किसी चमत्कार से कम नहीं धतूरा के लाभ एवं उपयोग।

किसी चमत्कार से कम नहीं धतूरा के लाभ एवं उपयोग।


 किसी चमत्कार से कम नहीं धतूरा के लाभ एवं उपयोग।

धतुरा के लाभ क्या हो सकते है। क्या आप जानते है। धतूरा एक जंगली फल है। भगवान शिव के चरणों में अर्पण होने वाला धतूरा किसी चमत्कार से कम बिलकुल भी नहीं। 

जी हाँ, आपने बिलकुल सही पढ़ा है। जैसे हमारी प्रकृति ने हमेंजड़ी - बूटी, वनस्पति, और पेड़ - पौधों के रूप में अमूल्य चीजे प्रदान की है उनमें से एक धतूरा भी है। 

वैसे तो धतूरा एक जंगली और झहरीला फल है और इसे पशु - पक्षी भी नहीं खाते मगर धतूरा किसी महा औषधि से कम नहीं। धतूरे का उपयोग बहोत सारी आयुर्वेदिक औषधोइ बनाने में किया जाता है। 

आपको धतूरा के लाभ और उपयोग के बारें में जानकारी नहीं।  तो यह लेख आपको जरूर चौंका देगा। इस लेख में आप धतूरे के जानकारी के साथ इसके लाभ और उपयोग के बारें में विस्तार से जानोंगे। तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते है आज का महत्व पूर्ण लेख। 

और जानिए >>

धतूरा की जानकारी :

धतूरा का वैज्ञानिक नाम Stamonium है। यह एक जंगली और झहरीला पौधा है। इसके कांटेदार फलों की वजह से इसे आसानीसे पहचाना जाता है। इसकी ३ प्रजाति पायी जाती है। 

१) सफ़ेद धतूरा ( सफ़ेद धतूरा के पौधे में सफ़ेद रंग के फूल पाए जाते है। )

२) काला धतूरा ( काले धतूरा के पौधे में जिसमें जामली गहरे  फूल लगते हैऔर तना काल अलगता है।  )

३) पीला धतूरा ( इस पर पिले रंग के फूल लगते है )

इन तीनो ही रंग के धतूरे के बाटे करें तो इन सभी के औषधीय गुण एक सामान है। इसलिए इन तीनो का ही औषधीय  उपयोग में  लिया जाता है। 

धतूरा आसानीसे कहीं पर भी देखा जाता है। इसे गर्मियों में अधिक बढ़ता  है क्यों की इसे अधिक  पानी आवश्यकता नहीं होती। 

धतूरे के पौधे को घरों में भी आसानी से उगाया आ सकता है और यह आसानी से उग भी जाता है। इसे किसी खास वातावरण या मिटटी की आवश्यकता नहीं होती। 

आईये जानते है धतूरा का उपयोग आप किस तरह किन - किन बिमारियों में करके रोगों को दूर कर सकते है। 

धतूरा के लाभ एवं उपयोग :

धतूरे का तेल भी बनाया जाता है।  यह तेल गंजापन, जुंएं और एयर में होनेवाली खुजली को ददर करता है। आईये जानते है धतूरे का तेल घर पर आसानीसे किस तरह बनाया जाता है। 

धतूरा का तेल बनाने की विधि :

धतूरे के पत्तों का रस निकलकर उसमें उतनी ही मात्रा में सरसों का तेल मिलाकर उसे खूब  उबालें जब तक इस मिश्रण में से पानी पूरी  जाएँ। जब पानीपुरी तरह से जल जाएँ तब इसे छान लें और एक बॉटल में भर लें। आपका धतूरे का तेल तैयार है। 

धतूरे के बीज खाने से क्या फायदा होता है?

सिर दर्द में लाभकारी है धतूरे के बीज। 

सर दर्द की समस्यां दूर करने के लिए सुबह में उठ कर धतूरे के ३ से ४ बीज गुनगुने पानी से साथ लेने से सभी प्रकार की सिर दर्द की समस्यां ख़त्म हो जाती है। 

गठिया रोग में फ़ायदेमंद धतूरा उपाय :

धतूरा के पंचांग का रस यानि के धतूरे के पत्ते, फूल. फल, जड़, तना सभी का रस निकालकर तिल के तेल में जब  तक इसका रस पूरी तरह जल न जाएँ तब तक गर्म करें।  ठंडा होने के बाद तेल को रख लें। 

इस तेल का उपयोग गठिया जैसे रोग या जोड़ों पर लगाकर मालिश करने से फायदा होता है। यह तेल खुखी खुजली में भी औषधि का काम करती है। 

बुखार को दूर भगाएं धतूरा के फायदे :

बुखार को दूर करने के लिए धतूरे के बीज की जलाकर भस्म बनलें इस भस्म को १५०० मिली ग्राम तक शहद में मिलाकर रोगी को दी जाए तो यह बुखार दूर करता है। इस प्रयोग से पुराने से पुराने बुखार में भी लाभ होता है। 

सुजन दूर करें धतूरा के पत्ते :

शरीर पर सूजन हुवी हो उस भाग पर धतूरे के पत्ते को गर्म करके बाँधने से सूजन दूर होती है। यह प्रयोग महिलाएं स्तनों पर भी सकती है यह प्रयोग बहोत रामबाण औषधि  काम करती है। 

सभी  प्रकार की सूजन की समस्यां में धतूरे के पत्तों को पीसकर उसमें शिलाजीत मिलाकर लगानेसे भी सूजन  दूर होती है। 

धतूरे का बीज का तेल के फायदे : धतूरा आयल बेनिफिट्स

धतूरे के बीज का तेल पैरों के तलवो पर लगाकर से स्तंभन शक्ति में बढ़ोतरी होती है। 

बिच्छू के काटने पर धतूरा का उपयोग :

बिच्छू काटी जगह पर धतूरे के पत्तों को पीसकर लगाने से उसके प्रभाव से आयी सूजन, दर्द , जहर तुरंत ठीक होने लगता है। 

धतूरे की जड़ के फायदे :

मिर्गी के दौरे में धतूरे की जड़ बहोत उत्तम औषधि का काम करती है। मिर्गी आने पर धतूरे  की जड़ को रोगी को सुंघाने मात्र से ही लाभ होता है और रोगी तुरंत ठीक हो जाता है। 

महिलाओं के बार बार गर्भपात होने की  समस्यां होने पर  धतूरे की जड़ को कमर पर बांधने से बार बार गिरनाला गर्भ की समस्यां दूर होती है इस प्रयोग से गर्भ रुक जाता है। 

बवासीर की समयँ होने पर भी धतूरा की जड़ को  कमर पर बाँधने से भी यह समस्यां दूर होती है। धतूरे की जड़ को लाल धागे में बांध कर उपयोग करना चाहिए। 

क्या धतूरा जहर है?

हाँ धतूरा एक जंगली और जहरीला फल है। परंतु यह एक अति उत्तम महा औषधि भी है। यदि इसका सही जानकारी से सही उपयोग किया जाए तो उस किसी चमत्कार से कम नहीं। इसका उपयोग हमेशा सही जानकारी से डॉक्टर या वैध के देखरेख  में ही करना चाहिए। 

धतूरे के नुकसान :

धतूरे एक जंगली और जलहरीला फल है इसलिए धतूरे की जानकारी के बिना धतूरे का सेवन बिना किसी डॉक्टर वया वैघ की देखरेख के बगैर बिलकुल नहीं करना चाहिए। नहीं तो यह आपको नुकसान दायक हो सकता है। 

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इस लेख में आपको मैंने धतूरा के बारें में विस्तार से जानकारी देने की  कोशिश की है। यदि इस लेख से सम्बंधित  कोई सवाल या  तो निचे कमैंट्स  में हमें जरूर बताएं। 

आपने इस लेख में जाना जंगली और जहरीला फल धतूरा किसी चमत्कार से कम नहीं। क्योक की जंगली और जहरीला होने  के  बावजूद यह एक महा औषधि है। जिसका सही जानकारी और उपयोग से हमें हमारी कई तरह की शारीरक बिमारियों में लाभ  होता है। 

मुझे उम्मीद है इस  लेख में दी गयी धतूरे की जानकारी आपको अच्छी और उपयोगी लगी होगी। यदि आपको यह लेख धतूरा के लाभ एवं उपयोग अच्छा लगा हो अन्य शोशल मीडिया Facebook और  Whatsapp पर जरूर  शेयर करें। 

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