जामुन की जानकारी, फायदे और औषधीय गुण।

जामुन तो सभी ने देखे हे, और सभी ने खाये भी होंगे। तो आपको जामुन की जानकारी देने के लिए  बतादूँ जामुन २ प्रकार में पाए जाते है। सफ़ेद जामुन और काले जामुन। मगर आज के इस लेख में हम काले जामुन के बारें में जानेंगे। रसीले और स्वादिष्ट लगने वाले जामुन के फायदे हमारे लिए वरदान स्वरुप है।

जामुन हमारे लिए सेहत का भण्डार है। यह भले ही दिखने में छोटे हो, मगर इसके गुण की बात करें तो सामान्य देखने वाले  यह जामुन हमारे लिए आयुर्वेद का खजाना है। जामुन खाने के फायदे हमारे शरीर और सेहत के लिए बहोत फायदेमंद है। जामुन के औषधीय गुण का उपयोग करके हम हमारी सेहत को रोगमुक्त बना सकते है।

काले जामुन के बारे में थोड़ी बहोत जानकारी तो सभी जानते होंगे। इसलिए मेंने सोचा की क्यों ना आपको औषधीय खजाना रखने वाले काले जामुन के बारें में विस्तार से जानकारी दूँ। जिसका उपयोग करके साल में कुछ ही समय मिलने वाले जामुन से आप इसके लाभ उठा सकें। तो चलिए बिना देरी किये शुरू करते हैं, हमारा आज का विषय जामुन की जानकारी, फायदे और औषधीय गुण।

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जामुन की जानकारी :

काले जामुन का वानस्पतिक नाम Syzygium cumini है। जामुन का पेड़ एक सदाबहार पेड़ है।  यह आप को  कहीं पर भी आसानी से मिल जायेगा। जामुन का पेड़ आकर में विशाल होता है। यह  लगभग ७०  से ८०  फीट ऊंचा और ७  से ८ फीट मोटा होता है।

जामुन के पेड़ की पत्ती का आकार कैसा होता है?

जामुन की पत्तियों की लंबाई ३  से ५ इंच होती है।  दिखने में यह नोकीली और चमकदार होती हैं। जिनकी चौड़ाई  १  से 3 इंच तक हो सकती है।

जामुन का पेड़ बहोत मज़बूत किस्म का होता है। क्यों की आंधी और तूफ़ान भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ पाते। तेज़ हवा चलने पर आसानी से यह गिरता नहीं है । इसीलिए कई जगह पर दूसरे पेड़ों की रक्षा करने के लिए जामुन के पेड़ों को लगाया जाता है। यह भारत में बड़ा आसानी से मिलने वाला पेड़ है जो भारत के हर क्षेत्र में अलग-अलग नाम से जाना जाता है।  जैसे की….

अन्य भाषा में जामुन के नाम :

हिंदी – बड़ी जामुन, फड़ेना, फलेन्द्र, राजजामुन;

English – Black plum, Jambul Tree

संस्कृत – फलेन्द्रा, राजजम्बू, महाफला, सुरभिपत्रा, महाजम्बू, जम्बू;

गुजरती – जाम्बु, झम्बूडी

मराठी – जाम्बूल, जामन, राजाजाम्बूल

बंगाली – जाम, कालाजाम

पंजाबी – जामूल

नेपाली – कालो जामुन

उर्दू – जामन

मलयालम – नवल, पेरीनरल

आसाम – जमू

तेलुगु – नीरेडु, जम्बूवू

तमिल – नवल,सम्बल

ओरिआ – जामो, भूतोजामो

कोंकणी – जम्बोल

कन्नड़ – जम्बुनेराले, नराला

जामुन की पहचान :

अन्य पेड़ों की तरह जामुन के पेड़ (जामुन tree) पर चढ़ पाना मुश्किल होता है। इसकी वजह इसके तने की चिकनाहट होती है। दूसरे पेड़ों की तरह इसकी छाल खुरदरी ना होकर चिकनी होती है। इसके पत्ते दिखने में छोटे लम्बे आकर के और हरे होते है। जामुन के फल गुच्छों में लगते है यह फल कच्ची अवस्था में हरे, थोड़े पकने पर बैंगनी रंग के और पूरी तरह से पकने पर काले रंग के हो जाते है। पूरी तरह पकने पर ये अपने आप गिरने लगते है।

जामुन के फल गर्मिओं में लगते है। यह हमारे लिए बहोत फादेमंद होते है। इस के फल ही नहीं बल्कि इसकी गुठलियां भी हमारे लिए औषधीय खजाना है। इसका उपयोग आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में किया जाता है। हम इस फल का उपयोग घरेलु उपचार में भी आसानी से कर सकते हैं।

जामुन के फल साल में लगभग १ महीने तक गर्मी में ही प्राप्त होते है। मगर इसकी गुठलियों को इकट्ठा करके आप इसके औषधीय गुणों का फायदा ले सकते हो। क्यों की जामुन की गुठलियां भी हमारे लिए बहोत फायदेमंद होती है।

काले जामुन के फल में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन,  कार्बोहाइड्रेड, फाइबर, पाया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार यह मधुर तथा गर्म प्रकृति का होता है, यह  श्वास, सूजन, थकान और अतिशार का नाश करता है।

जानने योग्य विषय :

जामुन के फायदे : Uses of जामुन in Hindi

जामुन के फल के साथ – साथ  जामुन की छाल और जामुन के पत्तें भी हमारे लिए बहोत फायदेमंद होते है। आयुर्वेद में उपयोगी जामुन के  पेड़ की छाल, पत्तियां और फल और इस फल  के अंदर का बीज यह सभी चीजें हमारे शरीर के कई सारे रोगों का उपचार कर सकती हैं।

नेत्र विकार में जामुन के फायदे :

नेत्र विकार के तथा आंखों का आना-जाना जैसी  परेशानी में  जामुन की पत्तियां हमें बहुत ही लाभकारी हैं। इस प्रयोग को करने के लिए  आपको पांच से छह पत्तियां जामुन के पेड़ की लेनी है। इसके बाद आपको १०० ml तक पानी लेना है और पानी में पत्तियां डालकर आपको तब तक उसको उबालना  है जब तक की  यह २५  ml तक रह जाये।  इसके बाद अपनी आंखों को इस पानी से धोना है। इससे आपका जो आंखों का सूजन आना है और आंखो का दुखना है वह खत्म हो जाएगा और आंखों की लाली भी चली जाएगी।

दांतों में जामुन के फायदे :

दांतों से संबंधित कोई रोग है, या फिर आप के मसूड़े कमजोर हैं तो दांतो के रोगों में भी यह बहुत लाभकारी है।  इस प्रयोग को करने के  लिए जामुन की कुछ पत्तियों को जलाकर राख बना लेनि है।  इस राख को अपनी उंगली से अपने दांतो पर रगड़ना है।  इससे आप के मसूड़े मजबूत होंगे और दांतों  मैं भी मजबूती आएगी। दांतों  का दुखना और दांत से खून आना जैसी सारी परेशानी दूर हो जाएगी।

मुँह के छालों में जामुन के फायदे :

मुँह के छालों में इसका रामबाण इलाज है। इस प्रयोग को करने के लिए, जामुन की कोमल पत्तिओं को जो लाल रंग की होती है। इनको तोड़कर  दोनों हाथों के बीच में रगड़ कर पानी में डालकर इस पानी से कोल्ला करें।  इस  से आपके मुंह के छालें बिल्कुल ठीक हो जाएंगे और आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे।

पथरी  में जामुन के फायदे :

पथरी के रोगों में भी जामुन  की पत्तियां बहुत लाभकारी है। इस प्रयोग को करने के लिए  जामुन के ५  से १०  छोटी पत्ति को पीसकर उनका  चूर्ण बनाकर उसे काले नमक के साथ दिन में २ बार लेने से  पथरी है पेशाब के रास्ते से निकल जाएगी।

उलटी के लिए जामुन का उपयोग :

जामुन बेवजह आ रही उल्टी से भी बचाता है। इस प्रयोग को करने के लिए लगभग १०  से १५  जामुन की छोटी पत्तियों को  लगभग ३००  मिलीलीटर पानी में उबालने के बाद जब  उसका चौथा हिस्सा रह जाए तब उसे ठंडा करके पी लें। इससे  बेवजह उल्टी आने की परेशानी बंद हो जाएगी। इससे मुंह अच्छा रहेगा और अच्छा महसूस होगा।

बवासीर में जामुन का उपयोग :

जामुन का खूनी बवासीर में भी बहुत लाभकारी है। इसके लिए दो प्रयोग  बताये है।  यह दोनों ही उपयोग कर सकते हैं। जामुन के वृक्ष के  कोमल  नए पत्ते हैं उनका रास निकल कर  शक्कर के साथ दिन में चार बार लेने से  खूनी पाइल्स की समस्यां  खत्म हो जाएगी।
बवासीर में जामुन का दूसरा प्रयोग करने के लिए  जामुन के ५ से १० ग्राम  पत्ते  लगभग डेढ़ सौ ग्राम दूध में उबाल लें। इस तरह उबालकर दिन में चार बार लेने से  खूनी बवासीर से बिल्कुल छुटकारा पा सकते हैं। यह सौ परसेंट इलाज है ना कोई ऑपरेशन है ना एलोपेथी दवा है।

बिच्छू के काटने पर जामुन का उपयोग :

बिच्छू के काटने पर भी यह बहुत लाभकारी है। इस प्रयोग लिए आपको  जामुन के पत्तों का रस बिच्छू के काटने वाली जगह पर लगाइए।  इससे बिच्छू का कांटा है वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा।

ज्यादा पसीना आने पर जामुन का उपयोग :

यदि आप ज्यादा पसीना आने की समस्यां से परेशां है तो आप जामुन के पत्ते को नहाने के  गर्म पानी में डाल कर नहाए इससे आपका ज्यादा पसीना आने की बीमारी है वो  दूर होती है, और पसीना बिल्कुल कम आने लगता है।

दस्त की समस्यां में जामुन का उपयोग :

दस्त सम्बन्धी परेशानी में जामुन बहुत लाभकारी है। दस्त में लगभग पांच से छह जामुन की नयी कोमल पत्तियां  को लेकर उसमें सेंधा नमक के साथ पीस लें। फिर उनकी छोटी-छोटी गोलियां बना कर सुबह के समय में सेवन करें इससे आपको राहत मिलेगी और दस्त बिल्कुल ठीक हो जाएंगे।

कान के बहने में जामुन का उपयोग :

यदि कान बह रहा है तो उसमें भी जामुन बहुत लाभकारी है। इस परेशानी में  जामुन के पत्तों को पीसकर उसका रस निकालकर इस रस में दो चार बंदे शहद मिलाकर कान में डाला जाए तो कान का बहना ठीक हो जाएगा।

खुनी दस्त में जामुन का उपयोग :

जामुन का पेड़ खूनी दस्त में बहोत है। इस परेशानी में जामुन के पत्तिओं का रस निकालकर और नियमित रोजाना दिन में लगभग तीन बार पिने से खूनी दस्त की समस्यां बिल्कुल दूर हो जाएगी।

जामुन के फल  हमारे लीवर की समस्या को दूर करने के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं।  हमारे गलत खानपान से लीवर सम्बन्धी परेशानी होना बहुत ही सामान्य बात है। बहुत से ऐसे मामले होते हैं  जिनमें हमारा लीवर अच्छे से काम नहीं करता। ऐसी समस्यां में आप जामुन खा कर अपनी लीवर कीसमस्यां दूर कर सकते हैं।

लिवर की परेशानी में जामुन का उपयोग :

लिवर सम्बन्धी परेशानी में आप जामुन का रस पी भी सकते हैं।  या फिर सुबह शाम जामुन खा सकते हैं इससे आपके लीवर की समस्या जड़ से खत्म होगी।

अधिक प्यास में जामुन का उपयोग :

अधिक प्यास लगने की परेशानी में या फिर जिन्हे बार बार पानी पीने का मन होता है व फिर होंठ सूखते हैं उन्हें जामुन के पत्तों का रस निकाल कर पिने से  बहुत लाभ होगा और अधिक प्यास अग्नि की परेशानी  छुटकारा मिलेगा।

मधु मेह में जामुन की गुठली के फायदे :

मधुमेह की परेशानी में जामुन की गुठली बहोत ही फादेमंद होती है। इस प्रयोग को करने के लिए जामुन की गुठली को धूप में सुखा कर उसका पाउडर तैयार कर लीजिए। सुबह शाम इस पाउडर का सेवन एक चम्मच करें। आप इस पाउडर को गर्म पानी के साथ ले सकते हैं। ऐसा करने से आपकी मधुमेह की परेशानी जड़ से खत्म हो जाएगी और आपको किसी भी तरह की दवा लेने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं पड़ेगी।

जामुन की छाल का फायदा :

आपका पेट सही नहीं रहता आपका खाना अच्छे से नहीं पचता या फिर आपके पेट में दर्द रहता है। इसमें आप जामुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीजिये  इससे पेट सम्बन्धी समस्यां में आराम मिलेगा।

दांतों में जामुन की छाल का फायदा :

जामुन के पत्ते लेकर पूरे धूप में सुखा लें। सूखने के बाद उसका पाउडर तैयार कर लीजिए। इस  पाउडर को मंजन की तरह अपने दांतो के ऊपर  मालिये।  ऐसा करने से आपके दातों का दर्द आपके मसूड़ों की सूजन ऐसी सभी समस्यां से आपको एकदम से आराम मिलेगा।

हमारी प्रकृति ने हमे रोगों से लड़ने के लिए बहोत सारी अमूल्य औषधी प्रदान की है। जिनका उपयोग करके हूँ खुद को निरोगी रख सकतें है। मगर हमें इसे के उपयोग के बारें में सही सही से जानकारी नहीं होती। जामुन भी उन्ही अमूल्य औषधी में से एक है। इसी लिए मेने इस लेख में आपको  जामुन की जानकारी देने की कोशिश की है। इसी के साथ इस लेख में मेंने जामुन खाने के फायदे और जामुन के औषधीय गुण के बारें में भी बताया है।

मुझे उम्मीद है, इस लेख को पढ़ने के बाद आप जामुन के बारें में कई सारी उपयोगी जानकारी प्राप्त करोगे। यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को जो जामुन की जानकारी, फायदे और औषधीय गुण के विषय में था। इसे अपने दोस्तों और जानने वालो के साथ सोशल मीडिया जैसे Facebook और whatsapp पर शेयर करें। और भी ऐसी रोचक जानकारी पाने के Main Page लिए पर जाएँ।

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