बेशुमार हैं, नीम के फायदे, लाभ और उपयोग।

बेशुमार हैं, नीम के फायदे, लाभ और उपयोग।
 

बेशुमार हैं, नीम के फायदे, लाभ  और उपयोग । 

नीम का कड़वापन और कड़वे स्वाद तो  हर कोई  जानता ही हे ।  और नीम अपने कड़वेपन  के कारण बहोत प्रचलित भी  हे।  मगर शायद ही कोई नीम के फायदे के बारे में  पूरी तरह से जानता हो । 

थोड़ा बहोत तो हम सभी नीम के बारे में जानते है। मगर नीम के पेड़  का आयुर्वेद में बहोत  बड़ा औषधीय महत्त्व हे। भारत में हजारों सालों से नीम का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियों में होता आया है। 

आयुर्वेद में नीम के फल, बीज, पत्ते, छाल, जड़ और तेल सभी का प्रयोग कई सारे रोगों के इलाज  और रोगों को दूर करने में किया जाता है। 

हम सभी जानते है के नीम २ प्रकार में पाया जाता है। कड़वा नीम और मीठा नीम । मीठे नीम का उपयोग तो हर कोई अपनी  रसोई में करता ही हे । 

 मगर कड़वे नीम का उपयोग क्या है । और किस तरह किन-किन परिस्थिति में यह हमें फायदेमंद है।  इस लेख में हम इसी के बारें में विस्तार से जानकारी लेंगे तो चलिए शुरु करतें है आज का महात्वपूर्ण लेख बेशुमार हैं, नीम के फायदे, लाभ  और उपयोग । 

क्या है नीम :

नीम एक बड़ा वृक्ष हे। तो सबसे पहले हम बात करेंगे नीम शब्द की। नीम शब्द  की उत्पत्ति संस्कृत के निंब शब्द  से हुवी  हे  निंब का अर्थ होता है स्वास्थ्यप्रद यानि स्वस्थ के लिए बेहद फायदेमंद। 

नीम का वानस्पतिक नाम है Azadirachta Indica  एजाडिरैक्टा इण्डिका है। भारत का यह सबसे मूल्यवान  और उपयोगी  पेड़ है।  

नीम का वृक्ष पुरे भारतवर्ष में पाया जाता है और  भारतीय उपमहाद्विप में पाया जानेवाला यह सदाबहार वृक्ष हे। दूसरों के मुकाबले उत्तरप्रदेश में नीम के  पेड़ अधिक संख्या में है। 

नीम एक बहुउपयोगी पेड़ है। मतलब दूसरे वृक्ष  की तुलना में नीम का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है। यह भारतवर्ष का एक ऐसा पेड़ है जो की कीड़े मकोड़ों और महामारियों से मुक्त है। आईये जानते है नीम के पेड़ के फायदे। 

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नीम के  लाभ और उपयोग :

नीम का वृक्ष हमारे लिए इतना उपयोगी है जिसे हमारे सर से लेकर पाओं तक इसका किसी न किसी रुप  से इलाज संभव है। आईये जानते है नीम आपको किस तरह और किन -किन शारीरक समस्यां में फायदेमंद है। 

नीम के पत्ते खाने से क्या फायदा?

आयुर्वेद में नीम के पत्तों के  महत्त्व पूर्ण लाभ बताये हे। कई ऐसी बीमारियां हे जिससे नीम के पत्तों से इलाज किया जाता है। नीम की पत्तियों के कड़वेपन से कई  सारी  बीमारियां  दूर  होती  है। 

१- सुबह सुबह नीम की पत्ती चबाने से त्वचा में होने वाले संक्रमण से आपका बचाव होता है। 

२- गर्मी और बरसात में शरीर पर कई तरह के संक्रमण होते है। इसमें बच्चों को  फुंसी होना तो एक आम बात है।  इस बचाव के लिए नीम की पत्तियों का सेवन कर सकते है। 

३- मुँह की देखभाल के लिए सुबह सुबह नीम की ४ पत्तियां चबाना लाभ दायक है। इसकी पत्तियां चबानेसे मुँह की सफाई भी अच्छी तरह हो जाती है। 

४- नीम के पत्तों का अर्क दांतों  में ६ हफ्तों तक नियमित  लगाने से  फायदा होता है और दांत मज़बूत होते है। नीम बेक्टेरिया की संख्या कम करने में भी सहायक है जो की मुँह की दर्गन्ध का कारण बनते है। 

५- नीम का सेवन शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखता है। नीम में ऐसे अद्भुत रसायन होते हे जो  की  खून में शर्करा की मात्रा कंट्रोल करने में मदद करते है और खून में शर्करा की मात्रा को बढ़ने नहीं देते। 

६- नीम हमारे पाचनतंत्र में अल्सर को कम करने और जुवाणु को मारने में भी  सक्षम है। 

कड़वे नीम के फायदे :

बालों के लिए नीम का उपयोग :

१- बालों में रुसी  या अन्य कोई संक्रमण होने पर नीम के पत्तों का पेस्ट बनाकर बालों में अच्छी तरह से लगा कर आधे घंटे बाद धो लें। फिर बालों में नीम का तेल लगाते रहिये।  इससे आपकी रुसी की समस्यां दूर होगी यह प्रयोग आपके बालों का झड़ना भी कम करेगा। 

२- खील, मुहांसे दूर करें नीम और हल्दी के फायदे :

चहेरे  पर मुहांसे या  दाग की समस्यां  होने पर नीम के पत्तों को चबा - चबाकर खाएं साथ में इसका पेस्ट भी चहेरे पर लगा सकतें है। चहेरे को और भी  निखारने के लिए नीम के तेल में हल्दी मिलाकर लगाएं  और अच्छी तरह मलें इससे और भी फायदा होगा और चहेरे पर निखार आएगा। 

३- दांतों को स्वस्थ बनाए नीम के दातुन के फायदे :

दांतों को स्वस्थ  रखने के लिए रोजाना सुबह नीम की डालियों के दातुन से दंतमंजन करें इससे मुँह में जीवाणु का नाश होगा, दांतों में सड़न नहीं होगी, और इस से मुँह की दुर्गन्ध भी ख़त्म होगी। 

४- बुखार ठीक करें निम् की छाल और पत्ती के फायदे :

बुखार और वायरल इन्फ़ैकशन हो तो नीम के पत्ते  और नीम की छाल को साथ में पानी में उबालकर काढ़ा बनालें और दिन में ३ बार सेवन करें इससे आपका  बुखार ठीक होगा। बुखार में नीम के  पत्ते पानी में मिलाकर स्नान करने से भी बुखार जल्दी उतर जायेगा। 

५- त्वचा में फायदेमंद हे नीम :

चमड़ी अगर किसी भी कारण से जल जाए उस जगह ठंडा पानी डाल दें फिर नीम के पत्तियों का पेस्ट बनाकर लगा लें और उस पर साफ़ कपडा बाँध लें, थोड़ा सा रुझ आने पर नीम का तेल जले हुवे भाग पर लगाने से कोई इंफेकशन नहीं होगा। 

६- Chickenpox ठीक करें नीम के पत्ते के फायदे :

छोटी माता ( Chickenpox ) की समस्यां होने पर नीम की कुछ पत्तियों को अपने पास या अणि पॉकेट में रखने से असाधारण रूप से पीड़ित शख्स  ठीक होने लगता है। नीम की पत्ती का यह एक आश्चर्य जनक और रामबाण प्रयोग है। 

७- पीलिया ठीक करें नीम :

पीलिया होने पर किसी प्रकार की दवा से बहेतरिन हे नीम, नीम के पत्तों को पानी में उबाल कर  इस पानी को छानकर इसमें हल्दी और सौंठ मिलाकर सेवन करने से पीलिया जल्दी ही ठीक होगा। 

८- खांसी और दमा में नीम के फायदे :

९- खांसी और दमे में भी इसका ख़ास इलाज है नीम के तेल को खाने वाले पान में १० बून्द मिलाकर खाएं इससे फायदा होगा। 

१०- चर्म रोग, दाग , खाज में नीम के उपयोग के फायदे :

८- रेसिश, खुजली, दाग और खाज  होने पर नीम के ४०० ग्राम पत्तियों को २ लीटर पानी में उबालें और ठंडा होने पर नहाने के पानी में मिला कर नहाएं इससे बहोत जल्दी आपको इसके  फायदे देखने को मिलेंगे। अगर आपको इस जैसे कोई समस्या  नहि हे यानि चर्म रोग नहीं हे तो इस उपाय को करने से कभी चर्मरोग नहीं होगा। 

९ - पायरिया के इलाज में नीम के फायदे :

दांतों में पायरिआ हुवा हो तो मसूड़ों और दातों पे नीम के तेल से मसाज की जाए तो पायरिया से हमेंशा के लिए दूर होगा। 

१०- नीम के फायदे चेहरे के लिए :

हमारी त्वचा के लिए भी इसका बेहतरीन नुस्खा आयुर्वेद में बताया है।  बेदाग़ त्वचा के लिए नीम की पत्तियों को जला लें  और उसकी राख बना लें उस राख को वेसलीन में मिलाकर रातको सोते समय चहेरे पर लगाएं इस नुस्खे से खील और मुहांसे ख़त्म हो जायेंगे। 

११- पेट के कीड़े ख़त्म करें नीम :

पेट में कीड़े होने पर नीम के तेल को १ दिन छोड़कर एक दिन पिलायें नीम के तेल से सारे कीड़े मर जाते है। 

पेट  के दर्द में भी नीम का  उपाय हे १० ग्राम नीम के बीज, १० ग्राम तुलसी की पत्तियां, १० ग्राम सौंठ, १० दाने काली मिर्च में मिलाकर पीस लें और रोगी को ३ बार चटाएं पेट का दर्द ख़त्म हो जायेगा। 

१२- सिर मरण जूं से छुटकारा नीम :

सिर में जूं होने पर इसका कारन हे सिर की सफाई अगर सिर की सफाई अच्छी तरह न हो तो भी सिर में जूं हो सकती है। नीम के तेल को नहाने के २० मिनट पहले लगा लें फिर छोटी कंगी से जूं निकाल लें इस से जूं मरी हुवे निकलेंगी फिर बाल धो लें। 

१३- चहेरे के खिल- मुंहांसे दूर करे नीम के फायदे :

खून साफ नहीं हे तो चहेरे पर फोड़ें और  फुंसियां आती हे और  पिंपल का भी कारण बनते है  इसलिए खून साफ करना ज़रूरी हे, तो खून साफ करने के लिए हर रोज़ नीम के तेल की ५ बून्द ४५ दिनों तक लेने से खून साफ हो जायेगा और चहेरा आकर्षक दिखेगा। साथ ही चहेरे के चमक आएगी। 

तो आपने इस लेख में नीम के फायदे क्या है और कैसे हमें इसके उपयोग से कितने तरह के फायदे मिलते है इसके  जाना। तो आपको भी अपनी शारीरक समस्यां को दूर करने के लिए नीम का उपयोग  जरूर करना चाहिए। 

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आशा करता हूँ, बेशुमार हैं, नीम के फायदे, लाभ और उपयोग लेख आपको जरूर अच्छा लगा  होगा और आप भी नीम के  फायदे का उपयोग अपने दैनिक जीवन में जरूर करेंगे। 

यदि आप भी नीम के बारें में कोई उपयोगी जानकारी  रखते है या फिर इस लेख से संबंधित आपके मन में कुछ सवाल या सुझाव हो तो निचे कमैंट्स में हमें बता सकतें है। 

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