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गुणकारी बबूल के गोंद खाने के फायदे और नुकसान।

बेशक, बबूल का नाम सुनते ही आपके मन में काँटों की तस्वीर उभरने लगती होगी। बड़े बड़े सफ़ेद नुकीले कांटे ही बबूल के पेड़  की पहचान है। परंतु सृष्टि ने हमारी धरती पर हमें जो भी दिया सिर्फ हमारे फायदे के लिए दिया है उसमें से बबूल भी एक ऐसा ही वृक्ष हे।
बबूल के पेड़ से प्राप्त होनेवाला बबूल का गोंद औषधीय गुणों से भरपूर हे। मगर हमारे पास इसके बारे में  उचित जानकारी न होने के कारण हम इसके असाधारण फायदों का सही उपयोग नहीं कर पा रहें हैं।
बबूल के रूप में औषधिय खजाना हमें प्रदान हुवा  है। किंतु, क्या आप जानते हैं बबूल गोंद के बारे में तथा बबूल की गोंद के औषधीय गुण आपके लिए कितने फायदेमंद हैं। बबूल का गोंद आपकी कई प्रकार की शारीरक समस्यां दूर ही नहीं करता बल्कि आपके कई रोगों के इलाज में भी फायदेमंद है।
यदि आप बबूल की गोंद के फायदों के बारें में नहीं जानते तो यह लेख आपके लिए है। इस लेख में आपको  गुणकारी बबूल के गोंद खाने के फायदे और नुकसान के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त होगी, तो चलिए शुरू करतें है।
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बबूल का पेड़ की जानकारी और पहचान :

बबूल के पेड़ का वैज्ञानिक नाम Vachellia nilotica है। बबूल का पेड़ मध्यम आकार का तथा इस पर बड़े तीखे और सफ़ेद कांटे होते हे। यह कांटे आकर में १ से ३ सेंटीमीटर तक के होते है। यह कांटे ही बबूल के पेड़ की शोभा और पहचान हे। बबूल के काँटों के कारण इसे पहचानना बहोत आसान होता है। 
बबूल के पत्ते छोटे और हरे होते है, ये दिखने में इमली के पत्तों की तरह मगर उससे छोटे आकार में होते है। बबूल के फूल पिले चमकीले और छोटे होते हे साथ ही इस फूल में हलकी सुगंध होती है जिसे Globular Cymose Heads कहते है।
 
बबूल की फलियां आकार में १० से १५ सेंटीमीटर लंबी  होती है। जो कच्ची अवस्था में हरी और पकने पर हलकी पिली या भूरी हो जाती है। 
बबूल की छाल कच्ची अवस्था में हरी एवं हलके भूरे रंग की होती है। यह छाल  बढ़ती उम्र के साथ गहरी भूरी और काली होती जाती है। बढ़ती उम्र के साथ साथ इसकी छाल में दरारे भी बढ़ती जाती है।
 
बबूल  की लकड़ी अंदर से लाल एवं बाहर से  भूरे रंग की होती है। बबूल की लकड़ी बहोत ही मज़बूत होती है, यह सूखने पर फर्नीचर बनाने के काम आती है और यह ईंधन के रूप में जलाने के लिए बहोत ही उत्तम मानी जाती है।
क्या है बाबुल की गोंद?
बबूल का रस जब बाहर आकर सुख जाता है तब वो गोंद कहलाता है। बबूल के पेड का गोंद बहोत पसिद्ध है। यह गोद हमें गर्मियों में प्राप्त होता है। इस गोंद का रंग  पीला तथा स्वाद में मिठा होता है।

बबूल के गोंद की तासीर क्या होती है?

बबूल के गोंद तासीर ठंडी होती है। 
 

बबूल के गोंद खाने से क्या होता है?

बबूल की गोंद के साधारण घरेलू उपचार आपकी कई प्रकार की शारीरक समस्यां को दूर करने के लिए आप अपना सकते है। तो आईये जानते है बबूल के गोंद खाने से क्या होता है? और यह आपकी किन-किन शारीरक समस्यां के इलाज में फायदेमंद है। 
 

बबूल  की गोंद के फायदे : बबूल के गोंद को कैसे खाएं :

 

१) अतिसार में बबूल की गोंद के फायदे :

बच्चे, जवान, स्त्री या वृद्ध व्यक्ति को अगर दस्त की समस्या हो या खुनी दस्त हो तो बबूल की गोंद ३ से ६ ग्राम प्रति दिन दिन में २ बार पानी के साथ सेवन करने से यह समस्या समाप्त होती है। 

२) पेट की समस्यां दूर करें बबूल के गोंद का फायदा:

किसी भी व्यक्ति के आँतों में घाव को ठीक करने में बबूल की गोंद बहोत उपयोगी औषधि हे, और उसे ठीक करने में  बहोत  प्रभावकारी भी  होती है, इसका उपयोग करने के लिए पीड़ित व्यक्ति को १ चम्मच बबूल की गोंद को  १ गिलास पानी में घोल कर सुबह में सेवन करने से आँतों का घाव पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है। 

३) हड्डी जोड़े बबूल के गोंद का उपयोग :

शरीर की हड्डी टूटने पर ६ ग्राम बबूल की गोंद में २ चम्मच शहद, बकरी के दूध में अच्छी तरहमिलाकर सुबह – शाम ३ दिन तक सेवन करने से आपकी टूटी हड्डी जुड़ जाती है। 

४) मूत्र संबंधी समस्यां के इलाज में बबूल के गोंद खाने के फायदे :

 
मूत्राशय में जलन व सूजन की परेशानी होने पर १० ग्राम बबूल की गोंद को १ गिलास  पानी में मिलाकर सुबह – शाम पिने से मूत्राशय की सूजन और जलन ख़त्म हो जाती है और पीड़ित व्यक्ति को आराम मिलता है। 

५) सिर दर्द में बबूल के गोंद के उपाय :

जिस किसी व्यक्ति के सिर में दर्द होने पर पीड़ित व्यक्ति को बबूल की गोंद को पानी में घिसकर थोड़ा गाढ़ा होने पर  सिर पर  लगाने से सिर दर्द में आराम मिलेगा। 

६) महिला संबंधी समस्यां  ठीक करें बबूल के गोंद के लाभ :

महिलाओं की मासिक धर्म की समस्या में भी इसका असाधारण उपचार मौजूद है,जिन महिलाओं को मासिक धर्म में अधिक खून आता हो वो  ५०० ग्राम बबूल की गोंद में ५०० ग्राम गेरू मिला कर पीस कर सुबह शाम खाना खाने से पहले १ चमच्च सुबह और १ चम्मच शाम को पानी से साथ सेवन करने से खून आना बंद हो जाता है। 

७) शारीरक शक्ति बढ़ाएं बबूल के गोंद के गुण :

स्त्री और पुरुष की शक्ति बढ़ाने के लिए बबूल की गोंद का  प्रयोग किया जाता है, शक्ति बढ़ाने के लिए २०० ग्राम बबूल की गोंद को देसी घी में अच्छी तरह कर, ठंडी होने पर बारीक चूर्ण बनाकर उसमें ४०० ग्राम पीसी हुवी  मिश्री मिलाकर सुबह शाम  दूध के साथ १ महीने तक लेने से स्त्री और पुरुष दोनों की शारीरक शक्ति निश्चित रूप से बढ़ती है। 

बबूल की गोंद खाने के नुकसान :

आपके शरीर की लिए कोई भी चीज भले ही कितनी भी फायदेमंद क्यों न हो मगर वही फायदेमंद औषधि का अधिक सेवन आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसी लिए किसी भी चीजों का उचित मात्रा में ही आपको सेवन करना चाहिए। उसी तरह बबूल की गोंद का भी अधिक सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है। तो आईये जानते है अधिक सेवन से होने वाले नुकसान के बारें में।
१) मुँह का स्वाद ख़राब हो सकता है।
२) शरीर में सूजन पैदा कर सकता है।
३) दस्त की समस्यां को बढ़ा सकता है।
४) मतली आना कैसी परेशानी हो सकती है।
५) अलर्जी की समस्यां हो सकती है।
६) गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओ को डॉक्टर की सलाह के बाद ही बबूल की गोंद का सेवन करना चाहिए।
सारांश :
बबूल की गोंद एक औषधि की तरह आपको कई प्रकार के स्वास्थ लाभ प्रदान करती है। इसीलिए इसकी सही जानकारी तथा उचित मात्रा का उपयोग करके आप आपकी कई प्रकार की शारीरक समस्यां के इलाज में इसका उपयोग सकतें है। तो आप भी बबूल की गोंद उपयोग जरूर करें।
इसके अलावा भी बबूल की गोंद खाने के फायदे कई सारे है। इस लेख में आपने उनमें से कुछ फायदे के बारें में जानकारी ली साथ ी बबूल की गोंद खाने के कुछ नुकसान के बारें में भी जाना।
आशा करता हूँ गुणकारी बबूल के गोंद खाने के फायदे और नुकसान लेख से मिली जानकारी आपको कभी न कभी फायदेमंद होगी।
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