सदाबहार फूल के अनगिनत फायदे, नुकसान और उपयोग।

सदाबहार फूल के अनगिनत फायदे, नुकसान और उपयोग।

सदाबहार फूल के अनगिनत फायदे, नुकसान और उपयोग। 

सदाबहार फूल तो सभी अपने आस - पास देखतें आये है। सदाबहार को बारमासि, नयनतारा और कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। क्या आप जानते है इसे सदाबहार नाम से क्यों जाना जाता है। 

यदि नहीं जानते तो आपको बतादूँ इस पौधे पर पुरे साल फूल लगते है। इस लिए इसे सदाबहार नाम से जाना जाता है। इसके अलावा आयुर्वेद में भी सदाबहार के घरेलू उपचार के विशेष औषधिय महत्त्व बताये है। 

हमारे कई रोगों के लिए सदाबहार के औषधीय फायदे आयुर्वेद में बताये है। साथ ही हमारी कई शारीरिक समस्यां को दूर करने में भी सदाबहार का उपयोग बताया है। सदाबहार पौधे के फायदे तो कई है, मगर इसके नुकसान बहोत कम है। 

तो आज के इस लेख में हम इसी सदाबहार के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। तो बिना देरी किये शुरू करते है, आज का हमारा विषय सदाबहार फूल के अनगिनत फायदे, नुकसान और उपयोग। 

सदाबहार की जानकारी :


सदाबहार फूल का वैज्ञानिक नाम Catharanthus है। भारत में यह हर कहीं देखा जा सकता है। ख़ास कर यह आपको बाग़, बगीचों में, घर आँगन  तथा सड़क के किनारे आसानी से देखा जा सकता है। 

यह एक सदाबाहरी पौधा हे क्यों की इस पर साल के बारह महीने फूल लगते है। इसे लिए इसे सदाबहार या बारमासी नाम से जाना जाता है। 

यह पौधा छोटे आकर का तथा  झाड़ी नुमा  होता है। इस के फूल में पांच पंखुड़ी होती है। इस फूलों का रंग सफ़ेद, गुलाबी और बैंगनी होता है। 

सदाबहार पेड़ के पत्ते हरे रंग के मोटे, चिकने, चमकीले तथा अंडाकार होते है। 

आईये जानते है, सदाबहार के फूल खाने के फायदे क्या है। इसके साथ किन किन बिमारियों में इनका उपयोग  किस तरह से कर सकतें है। 

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सदाबहार के आयुर्वेदिक औषधीय गुण :


सदाबहार के पौधे में कैंसर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मानसिक विकार,बवासीर, मधुमखी के डंख में, घांव, फोड़े फुंसी, मुँह की दुर्गन्ध, मुँह की दुर्गन्ध आदि रोगों  है। 

सदाबहार के फायदे और उपयोग : Benefits and Uses of Sadabahar in hindi :

सदाबाहर पौधे के कई सारे फायदे आयुर्वेद में मौजूद है। को आके स्वास्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। आईये जानते है इनके बारें में 

१) मधुमेह में फायदेमंद है सदाबहार के फूल का प्रयोग : How to Use Sadabahar Plant for Diabetes in Hindi?

सदाबाहर का पौधा मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण औषधि का काम करता है। यदि आपका शुगर लेवल बढ़ दया है और आप इसे नियंत्रण में लाना चाहते है तो इस प्रयोग को आ आजमा कर देख सकतें है। 

इसके लिए आप आधे कप गरम पानी में सदाबहार के ३ से ४  ताज़ा और कोमल  फूल को ५ से १० मिनट भिगो कर फूल निकालकर  इस पानी को सुबह में खली पेट सेवन करने से मधुमेह के रोगिओं की शर्करा की मात्रा कम होती है। इस प्रयोग को १० से १२ दिनों तक नियमित करने से मधुमेह में फायदा होता है। 

सदाबहार के फूल और पत्ते ४ की मात्रा में लेकर सुबह खालीपेट चबाकर आधा कप ऊपर से पानी पिने से भी मधुमेह में फायदा होता है। सदाबहार के  ३ से ४ पत्ते चबाकर इनका रस चूसने से भी मधुमेह में लाभ पहुँचता है। 

२) बालों के लिए सदबहारके फायदे : Sadabahar Flower for Hair in Hindi :

बालों के लिए सदाबाहर की पत्तियां बहोत फायदेमंद होती  है। बालों की समस्यां के लिए इसकी पत्तियों को पीसकर आधा चम्मच रस नारियल के तेल में मिलाकर सिर की त्वचा ( scalp ) पर मसाज करने से डेंड्रफ की समस्यां ख़त्म होती है और बाल भी काले होते है। 

३) सदाबहार से बवासीर का इलाज :


बवासीर की समस्यां होने पर इसके कुछ फूल और पत्तियों को पीस कर सोने से पहले बवासीर पर लगाने से इस परेशानी से छुटकारा  मिलता है। 

४) मधुमखी के डंख में राहत देते है सदाबहार फूल वाले पौधे :


मधुमखी ता फिर ततैया के डंख के दर्द में इसके फूल और पत्तियों का रस लगाने से भी दर्द कम होता है और बहोत जल्दी आराम मिलता है। 

५) शरीर के घांव में सदाबहार पौधे के फायदे :


शरीर पर किसी भी परकार की चोट और घांव पर इसकी पत्तिओं और फूल के रस को लगाने से घांव जल्दी सूखने लगता है। 

शरीर पर घांव होने पर सदाबहार के पौधे को तोड़ने पर जो दूध निकलता है, उस दूध को लगाने से संक्रमण से बचाव होता है। इस प्रयोग से घांव भी जल्दी सूखने लगता है। 

६) एलर्जी और खुजली दूर करें सदाबहार के पत्ते :


शरीर पर एलर्जी में इसकी पत्तियों का रस लगाने से लाभ होता है। 

७) फोड़े, फुंसी में (सदाबहार) बारहमासी पत्तियों के फायदे : Sadabahar Flower for Skin in Hindi :


शरीर पर फोड़े, फुंसी की समस्यां को दूर करने के लिए इसकी पत्तिओं के रस को दूध में मिलाकर लागने से फायदा  होता है। 

८) खील, मुंहांसे दूर करने के लिए सदाबहार के फूलों को चेहरे पर कैसे लगाया जाता है?


सदाबहार के फूल और पत्तियों का रस खील और मुंहासे पर लगाने से यह समस्यां  दिनों में दूर होने लगती है। 

इसकी पत्तियों और फूल को थोड़ा पानी मिलाकर इसका लेप तैयार करके मुहांसो पर लगाने से भी फायदा होता है। 

९) उच्च रक्तचाप में चमत्कारिक औषधि है सदाबहार की जड़ का उपयोग :


सदाबहार की जड़ को सुबह में चबाकर खाने से, या फिर इसकी जड़ को चबाकर इसका रस पिने से उच्च रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।  

सदाबहार के नुकसान :


वैसे तो आयुर्वेद में सदाबहार के पत्ते खाने के नुकसान के बारें में कोई विशेष जानकारी नहीं है। परंतु सभी औषधियों के कुछ फायदे होते है तो कुछ नुकसान भी होते है। 

वैसे ही सदाबहार का अधिक उपयोग करने से इसमें मौजूद तत्व आपके शुगर लेवल को कम कर सकता है। जिससे आपके स्वास्थ क नुक्सान हो सकता है। इसीलिए यदि आप इसका उपयोग करना चाहते है तो किसी उचित व्यक्ति या डॉक्टर की सलाह ले कर ही करें। या इसका अधिक उपयोग करने से बचें। 

किसी भी प्रकार की औषधियों का उसकी एक सीमा के अंदर ही उपयोग करना चाहिए। यदि आपको इसकी उचित जानकारी नहि है तो इनका उपयोग करने से पहले किसी डॉक्टर या वैध की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए। 


तो देखा आपने हमारे आस पास आसानी से उपलब्ध होने वाले तथा सामान्य पेड़ पौधे हमारे लिए कितने उपयोगी होते है। 

इसी के संबंधित हम ने आज सदाबहार के फायदे के बारें में जाना। साथ ही हमने  हमारी कई शारीरिक परेशानी में फायदेमंद है सदाबहार का उपयोग के बारें में भी जानकारी प्राप्त की। 

आशा करता हूँ, आपको यह लेख सदाबहार फूल के अनगिनत फायदे, नुकसान और उपयोग से उपयोगी जानकारी मिली होगी। यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे सोशल मीडिया Facebook और Whatsapp पर जरूर शेयर करें। 

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Diaclaimer :

इस लेख में दी गई जानकारी आप के ज्ञान के लिए है। आप किसी भी प्रकार के इलाज या उपचार में इसका प्रयोग न करें। बेहतर इलाज के लिए आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।