अर्जुन की छाल से उपचार बताएं।

अर्जुन की छाल से उपचार बताएं
 

अर्जुन की छाल से उपचार बताएं। 

अर्जुन की छाल का आयुर्वेदिक उपचार में सदियों से उपयोग होता आया है। हमारे स्वास्थ के लिए अर्जुन की छाल में मौजूद तत्व हमारे स्वास्थ  लिए बहुत ही फायदेमंद है। 

अर्जुन की छाल का उपयोग कई प्रकार की दवाईयां बनाने में किया जाता है। लेकिन आप भी आपकी कई सारी शारीरक समस्यां के इलाज में अर्जुन की छाल का प्रयोग कर सकतें है। इसके सही जानकारी और उपयोग से आप भी आपकी शारीरक समस्यां को दूर ही नहीं बल्कि ख़त्म भी कर सकतें है। 

यदि आप भी जानना चाहतें है, की आप आपकी किन - किन शारीरक समस्यां को दूर करने में अर्जुन की छाल का प्रयोग कर सकतें है। तो यह आर्टिकल आपको इनमें जबहुत मदद कर  सकता है। तो चलिए जानते है अर्जुन की छाल से उपचार कैसे करें। 

और पढ़ें >>

अर्जुन के पेड़ को कैसे पहचाने? 

अर्जुन छाल का प्रयोग करने से पहले आपको इसे पहचानना बहुत जरुरी है तभी आप सही तरह से अर्जुन के पेड़ को पहचान कर उसका उपयोग कर सकेंगे। तो आपको अर्जुन के पेड़ की पहचान कैसे करें के बारें में बताते है।

अर्जुन का पेड़ दिखने में लगभग अमरुद के पेड़ की तरह ही दिखाई देता  है। इसकी ऊंचाई करीब ८० से १०० फिट तक होती है और  गोलाई  १५ से २० फिट तक होती है।  

दिखने में यह बहोत ही सुंदर, मजबूत और विशालकाय पेड़ होता है। करीब १ साल तक अर्जुन का पेड़ अमरुद के पेड़  सामान ही दीखता  है, मगर  ४ से ५ साल का  समय होने पर यह बिलकुल सीधा बढ़ने लगता  है। इससे इसेअर्जुन के पेड़ को पहचानने में आसानी होती है। 

अर्जुन के पत्ते भी दिखने में अमरुद के पत्तों के सामान ही दीखते है। अर्जुन और अमरुद के पेड़ की अ समानता  यह हे के अमरुद का पेड़ बड़ा होने पर  छत्री की तरह फैलता है। मगर अर्जुन का पेड़ बड़ा होने पर कसी एकदम सीधा और खड़ा दिखाई देता है। 

बात करें अर्जुन के फल की तो यह बहुत आसानीसे पहचाना जा सकता है। 

अर्जुन के वृक्ष के तने की बात कि जाये तो भी यह दोनों अमरुद और अर्जुन के पेड़ के तने  एक जैसे ही दीखते है। और इन दोनों के ही पेड़  के तने से छाल निकलती  है। 

अर्जुन के पेड़ की  छाल का रंग कुछ कुछ लाल होता है  जिससे  इस छाल का पाउडर लाल रंग का होता है। तो इन जानकारी की मदद से आप अर्जुन के पेड़ की  सरलता से पहचान कर सकतें है। 

और पढ़ें >>

अर्जुन के पेड़ के फायदे :

अर्जुन का पेड़  हृदय और इससे जुडी  समस्यां में बहुत ही फायदेमंद  है। यह  हृदय की मांसपेशिया और हृदय  के स्वास्थ के लिए यह बहोत अच्छा होता है। अर्जुन का पेड़  रक्त पित्त नाशक है। 

अर्जुन का पेड़ हमारे शरीर के लिए भी बहोत  फायदेमंद है।  हमारे शरीर को स्वस्थ करने में यह बहोत ही उपयोगी होता है। अर्जुन का पेड़ हमारे शरीर की नस, नाड़ियों को हमारी त्वचा को,  हड्डियों को और हमारे मांसपेशियों को ताकत देने बहुत ही लाभकारी पेड़ है। 

ख़ास कर यह हमारे शरीर की नाड़ियों को बहोत शक्ति प्रदान करता है। नाड़ियां हमारे शरीर के अंदर पूरी तरह से फैली हुवी होती है, और यह हमारे शरीर के अंदर की हरनस, नाड़ियों को शक्ति प्रदान  करने में बहोत मदद करता है।

अर्जुन के पेड़ के ख़ास गुण की बात करें तो यह हमारे दिल के लिए बहोत फायदेमंद है। दिल की बिमारियों को ठीक करने में यह बहोत कारगर है। 

गभराहट होने पर, मानसिक परेशानियों में या फिर  छोटी छोटी बातों में तनाव ता टेंशन की परेशानी होने  पर भी यह बहोत उपयोगी वृक्ष है। इसके फायदे इसकी छाल में है।  नियमित रुप से इसकी छाल का सेवन करने से मानसिक रोगों में बहोत फायदा होता है। 

और पढ़ें >>

अर्जुन की छाल से उपचार :

ह्रदय रोग में के इलाज में फायदेमंद :

अर्जुन के पेड़ की १० से १५ ग्राम ताज़ी छाल में ३०० ग्राम पानी आधा होने तक उबालें फिर इसे छानकर इसमें थोड़ा दूध मिलाकर सुबह में सेवन करने से ह्रदय संबंधी की समस्या दूर होती है साथ ही  ह्रदय की धड़कन में भी बहोत लाभ आता है। 

अर्जुन की सुखी छाल का प्रयोग करने के लिए इसकी सुखी छाल का ५ ग्राम  पाउडर २ ग्लास  पानी में  १ ग्लास रह जाए  उबालें  फिर इसमें दूध मिलाकर सेवन करें। इससे  आपके  ह्रदय की कार्यक्षमता बढ़ती है। जो  लाभ आपको हरी  छाल से मिलता है वही लाभ आप  सुखी छाल से भी लें सकतें है।

अगर आप बिना दूध मिलाये इस काढ़े का सेवन करना चाहते हैं तो भी कर सकते हैं। यह उतना ही लाभ देने में मदद करेगा। आपकी कई  सारी  ह्रदय की परेशानी  होने पर कई औषधि जितना  फायदा नहीं पहुंचा सकती उससे ज्यादा फायदेमंद अर्जुन की छाल हे। यह हर हाल में अपने असाधारण  लाभ हमें प्रदान करती है। 

ह्रदय की परेशानी दूर करके अपने ह्रदय को और भी कार्य सक्षम बनाने के लिए धीरे धीरे प्राणायाम करके अर्जुन की छाल के काढ़े का सेवन करने से  ह्रदय की कार्यक्षमता बढ़ाने में बहोत लाभ मिलता है।

 दांतों को स्वस्थ रखें :

मुँह में अगर फोले पड़े हो, मसूड़ों में सड़न हुवी हो, मसूड़ों की परेशानी हो तो  अर्जुन की  छाल  का उपयोग बहोत ही लाभ देता है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए इस की छाल को कूटकर काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मुँह की समस्याएं ख़त्म होती है और  मुँह भी ठीक होता है इसके साथ यह मुँह के संक्रमण में भी फायदेमंद है। 

चहेरे की सुंदरता बढ़ाएं :

अर्जुन की छाल को चंदन की लकड़ी की तरह पत्थर पर घिसकर लेप के रूप में  चहेरे पर लगाने से  चहेरे  के खील, मुंहांसे,  झुर्रियां,  दाग, धब्बे  सभी में लाभ मिलता है और चहेरे की सुंदरता में निखार आता है। बाजार में मिलने वाले महंगे  आधुनिक प्रसाधन  आपके चहेरे को जो लाभ नहीं दे सकते वह सौंदर्य अर्जुन की छाल से आपको मिलता है। 

और पढ़ें >>

अर्जुन घबराहट और बेचैनी में का उपयोग :

 रात में नींद न आने की समस्यां हो बार बार घभराहट और बेचैनी रहती हो या फिर रात को कई बार नींद टूट जाती हो उन सभी को अर्जुन की छाल का ५ ग्राम चूर्ण रोजाना  चाय की तरह पिने से घबराहट दूर होती है, इस प्रयोग से बेचैनी भी  ख़त्म होती है साथ- साथ मस्तिष्क और मांसपेशियों को भी ताकत मिलती है। 

 अर्जुन की छाल ब्लड प्रेशर ठीक करें :

अर्जुन की छाल को  १०० ग्राम  पानी में उबालें  जब पानी ५० ग्राम रह जाएँ तब इसे छान कर सेवन करें। इस प्रयोग से ( high b p ) उच्च रक्तचाप की वजह से होने वाले सिरदर्द में लाभ होता है , इसके साथ Hypertension या फिर जिनका Stress Level बढ़ा हुवा हो, तनाव की स्थिति हो उनके लिए भी यह दिव्य औषधि का काम करती है। 

महिलाओं की समस्यां में फायदेमंद :

जिन महिलाओं को प्रदर रोग है, या जिन पुरुषों को प्रमेह की शिकायत हे तथा  पित्तजन्य प्रमेह होता है। वह २ चम्मच अर्जुन के पाउडर को रात में पानी में भिगोकर सुबह में उठते ही उस पानी  का  सेवन करें।  इससे प्रदर तथा  प्रमेह की परेशानी में लाभ होता है। यह प्रयोग स्त्री रोग प्रदर में और पुरुषों के धातु रोग से जुडी परेशानिओं को ख़त्म कर देगा। 

हड्डी के रोगों में लाभकारी :

हड्डी के टूटने पर अर्जुन की छाल का उपयोग बहोत लाभकारी है। जिनकी हड्डी टूटी हो या हड्डी से जुडी कोई समस्या हो  वह अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर नियमित रुप  सेवन करें । इससे उनकी हड्डी की समस्या ख़त्म होने के साथ उनकी हड्डी भी बहोत जल्दी जुड़ जाती है।  

अर्जुन की छाल के चूर्ण को शहद के साथ लेने से हड्डियों को तकाल मिलती है और हड्डियां मज़बूत होती है। 

कोलेस्ट्रॉल कम करें : 

अर्जुन की छाल के ३ ग्राम चूर्ण को २ गिलास पानी आधा होने तक उबालें।  इसके बाद इसे ठंडा करके छान कर  सुबह शाम पिने से ब्लॉक हुवी धमनिया खुल जाती है, और कोलेस्ट्रॉल कम होने लगता है। 

अर्जुन बुखार ठीक करें :

बुखार उतर नहीं रहा हो या  पुराना बुखार हो, तो अर्जुन की छाल  के साथ तुलसी और नीम के २ से ३ पत्तों का काढ़ा बनाकर पिने से  पुराना बुखार उतर जाता  है।  इस प्रयोग से सर्दी, जुकाम, साइनोसाइटिस, कफ, खांसी जैसी समस्याएं और इनसे आने वाले बुखार में लाभ होता है। 

 पेट की समस्यां  दूर करे :

पेट सम्बन्धी परेशानी में अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर पियें इससे पेट से जुडी सभी समस्यां में आराम मिलता है। 

त्वचा सबंधी समस्यां दूर करें :

 त्वचा सम्बन्धी समस्या होने पर पुनर्नवा की जड़, बावची और अर्जुन की छाल को पीसकर पेस्ट बनाकर श्वेतकुष्ठ वाली जगा पर लगाने से कुछ ही दिनों में श्वेतकुष्ठ ठीक होने लगता है। 

बाल स्वस्थ बनाएं :

छोटी उम्र में बालों का सफ़ेद होना आम बीमारी है, इसके लिए महेंदी के अंदर अर्जुन की छाल का पाउडर मिला कर बालों में लगाने से सफ़ेद बालों की समस्या दूर होकर बाल काले और घने होते है। 

और पढ़ें >>

निष्कर्ष :

अर्जुन की छाल आपके स्वास्थ को बेहतर बनाने में बहुत  फायदेमंद है। इसके सही उपयोग से आप कई प्रकार के रोगों से छुटकारा पा सकतें है और कई रोगों को दूर रख सकतें है। तो आप भी अपने स्वास्थ के लिए अर्जुन की  छाल  का उपयोग जरूर करें। 

आशा करता हूँ, आपको अर्जुन की छाल से उपचार बताएं लेख पसंद आया हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों साथ शेयर जरूर करें। 

हमारी धरती के पेड़-पौधे, वनस्पति और बूटी की उपयोगी जानकारी के लिए आपकी अपनी वेब साइट Hindiplant से जुड़े रहें।