जंगली प्याज की जानकारी लाभ और फायदे।

जंगली प्याज की जानकारी लाभ और फायदे।


जंगली प्याज एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी - बूटी है, जो अधिकतर जंगल क्षेत्रों में पायी जाती है। आम तौर पर आप यह जानते ही है की प्याज का उपयोग खाने में किया जाता है। मगर यह जंगली प्याज आम प्याज की तरह न होकर कुछ ख़ास है। 
जंगली प्याज के बारे में जानकारी अधिकतर लोगों के पास नहीं है। देखने में यह भी आम प्याज की तरह दिखती है। मगर इसको साधारण प्याज की तरह खाया नहीं जाता, पर इस जंगली प्याज का चमत्कार कुछ खास और कई लाभ हैं। 
इस जंगली प्याज का उपयोग दवाइयों के रूप में किया जाता है। यह शायद आप न जानते हो। आप यह भी नही जानते होंगें की इस जंगली प्याज़ का किन किन बीमारियों को ठीक करने के लिए, किस तरह से उपयोग किया जाता है। इसके साथ आपको जंगली प्याज के औषधीय गुण के बारे में भी जानकारी  न  हो।
इसलिए मेने सोचा क्यों न आपको इस लेख के माध्यम से जंगली प्याज नाम की भी कोई चीज होती है, जो की हमारे लिए बहोत फायदेमंद है, यह जानकारी दूँ। साथ ही जंगली प्याज के लाभ और फायदे क्या है, इस बारें में भी आपको परिचित करूँ। तो फिर देरी किस बात की चलिए शुरू करते है। हमारा आज का विषय जंगली प्याज की जानकारी, लाभ और फायदे। 
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जंगली प्याज की पहचान :

जंगली प्याज का  वैज्ञानिक नाम Urginea indica है। जंगली प्याज का उपयोग दवाइयों के रूप में किया जाता है। जून-जुलाई में पहली वर्षा के पड़ते ही यह देखने को मिल जाती है। ज्यांगली प्याज आम प्याज के समान ही दीखने वाला पौधा है। शायद इसीलिए ही इसका नाम जंगली प्याज  रखा गया होगा। 
जंगली प्याज के कंद सफेद प्याज की तरह ही होते है। इसकी पत्तियों का उपयोग सब्जी के रूप में भी  किया जाता है। यह  शुद्ध प्राकृतिक और अपने आप उगने वाली वनस्पति होने के कारण इसकी सब्जी स्वाद में बहुत अच्छी और स्वादिष्ट लगती है। 
जंगली प्याज का पौधा  रासायनिक और कीटनाशक दवाइयों के प्रभाव से सदा मुक्त रहने वाला पौधा है। इसकी सब्जी का सेवन करने से डिप्रेशन से राहत मिलती है, और यह  मानसिक तनाव को भी  कम करती है। आयुर्वेद में कई रोगों को ठीक करने के लिए अधिकतर इसके कंद का प्रयोग किया जाता है। 
जंगली प्याज के अन्य भाषाओँ में नाम :
English - Indian squill 
हिंदी - वन कांदा, जंगली प्याज
गुजरती - जंगली कांदो, पाण कंदो
संस्कृत - कोलकन्द, वनपलांडु
मराठी - रानकांदा, कोलकांदा 
बंगाली - कांदा, जंगली प्याज 
नेपाली - वनप्याज 
पंजाबी - फाफोर
उर्दू - जंगली प्याज 
तमिल - नारी वेंगायम 
तेलुगु - अडवितेला गड्डा, नकावल्लीगड्डा 
कन्नड़ - अडविरिरुल्ली
मलयालम - कट्टुल्ली 

जंगली प्याज की जानकारी :

जंगली प्याज का पौधा भारत में पथरीली जमीन, जलाशयों के आसपास और  लाल मिट्टी वाली जगह पर देखने को मिलता है।  आम तौर पर यह पौधा बारिश के मौसम में उग आता है, और साल के अंत तक दिखाई देता है। 
जंगली प्याज के पत्ते मोटे और लंबे आकर के होते हैं। इसके फल मध्यम और गोल आकार के होते हैं।  उनके अंदर लगभग छह से नौ बीज निकलते हैं। यह बीज काले रंग के और चपटे आकर के होते है। इसके कंद की बात करें तो यह दिखने में सफ़ेद रंग का और प्याज की तरह ही दीखता है। 
जंगली प्याज का सेवन करने से पहले इसका शोधन किया जाता है। यदि बिना शोधन के इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह हानि करता है इसलिए किसी वैध की देखरेख में इसका शोधन किया जाना चाहिए इसके बाद  है सेवन करें। 

जंगली प्याज के लाभ और फायदे :

घुटने के दर्द में जंगली प्याज़ का उपयोग :

घुटने और कमर दर्द में इसका कंद रामबाण दवा का काम करता है। इसका उपयोग करने के लिए  जंगली प्याज के  १ से २ कंद को लें और इनको २५० ग्राम सरसों के तेल में छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर इस  तेल में मिलाकर तब तक गर्म करते रहे जब तक के तेल आधे भाग में  रह जाए। फिर इसे उतारकर छान लें, और कांच की बोतल में भरकर रखें लें। इस तेल को जिस भाग में दर्द हो रहा हो वहां लगाएं या मालिश करें ऐसा करने से दर्द कम होना प्रारंभ हो जाता है। 

त्वचा की समस्यां में जंगली प्याज़ का उपयोग :

त्वचा संबंधित विकारों में जंगली प्याज का बहुत अधिक इस्तेमाल किया जाता है। यह सभी प्रकार के रोगों को दूर करता है। इस प्रयोग को करने के लिए जंगली प्याज को पीसकर पीड़ित स्थान पर लगा दें, तो कुछ ही दिनों में दाद, खाज, खुजली तथा त्वचा के समस्त चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। 

पेट सम्बन्धी रोगों में जंगली प्याज़ का उपयोग :

जंगली प्याज की हरी भरी पत्तियों की सब्जी बना कर खाने से पेट संबंधी रोगों से सदा के लिए  मुक्ति मिल जाती है।  इस की पत्तियों का सब्जी के रूप में सेवन करने से यह स्वादिष्ट तो लगती ही है साथ ही यह हमारे शरीर को पोषक तत्व प्रदान ककरती हैं और पाचन शक्ति को भी  बढ़ाती है। 

चोट में जंगली प्याज़ का उपयोग :

चोट, मोच और सूजन से चुकारा पाने के लिए इसके कंद का पेस्ट बना कर दर्द वाली जगह पर लेप करने से दर्द ठीक हो जाता है। 

पीलिया रोग में जंगली प्याज़ का उपयोग :

पीलिया होने परइसका  काढ़ा बनाकर पीने से पीलिया रोग बहुत ही जल्दी ठीक हो जाता है। 

पेट के रोग में जंगली प्याज़ का उपयोग :

जंगली आज का काढ़ा बनाकर पीने से पेट के कीड़े एवं पेट संबंधी रोग ठीक होते हैं। 

जंगली प्याज का तेल बनाने का तरीका :

जंगली प्याज का तेल बनाने के लिए इसके प्याज को पीसकर इसका का रस निकाल लीजिए। यदि १ लीटर निकाला है  तो उसमें  २५० ग्राम तिल का तेल या फिर महुआ तेल इन दोनों में से किसी भी तेल को लेकर इस रस में मिला कर इसको तब तक  गर्म  कीजिए जतक यह रास जल जाए और सिर्फ इसमें तेल ही बचें।इस तेल को उतारकर छानकर रख लें। अब आपका तेल तैयार है। 
यह तेल दर्द नाशक है इसके उपयोग से  जोड़ों का दर्द, साइटिका का दर्द और यह सभी प्रकार के दर्द को दूर करता है तथा यह तेल छोटे - मोठे चर्म रोग भी दूर कर देता है। 

जंगली प्याज़ के नुकसान :

जंगली प्याज़ का अधिकतर सेवन करना नुकसान दायक हो सकता है। इसलिए इसका उपयोग करने से पहले अपने वैध और डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए। इसके उपयोग की जानकारी के आभाव से मृत्यु भी हो सकती है। 
जंगली प्याज के और भी कई उपयोग है मगर इसे वैद्य की देखरेख में ही करना चाहिए। तो इस लेख में आपको मैनें जंगली प्याज की जानकारी के साथ इसके लाभ और फायदों के बारें में जानकारी दी। 
मुझे उम्मीद हे इस लेख के माध्यम से आपको जंगली प्याज के बारें में उपयोगी जानकारी मिली। यदि आपके मन में इस लेख से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो निचे कमैंट्स में जरूर बताएं। 
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