गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं?। How To Grow A Gulmohar Tree In Hindi।

गुलमोहर-का-पेड़-कैसे-लगाएं

गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं?।

गुलमोहर दुनिआ के कुछ सबसे खूबसूरत पेड़ में से एक है। गुलमोहर पुरे भारत वर्ष में आसानी से दिख जाते हे।  इसके साथ गुलमोहर नाइजीरिया, श्रीलंका, मेक्सिको, ऑस्ट्रलिया, तथा अमेरिका में भी पाया जाता है।

गुलमोहर के पेड़ बड़ी खासियत यह है के इसे किसी भी ख़ास प्रकार के वातावरण, मिट्टी और पानी की आवश्यकता नहीं होती। किसी भी प्रकार के जल, वायु में यह पेड़ आसानी से बढ़ते है। 

महीनों पानी न मिलने पर भी यह पेड़ नहीं मरते और  खारा पानी भी इस पौधे का कुछ बिगाड़ नहीं सकता। इस खूबसूरत  पौधे को आप अपने घरमें गमलें में भी लगा कर अपने घर की शोभा को बढ़ा सकतें है। 

देखभाल के लिए आपको इस पौधे को थोड़े थोड़े समय में कांटना और छांटना होता है। तो चलिए आज हम जानेंगे गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं? 

पीला गुलमोहर : Yellow gulmohar


गुलमोहर-का-पेड़-कैसे-लगाएं


गुलमोहर की जानकारी : Gulmohar Information In Hindi

गुलमोहर का वैज्ञानिक नाम Royal Poinciana है। मान्यता है के गुलमोहर को  सन १८४० में मेडागास्कर से मुंबई लाया गया। गुलमोहर की ३ प्रजाति पायी जाती है। जैसे लाल गुलमोहर, नारंगी गुलमोहर और पीला गुलमोहर।

इसके नाम की बात करें तो गुल का मतलब होता है फुल और मोर का मतलब होता है मोर यानि के पिककॉक।  गर्मियों में है गुलमोहर का पेड़ बहुत ही  खूबसूरत  दिखाई देता है। जैसे ही गर्मी आती हे वैसे आप इसकी खूबसूरती को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।  

गुलमोहर के पेड़ पर अप्रैल से जुलाई तक फूल खिलते है। यह खूबसूरत फूल गुच्छों में आते है। देखने में यह फूल बड़े आकार के तथा १० सेंटीमीटर तक होते है। यह फूल अपनी प्रजाति के हिसाब से लाल रंग के नारंगी या फिर पिले रंग के होते है। 

और जुलाई से सितम्बर तक इस पे फलियां आती है। गुलमोहर की फलियां आकार में ६० सेंटीमीटर लम्बी और ५ सेंटीमीटर चौड़ी होती है। शुरुवात में यह हरे रंग की तथा पूरी तरह तैयार होकर भूरे रंग की हो जाती है। 

इन फलियों में बीज होते है, यह बीज २ सेंटीमीटर के होते है तथा  इन बीजों का वजन  ०. ४ ग्राम तक होता है। इन बीजों को गुलमोहर का पेड़ उगाने के लिए उपयोग किया जाता है। 

तो आईये जानतें है आसानी से घर  पर आप भी गुलमोहर का पौधा कैसे लगाएं?

गुलमोहर की फलियां : Gulmohar Beans


गुलमोहर-का-पेड़-कैसे-लगाएं


गुलमोहर के बीज : Gulmohar Seeds:


गुलमोहर-का-पेड़-कैसे-लगाएं


गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं : How To Plant Gulmohar Tree In Hindi

गुलमोहर के पौधे  को बीजों से उगाने  पर ६ से ७ साल में इस पर फूल आना शुरू कर देते है। आप गुलमोहर के पेड़ को इसके बीजो तथा इसकी कलम ( Cutting ) से भी लगा सकतें है। गुलमोहर  सख्त होतें है इसलिए इसके बीजों से पौधे को लगाने से पहले इन बीजों को १ हफ्ते तक पानी में भिगो दें। इसके बाद आप इन बीजों को मिट्टी में जहाँ आप इसे लगाना चाहते है वहां इसे दबा दें। 

इसे  उगने के लिए लगभग ३  से ४ हफ़्तों का समय लगता है इस दौरान आप इन बीजों में रोजाना पानी डालकर इन बीजों में नमी बरक़रार रखें। ध्यान रखें के जब आप इन बीजों को लगाएं और उसमें से पौधा बहार निकले तब तक आपको इस पौधे को बिलकुल भी छेड़ना या छूना नहीं हे। 

बीजों को मिट्टी में लगाने के ३ से ४ हफ़्तों में  ही  पौधा  ज़मींन से  निकलना शुरू कर देता  है। बीजों के उगने तक बीजों में नमी बरकार रखें यानि आपको नियमित गीली  मिटटी रखने पे ध्यान देना है। पानी नियमित देना है। क्यों की इसके बीज काफी सख्त होते है।

गुलमोहर को बढ़ने में नमी और गर्मी चाहिए लेकिन जहाँ सुखी गर्मी हो या फिर रेगिस्तान जैसी जगह हो वहां पर भी  गुलमोहर अच्छी तरह से विकसित होता है। 

गुलमोहर के पेड़ को ज्यादातर बीजों से उगाया जाता है। और ये २० से २५ दिनों में बढ़ना शुरू कर देता है। इसे फेब्रुअरी से लेकर बारिश  के मौसम यानि जून तक कभी भी ऊगा सकतें है। लेकिन गर्मी में इसे कभी भी उगाया   जा सकता है। 

गुलमोहर को आप बोन्साई ( Bonsai ) भी बना सकते है। गुलमोहर गर्मी में काफी अच्छी तरह बढ़ता  है। और सर्दी का मौसम आते ही ये अपने सारे पत्ते गिरा देता है। तभी सिर्फ  इसकी शाखाएं दिखाई देती है। और फिर से यह फेब्रुअरी  में हरा  होना शुरू कर देता है। 

अगर आप इस पौधे को लगाने की सोचा रहें है या फिर आपने गुलमोहर का पौधा लगा दिया है।  तो ध्यान रखें की इसे छायेदार जगह या फिर नेट के निचे रक्खे।  सीधे सीधे सूर्य प्रकाश में रखने पर सूर्यकी गर्मी से यह नाजुक पौधा  सुख जायेगा। 

थोड़ा विकसित होने पर इसे कहीं भी लगाया जा सकता हे। यानि के पौधा नाज़ुक होने पर यह सीधा सूर्य प्रकाश  सहन नहीं कर सकता इसलिए आप इसे बड़ा कीजिये फिर चाहे जहाँ लगा सकते है। 

आपको इतना ध्यान देना हे, इसे लगाते वक़्त इसे चिकनी मिटटी में न लगाएं और गर्मी में इसे रोज़ाना पानी देते रहें। मगर ध्यान रहें पानी ज्यादा न हो क्यों की किसी भी पौधे के मरने में सबसे अधिक कारण  ज्यादा पानी की समस्या यानि ओवर वॉटरिंग ( Over Watering ) ही  होती है। 

जैसे ही अधिक पानी  समस्यां ( Over Watering )  हुई  वैसे ही इसकी पत्तियाँ पिली होना शुरू कर देती है। इसकी जड़ें गल जाती है और पौधा जल्दी ही मर जाता है। इसलिए आपको संतुलन बना के पानी देने पर ध्यान देना है।

और पढ़ें >>

 

खाद कितनी दें : How Much Fertilizer To Give:

गुलमोहर में २५ दिनों में खाद ( Fertilizer ) देना सही रहता है।  इसे अधिक खाद ( Fertilizer ) की जरुरत नहीं पड़ती। जब यह पूर्ण बड़ा हो गए तब इसमें खाद  की जरुरत होती। क्यों की इसे ( Flowering ) पुष्पण करनी होती है। तभी इसे जयादा जरुरत होती है। 

खाद ( Fertilizer ) देने का तरीका : Method Of Composting: In Hindi 

खाद ( Fertilizer ) देने का तरीका यह हे के आप जब किसी भी वृक्ष को खाद दे तब उसके चारो और ४ इन्च का गड्ढा करें उसके बाद इस गड्ढे में १ किलो खाद डालें उसके बाद उस गड्ढे को मिटटी से भर दें। इस तरह वृक्ष में खाद दे सकते है। 

पौधे की देखभाल : Plant Care 

अगर कभी गुलमोहर में कीड़े लग  जाएँ तो १ लीटर पानी में ५ ml नीम का तेल पानी में मिला कर उस पौधे पर छिड़काव  ( Spray )कीजिये। इस तरह लगातार २ दिनों तक इस मिश्रण का छिड़काव कीजिये। इससे कीड़े मर जायेंगे। खास कर आपको तापमान और पानी का ध्यान रखना है।

इस तरह आप आसानी से गुलमोहर के बीजो से गुलमोहर का पौधा या पेड़ लगाकर इसे अपने  आँगन की शोभा को बढ़ा सकतें है। 

गुलमोहर का पौधा कैसे लगाएं? से संबंधित  मैनें सभी सवालों के जवाब देने की इस लेख में कोशिश की है फिर भी आपके मन में कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमैंट्स जरूर करें। 

आपको यह लेख गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं? कैसा लगा हमें जरूर बताएं और यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे  शोशियल मीडिया Facebook, Instagram और Whatsapp पर जरूर शेयर करें। 

हमारे धरती के पेड़, पौधे, वनस्पति और जड़ी-बूटी की ऐसी ही रोचक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट Hindiplant से  जुड़े रहें।