कदम पेड़ की जानकारी, फायदे और औधधिय गुण।

कदम पेड़ की जानकारी, फायदे और औषधीय गुण।


भारत में रहने वाले  सभी को कदम पेड़ की जानकारी ज़रूर होगी। क्यों की हिन्दू धर्म अनुसार कदम वृक्ष ( kadam tree ) भगवान श्री कृष्ण को अधिक प्रिय है। इस कारण से यह वृक्ष  हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व रखता है। 


भारत में कई पेड़ पौधे ऐसे हैं जिन्हे धार्मिक मान्यता अनुसार विशेष महत्त्व दिया गया है। उनमें से ही एक हे कदम का पेड़। अधिकतर लोग इसे इतना ही जानते है और अधिकतर लोग कदम का पेड़ के फायदे और औषधीय गुण को नहीं जानते। 


कदम के पेड़ कहीं भी आसानी से मिल जाते है। इसलिए आपको कदम खाने के फायदे क्या है ? और किस तरह किन किन बिमारियों में आप कदम का उपयोग करके इनसे लाभ उठा सकतें है है जानना जरुरी है। 


इसलिए इस लेख में आपको  कदम पेड़ की जानकारी, फायदे और औषधीय गुण के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त होगी। 


कदम वृक्ष की यह जानकारी आपको आगे चलकर कभी न भी उपयोगी होगी। तो फिर देरी न करते हुवे शुरू करते है हमारा आज का महत्त्वपूर्ण विषय जो आधारित है कदम पेड़ के विषय में। 

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कदम पेड़ की जानकारी :  


कदम के पेड़ का वैज्ञानिक नाम Anthocephalus cadamba है। खासकर जंगल में तो यह मिलता ही  है। इसे सजावट के हेतु बाग़, बगीचों तथा सड़क के किनारे लगाया जाता है। 


कदम के पेड़ की पहचान करना आसान है। इसलिए आपको इस पेड़ की जानकारी की होना जरुरी है। 


आपके मन में यदि ये सवाल हो के कदम का पेड़ कैसा होता है ? तो आपको बतादूँ कदम का पेड़ १० से २० फिट तक ऊँचा होता है। इसके पत्ते हरे रंग के और आकार में बड़े होते हैं। 


यह पत्ते ऊपर से चिकने और निचे से खुदरे होते है। इनमें से कुछ पत्ते बड़े आकार में तो  कुछ छोटे आकार में भी देखे जा सकते है। कदम की टहनियों की बात करें तो यह दूसरे पेड़ों के मुकाबले कुछ कमज़ोर होती है। 


कदम के पेड़ पर फल कब आते है?


कदम के फूल देखने में सुन्दर और कुछ गेंद जैसे दिखाई देते है। यह फूल बाद में फल बन जाते है। बारिश के मौसम में कदम के पेड़ पर नए फल आने लगते हैं। 


जो हरे रंग के होते हैं तथा गेंद की तरह  गोल आकर के होते हैं। यह फल  वर्षा ऋतू  के अंत तक पकने लगते हैं। तब तक यह फल  बिल्कुल पीले रंग के हो जाते हैं। 


कदम पके हुए फलों को खाया भी जा सकता है। यह फल स्वाद में कुछ खट्टे और कड़वे होते है। यह बहुत ही पौष्टिक भी होते हैं। आयुर्वेद में  इसके पेड़ की छाल का भी औषधीय प्रयोग किया जाता है।  इसकी छाल का तना चिकना होता है। अन्य क्षेत्रो में कदम को अलग - अलग नामों से जाना जाता है।  जैसे की ... 


कदम के पेड़ के अन्य भाषाओँ में नाम :


हिंदी - कदम, कदम्ब

English - Kadam

संस्कृत - नीप, प्रियक, कदम्ब, वृत्तपुष्प, हलिप्रिय

गुजरती  - कदम्ब, कदम्बा

मराठी - कदम्ब, कलम्ब

बंगाली - कदम, कलम्ब, बोलकदम 

नेपाली - कदम 

ओरिआ - कदम्बो , नीपो

कन्नड़  - कडुवे, कदावली

तेलुगु - कदंबमु , तुद्रा

तमिल - वेल्लाकदम्ब

मलयालम - अट्टुट्टेक्का, कटम्पु


कदंब के पेड़ के फायदे :


कदम का पेड़ के फायदे कई सारे रोगों में आश्चर्यजनक लाभ करते है। यह सभी प्रकार के चर्म रोगों को दूर करते  है, इसका उपयोग उत्तम कीटनाशक के रूप में भी होता है. 


कदम का पेड़ सभी प्रकार के दाद, खाज, खुजली, तथा नए और पुराने घाव, एलर्जी की समस्या, साइनस की समस्या, शारीरिक कमजोरी, धातु रोग, महिलाओं और पुरुषों के रोग, डायबिटीज और  मोटापा  या  भूख ना लगने की समस्या आदि बीमारियों को दूर करता है। 


कदम के पेड़ के औषधीय गुण और उपयोग :


मुँह के रोगों में कदम ट्री बेनिफिट्स :


मुँह के रोगों की परेशानी में कदम के पेड़ के ३ से ४  पत्तों को पानी में तब तक उबालें जब तक की पानी आधा न रहे जाये इस पानी को उतारकर  इस  पानी से गरारे करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। 


तथा दांतों के रोग में भी यह प्रयोग  लाभकारी होता है।  इससे  दांतों का हिलना, दांतों में दर्द तथा मसूड़ों से खून आने की समस्या दूर होती है। 


शरीर से विषैले पदार्थ बहार निकाले कदम के औषधीय गुण :


कदम के औषधीय गुण हमारे शरीर से विषैले पदार्थ बहार निकालने में मदद करते है। यह सभी प्रकार की एलर्जी दूर करता है। कदम का सेवन करने से शरीर के अंदर जितने भी बेकार टॉक्सिन होते हैं वह बाहर निकलने लगते है। 


हम जो  फल और सब्जियां खाते हैं या  फिर  बाहर का खाना खाते हैं उसमें जो हानिकारक केमिकल होते हैं वह हमारे शरीर में इखट्टा हो जाते हैं। यह हानिकारक  पदार्थ कदम के उपयोग से दूर होते है। 


यदि हमारे शरीर में किसी प्रकार से कोई भी विषैले तत्व इकट्ठा हो गए हैं तो उनको निकालने के लिए कदम का  काढ़ा बनाकर प्रयोग कर सकते हैं। इसका काढ़ा बनाने के लिए कदम के पत्ते, पके हुए फल और इसकी छाल इन तीनों को  पानी में उबालें और जब यह पानी एक चौथाई  बचे तब इस को उतारकर रख लें और  इसका सेवन करें।  इसे  प्रयोग से एलर्जी की समस्या बिल्कुल ठीक होती है। 


मूत्र सम्बन्धी विकार में कदम खाने के फायदे:


मूत्र संबंधी विकार जैसे पथरी, रुक रुक कर पेशाब आना, पेशाब करते समय जलन का होना जैसी सभी समस्याओं में कदम का  उप्योग  विशेष लाभ देता है। 


इसके लिए कदम के फूल, फल और छाल का चूर्ण बनाकर ३  से ४  ग्राम की मात्रा में रोज सुबह - शाम पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है। 


या फिर वेदारी कंद, कदम की छाल और  कदम के पके हुए फल  इन सभी को बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर सुबह - शाम सेवन करने से भी मूत्र सम्बन्धी  समस्याएं दूर होती हैं। 


खांसी दूर करता है कदम ट्री के उसेस :


खांसी होने पर कदम की छाल का काढ़ा बनाकर सुबह - शाम पीने से पुरानी से पुरानी खांसी भी दूर हो जाती है।


गर्भवती महिलाओं  का दूध बढ़ाये कदम ट्री बेनिफिट्स : 


जिन माताओं को दूध की कमी के कारण अपने शिशुओं को स्तनपान नहीं करा पाती उनके लिए कदम का वृक्ष एक वरदान है और इसके उपयोग से  तुरंत फायदा होता है। 


इसके लिए कदम  के  फलों का सेवन करना चाहिए। इसके फलों को सुखाकर या ताजा फलों को थोड़ी थोड़ी मात्रा में सेवन करना चाहिए। 


या इसके फलों को छाया में सुखाकर और उसमें शतावरी का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है। दूध  बढ़ाने में  यह  बहुत ही अच्छी औषधि है कदम और शतावरी के इस चूर्ण को एक चम्मच रोज सुबह दूध में मिलाकर सेवन करने से दूध की कमी वाली समस्या दूर हो जाती है। 


शारीरक कमजोरी दूर करें कदम फल के फायदे :


कदम के फल  हमारे  शरीर के लिए  बहुत ही पौष्टिक होते हैं। शरीर की कमजोरी और दुबलापन दूर करने के लिए कदम का उपयोग किया जाता है। इसके फलों का सेवन करने से शारीरिक  कमजोरी दूर होती है। 


दर्द और सूजन में फायदेमंद है कदम के पत्ते के फायदे :


पैरों की सूजन, चोट,  दर्द तथा पुराने से पुराने घाव को ठीक करने के लिए कदम के पत्ते बहुत ही अच्छा लाभ  करते है। इसके पत्तों को पीसकर दर्द वाले स्थान पर लेप करने से लाभ मिलते हैं। 


पुराने घावों को भरने के लिए भी कदम का उपयोग  किया जाता है यह  घावों को भी जल्दी भरता है। 


पाचन शक्ति बढ़ाने में लाभकारी है कदम चूर्ण के फायदे :


पाचन शक्ति कमजोर  होने पर कदम के फलों का चूर्ण बनाकर सेवन करें।  यह चूर्ण आपकी भूख को बढ़ाता है, पाचन शक्ति को दुरुस्त करता है,  तथा संग्रहणी जैसे रोग में भी लाभकारी है।  


चर्म रोगों से छुटकारा दिलाता है कदम का उपयोग :


चर्म रोग जैसे दाद, खाज, खुजली, पुराने घाव इन सभी में कदम के पत्तों को पीसकर लेप करने से यह सभी रोग ठीक हो जाते हैं। इसके पत्तों के अंदर कीटाणु नाशक गुण होते हैं। 


इसीलिए कदम का प्रयोग  घावों को  भरता है और इससे सभी प्रकार के चर्म रोग और  दर्द ठीक हो जाते है। 


नीम के पत्ते बबूल के पत्ते और कदम के पत्ते इन तीनों को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीसकर पेस्ट बनाकर चर्म रोगों पर लेप करके ३ से ४ घंटो तक रखें।  इस प्रयोग को  नियमित करने से कुछ ही दिनों में आपके सभी प्रकार के चर्म रोग दाद खाज खुजली हो जाएगी। 


श्वेत प्रदर की परेशानी दूर करें कदम का उपयोग :


श्वेत प्रदर की समस्या में कदम की छाल का काढ़ा बनाकर रोजाना  सेवन करने से प्रदर की समस्या ठीक हो जाती है। 


दस्त में लाभकारी है कदम फ्रूट :


अतिसार या दस्तों की समस्या में कदम के फलों का सेवन करने से बहोत जल्दी  लाभ मिलता है। 


बुखार दूर करता है कदम का पौधा :


कदम की छाल का काढ़ा बनाकर १५  से २०  ऍम अल की मात्रा में पिलाने से बुखार उतर जाता है। 


और जानिए >>


आशा करता हु आपको इस लेख के माधयम से  कदम पेड़ की जानकारी अच्छी तरह से जानने को  मिली होगी। साथ ही आपने जाना साधारण देखनेवाले कदम  के फायदे हमारे लिए कितने उपयोगी और फायदेमंद है। 


इसी के साथ आपने  कदम खाने के फायदे के बारें में भी जाना। आशा करता हूँ आपको कदम पेड़ के औषधीय गुण और इसके फायदे  के साथ साथ कदम ट्री का उपयोग और लाभ के बारें में लिखा यह लेख अच्छा लगा होगा। 


यदि आपका कदम पेड़ से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो  निचे कमैंट्स में हमें जरूर बताएं। यदि आपको यह लेख  कदम पेड़ की जानकारी, फायदे और औषधीय गुण अच्छा और उपयोगी लगा हो तो इसे दूसरों के साथ सोशल मीडिया Facebook और Whatsapp पर जरूर शेयर करें। हमारी धरती की ऐसी ही रोचक वनस्पति के बारें में जानने के लिए पर यहॉ Hindi Plant  पर क्लिक करें।