अमूल्य चंदन की पहचान, फायदे और उपयोग।

अमूल्य चंदन की पहचान, फायदे और उपयोग। 

भारत देश में चंदन को लगभग हर कोई जानता है। क्यों की चंदन का उपयोग पूजा - पाठ आदि में किया जाता है। चंदन की लकड़ी कई प्रकार की होती है। परन्तु कुछ ही चन्दन की लकड़ी का प्रयोग पूजा पाठ आदि में किया जाता है। भारत देश में कई देवताओं को ख़ास कर चंदन से ही पूजा जाता है। 

इसी लिए इस चंदन की थोड़ी बहोत जानकारी तो सभी को होगी। मगर चंदन को एक जड़ी - बूटी के रूप में भी इस्तमाल किया जाता है। 

चंदन के कई औषधीय फायदे और उपयोग हमारे आयुर्वेद में बताये है। जिनका उपयोग हमारे रोगों से लड़ने के लिए किया जा सकता है। क्या आपको इसकी जानकारी है? यदि नहीं तो आप सही जगह पर हो। 

क्यों की इस लेख में हम इसी के बारें में (Chandan benefits in hindi ) विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। तो चलिए शुरू करते हे आज का महत्वपूर्ण विषय अमूल्य चंदन की पहचान, फायदे और उपयोग। 

और जानिए >>

चंदन पेड़ की पहचान। 


चंदन का वानस्पतिक नाम Santalum album है। चंदन के पेड़ की ऊंचाई २० मीटर तक होती है। 

इसके पत्ते  मुलायम, हरे रंग के तथा अंडाकार आकार के होते है। 

चंदन के फूल की कोई सुगंध नहीं होती तथा यह भूरे और बैंगनी रंग के होते है। 

चंदन  के फल बैंगनी रंग के गोल आकर के और हरेभरे ( मांसल ) होते है। 

चंदन के बीज अंडाकार या गोलाकार और सख्त होते है। 

चंदन के पेड़ की लकड़ी मूल्यवान होती है। जैसे जैसे इसकी उम्र बढ़ती है वैसे इसकी सुगंध भी बढ़ती रहती है। सभी चंदन की लकड़ियों में भारतीय  चंदन की लकड़ी अधिक उच्च गुणवत्ता वाली मानी जाती है।

चन्दन के एड को पूरी तरह से बढ़मे में १० से १२ वर्ष का समय लगता है। इसकी छाल भूरे, लाल, या भूरे काले रंग की होती है। 

चंदन पेड़ की जानकारी :


चंदन के वृक्ष भारत के कई प्रदेशों में पाए जाते है, परंतु अधिकतर यह कर्नाटक के जंगलों में पाए जाते है। चंदन की लकड़ी का उपयोग पूजा पाठ के अलावा अगरबत्ती बनाने में, इत्र बनाने में, और महंगे नकाशीदार लकड़ी की वस्तएं बनाने में किया जाता है। 

विश्व में सबसे उच्च कोटि का चंदन भारत में पाया जाता है। यह पे जितना पुराना होता जाता है उसकी लकड़ी की खुशबू  इतनी तेज होती जाती है।   

चंदन की लकड़ी ही नहीं बल्कि इसके तेल का भी अनेक रोगों के उपचार में औषधीय उपयोग किया जाता है।  तो आईये जानते है किस तरह से और किन - किन समस्यां में हम चंदन के औषधीय गुणों का लाभ उठा सकतें है। 

चंदन के फायदे और उपयोग :


चंदन की तासीर ठंडी होती है। चंदन का तेल एक एंटीसेप्टिक और एंटीवायरस एजेंट की तरह काम करता है। चंदन का तेल  एक एंटी एजिंग के रूप में भी काम करता है। 

चंदन का उपयोग जल जाने पर, कट जाने पर, घांव होने पर,  सूजन या वायरल इंफेक्शन के लिए काफी उपयोगी है। चंदन के तेल की कुछ बूंदों को सूंघने से मानसिक शांति मिलती है और थकान दूर होती है। साथ ही एकाग्रता बढ़ती है। 

कैमिला का तेल के साथ चंदन के तेल को मिलाकर सिर पर मालिश करने से डिप्रेशन से बाहर आने में मदद मिलती है। 

उच्च रक्तचाप के मरीजों को चंदन के तेल की तीन से चार बूंदे दूध में मिलाकर नियमित पीने से आराम मिलता है। 

चंदन की तासीर ठंडी होने के कारण लू लगने पर  काली मिर्च के साथ चंदन का सेवन फायदा पहुंचाता है। माथे पर चंदन का तेल लगाने से मन मस्तिष्क शांत और शक्ल बना रहता है। 

चेहरे पर चंदन लगाने के फायदे :


आयुर्वेद में त्वचा की सुंदरता के लिए भी चंदन के उपयोग बताए गए हैं। चंदन का तेल एक एंटी एजिंग के रूप में काम करता है। किसी भी बॉडी लोशन या फिर नारियल के तेल में चंदन के तेल की तीन चार बंदे मिलाएं और रोजाना मसाज करें। 

एक चम्मच मिल्क पाउडर में चंदन के तेल की ९  से १०  बूंदें डालें और गुलाब जल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं इस पेस्ट को चेहरे पर १५  से २० मिनट के लिए लगाई और ठंडे पानी से धो लें। 

स्किन के लिए आधा चम्मच चंदन पाउडर, आधा चम्मच टमाटर प्यू,री और आधा चम्मच मुल्तानी मिट्टी लेकर इन्हें गुलाब जल के साथ मिलाकर १५  मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें फिर ठंडे पानी से मुंह धो ले। 

चंदन फेस पैक लगाने का तरीका :


चेहरे पर खील, मुहासे की परेशानी में एक चम्मच चंदन पाउडर, एक चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़ा सा कपूर पाउडर लेकर पानी के साथ मिलाकर इसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को १५ से २० मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं और फिर ठंडे पानी से धो लें। इससे खील, मुहांसे दूर होते है। 

पसीने की बदबू  दूर करें चंदन के उपयोग:


रोजाना नहाने के बाद चंदन के तेल की कुछ बूंदों से बदन पर मसाज करने से पसीने की बदबू दूर होती है। 

गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान है चंदन :


आयुर्वेद के अनुसार गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए चंदन वरदान स्वरुप है। चंदन के तेल को लेवेंडर ऑइल में मिलाकर मसाज करने से गर्भावस्था के दौरान हुवे स्ट्रेच मार्क्स कम होते है। 

गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को  हाथों पैरों में जलन होती है। इसके लिए चंदन के पाउडर में गुलाब जल मिलाकर तलवों पर लगाकर मसाज करने से फायदा होता है।  

चंदन के तेल का रात को सोते समय सिर पर मसाज करने से अच्छी नींद आती है।  


एक सुगंधित प्राकृतिक लकड़ी है जिसका उपयोग बहुत ही पुराने समय से आयुर्वेदिक के उपचार के लिए किया जाता है इसके अलावा भारत में पूजा-पाठ में भी इसका उपयोग करते हैं


सिर दर्द में चंदन के फायदे :


सिर दर्द को दूर करने के लिए चंदन के पाउडर में तुलसी के कुछ पत्तों को मिलाकर पेस्ट बना कर  इस पेस्ट को माथे पर लगाने से सिर दर्द से आराम मिलता है। 

दांतों में चंदन का उपयोग :


चंदन का तेल हमारे दांतो के दर्द को दूर करने उत्तम औषधि माना जाता है। चंदन के तेल में ऐसे प्राकृतिक पाए जाते हैं दांतो के दर्द को दूर करने के साथ मसूड़ों को मजबूत बनाए रखने की क्षमता प्रदान करते हैं इसलिए ज्यादातर दांतों में इसका उपयोग किया जाता है। 


खुजली में चंदन के उपयोग :


शरीर के किसी भाग पर खुजली होने पर चंदन पाउडर में हल्दी और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर लगाने से खुजली कम होती है। 

शरीर पर घांव में चंदन के फायदे :


चंदन में कीटाणु नाशक विशेषता होने की वजह से यह हर्बल एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है। इसलिए चंदन का उपयोग छोटे घांव को भी ठीक करने में लाभकारी होता है। 

पाचन सहक्ति बढ़ाता है चंदन के फायदे :


चंदन का तेल, पाउडर लकड़ी आदि किसी भी रूप में चंदन का उपयोग करने से पाचन क्रिया संतुलित बानी रहती है। यह पाचन क्रिया के साथ पाचन शक्ति को भी बढ़ता है। 

त्वचा सुन्दर बनाने में चंदन का उपयोग :


खील,  मुंहासे और दाग धब्बे को दूर करने में चंदन का उपयोग काफी असरदार औषधि के रूप में किया जाता है।चेहरे पर चंदन का लेप लगाने से चेहरा साफ होता है, यह खील, मुंहासे को दूर कर त्वचा को सुंदर मुलायम और चमकदार बनाता है। 

बहुत से लोगों की त्वचा ऑयली होती है, जो कि विभिन्न प्रकार की त्वचा इंफेक्शन का कारण बनती है और साथ ही साथ मुंहासे होने का भी एक मुख्य कारण ऑइली स्किन होना माना जाता है। इससे बचने के लिए आप चंदन पाउडर का उपयोग कर सकते हैं। 

शरीर के दर्द में चंदन के फायदे :


मांस पेशियों के दर्द में चंदन उत्तम औषधि के रूप में काम करता है। यह तंत्रिकाओं मांस पेशियों और रक्त वाहिकाओं को आराम प्रदान करने में मदद करता है। चंदन का तेल मांस पेशियों की संकुचन और धन से भी बचाता है। जिससे मांसपेशियों के दर्द में आराम मिलता है। 
आशा करता हूँ, आपको इस लेख के माधयम से  अमूल्य चंदन की पहचान अच्छी तरह से जानने को  मिली होगी। साथ ही आपने जाना चंदन के फायदे  हमारे लिए कितने उपयोगी और फायदेमंद है। 

मुझे उम्मीद है आपको चंदन पेड़ के औषधीय गुण और इसके फायदे  के साथ साथ चंदन का उपयोग और लाभ के बारें में लिखा यह लेख अच्छा लगा होगा। 

यदि आपका चंदन पेड़ से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो  निचे कमैंट्स में हमें जरूर बताएं। यदि आपको यह लेख  अमूल्य चंदन की पहचान, फायदे और उपयोग अच्छा लगा हो और इस लेख से कुछ जानने मिला हो। 

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