चोपचीनी शक्तिशाली जड़ीबूटी के फायदे और जानकारी।

चोपचीनी शक्तिशाली जड़ीबूटी के रूप में कई वर्षों से उपयोग की जाती है। यह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी पायी और उपयोग की जाती है।

क्या आप जानते है भारतीय घरों में चोपचीनी का उपयोग मसाले के तौर पर और आयुर्वेद में औषधि के रूप में किया जाता है।

 चोपचीनी किसी शक्तिशाली जड़ी से कम नहीं। क्या आप  चोपचीनी के फायदे के बारें में जानते है। यदि आप  चोपचीनी के फायदे और उपयोग जानना चाहते तो आप बिलकुल सही जगह पर हो।

इस लेख में आप  चोपचीनी शक्तिशाली जड़ीबूटी के फायदे और जानकारी के बारें में विस्तार सेजानोगे तो चलिए बिना देरी के शुरू करते हैआज का विषय।

चोपचीनी शक्तिशाली जड़ीबूटी के फायदे और जानकारी।

 चोपचीनी की जानकारी और पहचान :

चोपचीनी क्या होती है?

चोपचीनी का लैटिन नाम Smilax China है। चोपचीनी का पौधा  एक तरह की बेल होती जो जमीन पर फूलती और फलती है। यह जापान, कोरिया, ताइवान में पायी जाती है।  भारत देश में चोपचीनी बंगाल और आसाम में पायी जाती है।

चोपचीनी के पत्ते की लंबाई ६ से १८ इंच तक होती  हैऔर इनका आकर नुकीला और अंडाकार  होता है। इसके फल का आकर गोल व डेढ़ इंच होता है। इसके फूल की बात करें तोयह गुच्छों में लगते है।

खास कर औषधि के रूप में चोपचीनी की जड़ का उपयोग किया जाता है। इसका सेवन आप १/२ ग्रामं से लेकर १ ग्राम तक कर सकतें है। तो आईये जानते है चोपचीनी किस काम आती है और फायदे।

और  जानिए >>

चोपचीनी के फायदे :

यूरिक एसिड में चोपचीनी चूर्ण के फायदे :

यदि आपके शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) की मात्रा बढ़ी  हुवी है तो उसे नियत्रित करने के लिए चोपचीनी के चूर्ण का उपयोग कर सकतें है।  चोपचीनी यूरिक एसिड की रामबाण दवा  के रूप में काम करती है।

इस प्रयोग को  करने के लिए चोपचीनी के चूर्ण को सुबह शाम पानी  के साथ कुछ दिनों तक सेवन करने से आपके शरीर में बढ़ी हुवी यूरिक एसिड की मात्रा नियंत्रित करने में फायदा होता है।

या फिर आप चोपचीनी, गिलोय चूर्ण, मेथी दाना और अर्जुन के पेड़ की छाल इन सभी की ५० ग्राम की मात्रा में लेकर पीस लें और इस चूर्ण की डेढ़ से २ ग्राम की मात्रा का प्रतिदिन सेवन करें तो भी यूरिक एसिड में लाभ होता है।

अस्थमा में लाभकारी है चोपचीनी जड़ी बूटियां :

चोपचीनी का काढ़ा बनाकर प्रतिदिन पिने से अस्थमा में लाभ मिलता है।

वात-पित्त दूर करें चोपचीनी :

चोपचीनी के चूर्ण का सेवन वात और पित्त जैसे रोग का भी निदान करता है।

स्वप्न दोष में चोपचीनी के फायदे :

चोपचीनी के चूर्ण की २ ग्राम मात्रा को मिश्री और गाय के घी में मिलाकर सेवन करने से स्वप्न दोष सबंधित साडी परेशानी दूर होती है।

घुटनो के दर्द में चोपचीनी के फायदे :

चोपचीनी और गावज बांध का काढ़ा बनाकर घुटनों पर मालिश करने से घुटनों का दर्द और गठिया रोग में फायदा होता है।

चोपचीनी के और भी कई स्वास्थ लाभ है। इस औषधि के बारें में कितना कहें उतना कम होगा क्यों की यह अत्यंत उपयोगी तथा शक्तिशाली जड़ी बूटी है।

धातु रोग में चोपचीनी हे फायदेमंद :

चोपचीनी, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, सौंठ, मोचरम, सोंफ आदि का समान मात्रा में चूर्ण बनाकर रात्रि  समय दूध के साथ इस चूर्ण १ की ग्राम मात्रा को  प्रतिदिन सेवन करने से धातु दुर्बलता दूर होती है।

आम तौर पर इसे शक्तिशाली जड़ी बूटी कहना ही सही रहेगा क्यों की इसका अधिक उपयोग ज्यादातर शारीरिक शक्तिवर्धक औषधि के रूप में  किया जाता है।

जानने योग्य विषय >>

तो दोस्तों, ये थे कुछ चोपचीनी के फायदे और लाभ इस लेख में आपने चोपचीनी के बारें में बहोत कुछ जाना। मेने इस  लेख में चोपचीनी के  विषय में आसान शब्दों में जानकारी दी है।

आपको भी  इस लेख के संबन्धित कोई जानकारी हो या आपके मन में चोपचीनी के बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो इसे कमैंट्स के माध्यम से जरूर बताएं। ताकि आपकी उपयोगी जानकारी जरुरत मांडो तक पहुचें।

आशा करता हु, चोपचीनी शक्तिशाली जड़ीबूटी के फायदे और जानकारी आपको पसंद आयी हो इसे अपने दोस्तों,  तथा रिश्तेदारों के साथ अन्य शोशियल मीडिया Facebook और Whtsapp पर जरूर शेयर करें।

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