी भी प्रकार की चीजो का अधिक सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है। भले ही वह चीज कितनी भी फायदेमंद क्यों न हो। अधिक सेवन से फायदे की बजाए हानि ही होती है।
उसी तरह गुड़हल का भी अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। इसका सेवन निर्धारित मात्रा में ही करें क्यों की किसी भी चीजों  का अधिकतम सेवन नुकसान देह हो सकता है। इसका अवश्य ध्यान रखें। 
 
छोटे बच्चों, गर्भावस्था के दौरान, स्तनपान करने वाली महिलाएं, तथा किसी भी प्रकार के रोगों में गुड़हल का सेवन डॉक्टर की सलाह ले कर ही करना चाहिए। 
 
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इस लेख में आपने गुड़हल के फायदे और कुछ नुकसान के बारें में जानकारी प्राप्त की। मुझे उम्मीद हे आपको  इस लेख से गुड़हल के विषय में बहुत कुछ जानने मिला होगा।
आपके पास भी  गुड़हल के विषय में कोई जानकारी हो या फिर इस लेख से संबंधित कोई सवाल  सुझाव हो तो कमैंट्स में हमें जरूर बताएं। ताकि आपकी दी हुवी जानकारी से किसी को फायदा हो सकें।
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