अमृत समान सहजन ( मोरिंगा ) के घरेलू उपचार, फायदे और उपयोग।


अमृत समान सहजन ( मोरिंगा ) के घरेलू उपचार, फायदे और उपयोग।

हम सभी के घर में सहजन को सब्जी के रूप में खाया जाता है। इसलिए इसके कुछ फायदे के बारें में भी आप जानते ही होंगे। सहजन के घरेलु उपचार में भी उपयोग करना हमारे घर के  बड़े और  बुजुर्ग अच्छी तरह से जानते थे। 

इसी कारण इसकी फलियों को हम सभी के घरों में सब्जी के रुप में पसंद किया जाता है। मगर क्या आप जानते है। सहजन के पत्ते, फूल, फलियां, छाल सभी का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है । अमृत समान सहजन में अनेक प्रकार के रोग ठीक करने की क्षमता है। 

यदि आप सहजन को सब्जी के रूप में उपयोग करते है मगर आपको इसके बारें में और इसके औषधीय गुण के बारे में उपयुक्त जानकारी नहीं तो यह लेख आपके लिए बहोत उपयोगी  होने वाला है। 

आपको इस लेख को पढ़ने के बाद सहजन के बारें में बहोत कुछ ऐसी उपयोगी और फायदेमंद जानकारी प्राप्त होगी जो आपको अभी तक नहीं थी और यह जानकारी आपको आगे चलकर कभी न  उपयोगी होगी। 

तो चलिए आज का विषय शुरू करते है बिना किसी देरी के  अमृत समान सहजन के घरेलू उपचार फायदे और उपयोग। 

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सहजन की जानकारी और पहचान :

सहजन का वैज्ञानिक नाम Moringa oleifera है। सहजन को मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है। इसका वृक्ष माध्यम आकार का होता है। 

सहजन के फूल सफ़ेद रंग के व पत्तियां हरे रंग की होती है। इसकी फलियां हरे रंग की होती है। जो कड़वी और मीठी दोनों प्रकार की पायी जाती है। मगर इसकी कड़वी प्रजाति मीठी प्रजाति से अधिक पायी जाती है। 

इसकी लकड़ी नाजुक किस्म की होती है। जब अक्सर सहजन के पेड़ पर फलियां लगती है उस समय इसकी डालियाँ टूट जाती है। 

सहजन की मीठी प्रजाति अधिक उपयोग की जाती है। इसकी फलियों और पत्तिओं में गजब के औषधीय गुण पाए जाते है। 

इसकी फलियों का उपयोग सब्जी बनाने में किया जाता है। कई प्रदेशों में इसकी पत्तिओं को सब्जी के रूप में भी सेवन किया जाता है।  

सहजन की पत्तियों में केल्सियम, विटामिन, प्रोटीन, पोटेशियम, आयरन, मैग्नेशियम, विटामिन बी कॉम्पेक्स अत्यधिक मात्रा में आया जाता है। जो हमारे स्वास्थ के लिए बहोत ही फ़ायदेमंद है।

सहजन की फलियां, पट्टी, छाल सभी में अत्यधिक औषधीय गुण पाए जाते है। जिसका उपयोग घरेलु उपचार में भी किया जा सकता है। 

तो आईये जानते  किस तरह घरेलू उपचार में सहजन का उपयोग किन -किन शारीरक समस्यांओं को दूर करने में किया जा सकता है। 

सहजन के फायदे और उपयोग :

सर्दी में उपयोगी है सहजन ट्री बेनिफिट्स :

सर्दी होने पर इसकी पत्तियों और फलियों को पानी में उबालकर इसकी भाप लेने से बंद नाक  खुलती है और सर्दी में आराम मिलता है। 

बच्चों में सहजन का सेवन भरूर पोषण देता है और कु पोषण  को दूर करता है। 

इसका नियमित सेवन अनीमिया को दूर करता है। 

सहजन का सेवन करने से स्तनपान कराने वाली महिलाओं और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ ठीक रहता है। 

इसका सेवन शरीर  प्रदान करता है तथा स्वास्थ में भी सुधार करता है। 

यदि कब्ज की  छुटकारा पाना हो तो सहजन का नियमित रूप से सेवन करना फ़ायदेमंद होता है। 

इसमें भरपूर मात्रा में आया जाने वाला फायबर पाचनतंत्र को मज़बूत करता है। जिस कारण पेट सम्बन्धी समस्यां दूर होती है। 

इसमें पाया जानेवाला कैल्शियम हड्डियों से जुडी  समस्याओं को भी दूर करता है। 

इसका सेवन  गठिया जैसी समस्याओं में फ़ायदेमंद है। 

यह आँखों और मष्तिष्क को पोषण प्रदान करता है। और हमारे शरीर की रोगप्रारिकारक क्षमता को भी बढ़ता है। 

सहजन का उपयोग :

सहजन के सेवन से किसी भी प्रकार का नुकसान तथा साइड इफ़ेक्ट न होने के कारण इसे कई तरह से उपयोग किया जा सकता है। 

१)  सहजन की फलियों और पत्तिओं को सब्जी के रूप में सेवन किया जा सकता है। 

२) इसकी पत्तिओं का रस निकाल कर पिया जा सकता है। 

३) इसकी पत्तियों का चूर्ण बनाकर पानी में मिलाकर या फिर खानें में छिड़ककर उपयोग किया जा सकता है। 

४) सहजन की पत्तियों या फलियों को आणि में उबालकर काढ़े के रूप में भी पीया जा सकता है। 

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तो देखा आपने सहजन के घरेलू उपचार से हम किस तरह  हमारी सेहत में सुद्धार कर सकते है। साथ ही इसके फायदे को उपयोग करके हैं कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं को भी दूर कर सकतें है। 

आशा करता हूँ इस लेख में आपको दी गयी सहजन की जानकारी अच्छी और उपयोगी लगी होगी। यदि यह लेख अमृत समान सहजन के घरेलू उपचार, फायदे और उपयोग आपको अच्छा लगा हो तो इसे अन्य सोशल मीडिया Facebook और Whatsapp पर जरूर शेयर करें। 

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