अमरूद खाने के फायदे और घरेलु उपचार।

दोस्तों, अमरुद का वैज्ञानिक नाम ( Guava Botanical Name) Psidium है। हम सभी फलों का सेवन करते है और उनसे क्या लाभ हमें मिलेंगे ये हम जरूर जानना चाहते हे। इनमें ही (guava benefits in hindi) अमद खाने के फायदे क्या है ? यह जानने की उत्सुकता भी आप में से कितनों में बनी हुवी है। इसीलिए आप इस लेख को पढ़ रहे हो। तो निश्चिन्त रहिये इस लेख में आपको अमरूद खाने के फायदे और अमरुद के घरेलु उपचार के बारें में बताएँगे। जो आपको आगे चलकर किसी न किसी रूप में फायदा देगी।
अमरुद सभी मौसम में  प्रत्येक प्रदेश में मिलने वाला फल है। आप सभी अमरुद खाते होंगे मगर इनमें से कुछ को यह स्वादिष्ट लगता है और कई ओं को यह कम पसंद होता है। आम तौर पर इसे खाने में इनके बीज काफी परेशान करते है। हम सभी अमरुद को किसी आम फल की तरह ही जानते है। मगर यह किसी आम फल की तरह जानने वाले अमरुद के कुछ ख़ास औषधीय गुण है। इस लेख में हम अमरुद के इन्ही गुणों बारें में  चर्चा करेंगे। तो आगे बढ़ते है और शुरू करते है अमरूद खाने के फायदे और घरेलु उपचार। 
अमरुद एक स्वादिष्ट, पोस्टिक ,बलवर्धक फल होने के साथ-साथ अनेक औषधीय गुण रखता है। जो विभिन्न रोगों को दूर करता है। जैसा कि खूनी बवासीर, गठिया रोग, कब्ज, मानसिक रोग, दांतों के रोग, खून की कमी,  किडनी के रोगों मुँह के छालें, सिर दर्द सर्दी जुखाम रोग ह्रदय रोग तथा अनेक लोगों का नाश करता है।
अमरूद का पेड़ भारत में लगभग सभी स्थानों पर मिलता है। कहीं-कहीं पर यह बहुत ही अधिक मात्रा में इसे लगाया भी जाता है। अमरुद के फल बहोत ही स्वादिष्ट होते हैं। अमरुद के फल कच्ची अवस्था में हरे होते हैं, और जब यह फल पक जाते हैं तब पिले हो जाते है।
इसकी कई प्रजातियां पाई जाती हैं लेकिन सभी के औषधीय गुण लगभग एक समान होते हैं।  इसको विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है।
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अमरुद के अन्य भाषाओँ में नाम: Guava names in other languages:

English : Common guava
संस्कृत  : दृढबीजम्, मृदुफलम्, अमृतफलम्, पेरुक, बिही;
हिंदी : अमरूद, जामफल
गुजरती : जमरुड, जमरूख
मराठी : जम्बा
उर्दू  : अमरूद
बंगाली  : गोएच्ची , पेयारा , पियारा
पंजाबी : अंजीरजाड , अमरूद
तेलगु : एत्ताजम
तमिल : कोय्या, सेगाप्पूगोया, सेगपु , सिरोगोय्या, सेन्गोया
कन्नड़ :  जामफल
मलयालम :  कोय्या , मलक्कापेरा , पेरा, टुपकेल
आसाम :  मधुरियम, मुहुरियम
ओरिया :  बोजोजामो
नेपाली  :  अम्बा , अमबक, अमूक

अमरूद के अलावा अमरूद के पत्ते खाने से भी शरीर को अनेक फायदे होते हैं। अमरूद के पत्तों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर के अनेक रोगोंगों को खत्म कर देते हैं। और शरीर को हमेशा स्वस्थ रखते हैं।

अमरूद के पत्ते खाने के फायदे

१) अमरूद के पत्ते खाने से पेट में जमा विषैले और टाॅक्सिस पदार्थों का दुष्प्रभाव कम हो जाता है। और पेट दर्द से छुटकारा मिलता है।

२) अमरूद की पत्तियों को उबालकर पानी को ठंडा करके गरारे करने से दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन और मुंह के छाले बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं।

३) अमरूद की ताजी-ताजी पत्तियों को चबाकर खाने से एलर्जी और खाज, खुजली की समस्या खत्म हो जाती है।

४) अमरूद की पत्तियां खाने से खून में शुगर का लेवल कंट्रोल में रहता है। इसलिए अमरूद की पत्तियां डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

५) अमरूद के पत्तों की चाय बनाकर पीने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कंट्रोल हो जाएगा।

६) अमरूद के पत्तों को पानी में उबालकर पानी को ठंडा करके पीने से डेंगू बुखार खत्म हो जाएगा।

७) अमरूद के पत्ते खाने से दमा रोग खत्म हो जाता है।

८) अमरूद के पत्तों को खाने से चेहरे की समस्याएं जैसे दाग-धब्बे, मुंहासे और झुर्रियां आदि से छुटकारा मिलता है। चेहरे पर चमक आती है। और चेहरा हमेशा जवां दिखता है।

अमरूद खाने के फायदे : Guava ke fayde in hindi

आयुर्वेदिक मतानुसार अमरुद खाने के अनेक फायदों के बारें में बताया गया है। अमरुद के फल पोस्टिक, रूचि वर्धन, शुक्रवर्धक, ह्रदय को बल देने वाले, कृमि नाशक, सर्दी नाशक और कफ नाशक होते हैं।  इसकी जड़ स्तंभक रक्तस्तंभक अतिसार प्रवाहिका आदि में लाभकारी होती है इसके पत्ते वेदना हर, ज्वार हर, मलेरिया रोधी, बल कारक आदि गुण रखते हैं।
अमरूद के काफी सारे औषधीय प्रयोग है। जो बहोत ही लाभकारी हैं।  अमरुद का प्रयोग या (अमरूद के पत्ते का प्रयोग) करके आप विभिन्न रोगों को दूर कर सकते हैं।
आयुर्वेद में अमरूद के पत्तों का लाभ बताया है। दांतों के रोगों में अमरूद के पत्तों को चबाने से दांतों के रोग ठीक हो जाते हैं।

अमरुद के घरेलु उपचार :

अमरुद के घरेलु उपचार का प्रयोग अनेक रोगों में लाभकारी सिद्ध होता है। अमरुद के पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाया जाता है। उसमें थोड़ी सी मात्रा फिटकरी डालकर उस पानी से कुल्ला करने पर दांतों में होने वाला दर्द ठीक हो जाता है और जिन लोगों को दांतों में कीड़ा लगा है।  यह  प्रयोग करें तो जरूर लाभ होता है।

मुँह के छालों में अमरुद का उपयोग :

यदि मुंह में छालें हुवे हो तब  अमरुद के  पत्तों पर पान का कत्था  को लगाकर  उसको चबाना है। ऐसा करने से मुंह में छाले ठीक हो जाते हैं।
 

मुँह की दुर्गन्ध में अमरुद का उपयोग :

मुँह में दुर्गन्ध आना, कट जाना या कोई घाव हो जाने पर अमरुद के कोमल  पत्तों को चबाना चाहिए। इसके कोमल पत्तों का काढ़ा बनाकर, उसमें थोड़ी सी मात्रा में नमक मिलाकर बार – बार कुल्ला करना चाहिए। या फिर उस पानी को काफी देर तक मुंह में रखे रहने दें। ऐसा करने से भी मुँह के दुर्गन्ध की  समस्या दूर हो जाती है।

खांसी और कफ में अमरुद का उपयोग :

खांसी और कफ विकारों में अमरूद का बहोत अधिक प्रयोग किया जाता है, इनसे और बहोत ही अच्छे लाभ मिलते हैं। यदि सूखी खांसी है और खास ने पर कफ नहीं निकलता है , तो आप सुबह उठकर एक ताजा अमरुद को चबा चबा कर खाएं यदि दो-तीन दिन तक यह प्रयोग करेंगे तो सूखी खांसी बिल्कुल ठीक हो जाएगी। यह बहोत ही अच्छा लाभकारी प्रयोग है।

सर्दी झुकाम में अमरुद का उपयोग :

सर्दी जुखाम खांसी और बुखार तीनों एक साथ हो जाने पर अमरूद के ताजा मीठे फलों को खाने से बहुत ही अच्छे लाभ मिलते हैं।

ह्रदय रोगों में अमरुद का उपयोग :

अमरूद की बिना बीजों वाली पल्प मिलाकर बनाई हुई चटनी खाने से ह्रदय रोग ठीक हो जाते हैं।

उलटी की समस्यां में अमरुद का उपयोग :

 जिन लोगों को उल्टी की समस्या है,वह अमरूद के पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीते हैं तो उनकी उल्टी आने की समस्या दूर हो जाती है।

अधिक प्यास में अमरुद का उपयोग :

अधिक प्यास लगने पर अमरूद के पत्तों को पानी में डालकर पीने से अधिक लगने वाली प्यास शांत होती है।

बच्चों में अमरुद का उपयोग :

बच्चों में बार – बार  होने वाले दस्त आदि को दूर करने के लिए अमरुद की जड़ का प्रयोग किया जाता है। अमरुद की जड़ को पानी में उबालकर देने से बच्चों के अतिसार ठीक हो जाते हैं।
कच्चे अमरुद को आग में भूनकर खाने से सभी प्रकार के अतिसार रोग ठीक हो जाते हैं।

कब्ज में अमरुद का उपयोग :

जिन लोगों को कब्ज की समस्या है और कब्ज की समस्यां से काफी परेशान रहते हैं। तो वह लोग सुबह सुबह उठकर अमरुद के फल में काली मिर्च, नमक और अदरक  मिलाकर खाएं इससे उनकी कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी।

भूख में अमरुद का उपयोग :

अमरुद के सेवन से भूख खुलकर लगती हे , इससे पेट फूलना खट्टी डकार, बदहज़मी आदि समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। अमरूद का मुरब्बा भी बनाया जाता है जो बहुत ही पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। अमरुद के मुरब्बे के सेवन  कब्ज होने नहीं देता और यदि कब्ज हो गई है तो उसको दूर करता है।

गठिया में अमरुद  का उपयोग :

गठिया रोग हो जाने पर उसके कोमल पत्तों को पीसकर चटनी बनाकर गठिया पर लेप करने से गठिया रोग ठीक हो जाता है।
 

मानसिक रोगों में अमरुद का उपयोग :

मानसिक विकारों को दूर करने के लिए अमरूद के पत्तों का पाठ बनाकर सेवन करने से सभी प्रकार के मानसिक विकार दूर होते हैं।

बुखार में अमरुद का उपयोग :

सभी प्रकार के बुखार दूर करने के लिए अमरुद के पत्तों का काढ़ा बनाकर सेवन करना चाहिए।  तो यह बुखार को दूर करने की बहुत ही अच्छी दवा है।

खून की कमी में अमरुद का उपयोग :

जीन भाई बहनों को खून की कमी है वह अमरूद का सेवन करें यह खून बहुत ही जल्दी बढ़ाता है।

बवासीर में अमरुद का उपयोग :

खूनी बाबासीर में लगभग १०  से १५  ग्राम अमरूद की छाल के चूर्ण को अमरुद के पत्तों के काढ़े के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर ठीक हो जाता है। तथा रक्त का आना खुजली यह भी दूर हो जाती है। अमरूद के और भी काफी सारे औषधीय लाभ है जो इसके फल खाने से प्राप्त होते है।
 

पेट के परेशानी में अमरुद का उपयोग :

अमरुद के सेवन से  एसिडिटी, पेट का भारीपन पाचन शक्ति की कमजोरी आदि रोग दूर होते हैं।  यदि अमरुद को नियमित व सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह किसी प्रकार का नुकसान नहीं करता।

नशे में अमरुद का उपयोग :

 यदि किसी व्यक्ति ने भांग खा ली है तो उसको नशे को उतारने के लिए अमरूद के पत्तों का रस पिलाने से भांग का नशा उतर जाता है।

अमरुद के नुकसान :

अमरुद का अधिक मात्रा में सेवन किया जाये तो आप को अमरूद खाने के नुकसान भी हो सकते है। गर्भवती स्त्रियां, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसकी नियमित मात्रा ही खानी चाहिए। अधिक मात्रा में यह नुकसान कर सकता है।
आशा करते हैं कि आज की अमरूद खाने के फायदे और घरेलु उपचार। के बारें में जानकारी आप को लाभकारी होगी आपके मन में अमरूद के विषय में किसी प्रकार का सवाल है या फिर आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो कमेंट के माध्यम से आप जरूर बताएं।
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