आँवला खाने के फायदे, उपयोग और औषधीय गुण।

आँवला खाने के फायदे, उपयोग और औषधीय गुण।

आँवला के फायदे और औषधीय गुण।

आँवला के फायदे के बारें में हमारे प्राचीन ग्रंथो से लेकर अब तक की जानकारी एकत्रित करने पर हमें इस की सकारात्मक बातें ही जानने को मिलती है। 

हमारे आयुर्वेद में भी आँवला के कई महत्त्व पूर्ण फायदे के बारें में बताया है। कई मायनों में हमें इसके लाभ ही देखने को मिलते है। यह लाभ चाहे आयुर्वेद की दृष्टिकोण से हो, वास्तु के दृष्टिकोण  से हो, या फिर प्राचीन कथा के दृष्टि से हो। 

आँवला (आमला) का वानस्पतिक नाम (वैज्ञानिक नाम )( Phyllanthus Emblica ) है। आप सभी जानते ही हों आँवला के फल स्वाद में खट्टे तुरे होते है। मगर इनमें बहोत अधिक मात्रा में पोषक तत्व होते है। 

इनसे कई प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि बनायी जाती है, और आयुर्वेद में आँवला के औषधीय गुण  और  इनके खूब सारे आयुर्वेदिक लाभों के बारें में बताया है। इसलिए हमारे आज के विषय में आँवला के फायदे और औषधीय गुण के बारें में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। तो चलिए शुरू करते है। 

आँवला की जानकारी :

आँवला (tree ) एक (ट्रॉपिकल प्लांट) है इसे सूखे प्रदेशों जैसे उत्तर प्रदेश, राजस्तान, गुजरत, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में आसानी से उगाया जा सकता है। 

आँवला (tree ) का पेड़ का तना भूरे रंग का होता है। इस पेड़ को २ तरीको से लगाया जाता है। इसके पेड़ को बीजों से लगाने पर इसपर फल लगने में करीब १० से १२ साल का समय लगता है। और कलम से इसे लगाने पर इस पर फल जल्दी आने लगते है। 

इस पेड़ की ऊंचाई करीब २० से २५  फुट तक होती है। इसके पेड़ की पत्तियां कुछ - कुछ इमली के पत्तियों की तरह दिखती है मगर आकार के मुकाबले यह बड़ी होती है। धार्मिक दृष्टिकोण की कुछ समाज में आवलें के पेड़ को अति शुभ माना जाता है, और इस पेड़ की पूजा भी की जाती है। अन्य रदेश में आँवला को अन्य नामों से जाना जाता है। 


आँवला के अन्य भाषाओँ में नाम :

English  - Indian gooseberry

हिंदी  - आमला, आँवला, आंवरा, आंबला औरा

गुजरती  - आमला, आमली 

मराठी  - आँवले, आवलकाठी 

बंगाली  - आमला, आमलकी

उर्दू  - आँवला 

पंजाबी  - आमला 

नेपाली  - अमला

ओरिया - औंला 

आसाम - अमला, आमलुकी

कन्नड़  - नेल्लि, नेल्लिकाय 

मलयालम  - नेल्लिका, नेल्लिमारम

तमिल  - नेल्लिमार 

तेलुगु  - उसरिकाय

आँवला भी हमारे प्रकृति के दिए हुए तोफों  की तरह हमारे लिए गुणों की खान है। आयुर्वेद में भी आँवला अपना बहोत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। आँवला हमारे बहोत सारे मर्ज की दवा भी है। 

हम में से बहोतो को आँवला के गुण और उसके उपयोग के बारें में जानकारी नहीं है। इस जानकारी के अभाव के कारण हमें इसका उपयोग किस तरह करना है और इसके घरेलु उपचार से हम कैसे कई बिमारियों से दूर रहे सकते है ये जानते नहीं है। तो जानते है आँवला के फायदे और आंवले का औषधीय महत्व और उपयोग के बारें में। 

आँवला जूस के फायदे?

आँवला का जूस पीने से खून साफ होता है। आँवला खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। आँवला शरीर की त्वचा और बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। 

आँवला के फायदे :

आँवला पाचन तंत्र से लेकर स्मरण शक्ति को दुरुस्त करता है।  नियमित रूप से आँवला का सेवन करने से हमसे बुढ़ापा भी दूर रहता है। 

आँवला में मधुमेह, बवासीर, नकसीर, दिल, की बीमारी जैसी समस्याओं का इलाज  छिपा है। आइए तो  हम आपको बताते हैं कि आपकी सेहत के लिए आँवला कितना फायदेमंद है। आँवला का सेवन करने के फायदे आँवला विटामिन C का अच्छा स्रोत होता है। एक आँवले में ३ संतरे के बराबर विटामिन C की मात्रा होती है। 

आँवला खाने से हमारे लीवर को शक्ति मिलती है। जिससे हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते  हैं। 

जानने लायक :

आँवला खाने से क्या फायदा?

आँवला का सेवन करने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। आँवला का जूस भी दिया जा सकता है। 

  • अगर आप मुंह के छालों से परेशान हैं तो बड़े आँवला का सेवन कीजिए और आँवला का जूस इसके लिए सर्वोत्तम होता है। इसके लिए आपको आँवला के जूस को आधा कप पानी के साथ मिक्स करिए और उसे रोजाना कुल्ला करिए। निश्चित ही आपको इससे फायदा होगा। 
  • मधुमेह, डायबिटीज के मरीजों के लिए आँवला बहुत फायदेमंद होता है। मधुमेह के रोगिओं को हल्दी के साथ आँवला का सेवन करना चाहिए। इससे मधुमेह रोगियों को फायदा होता है। 
  • बवासीर के मरीजों को आँवला को बारीक़ पीसकर सुबह शाम गाय के दूध के साथ रोज़ाना सेवन करें, इससे बवासीर में फायदा होगा। 
  • नकसीर के लिए नाक से खून निकल रहा हो तो आंवले बारीक़ पीसकर बकरी के दूध में मिलाकर सिर और मस्तिष्क पर लेप करें उस प्रयोग से नाक से खून निकलना बंद हो जाएगा। 
  • अनिंद्रा  की शिकायत होने पर या फिर तनाव या किसी और वजह से नींद न आने की समस्या से परेशानी हो। तो आंवले का सेवन आपकी इस परेशानी को भी दूर कर सकता है। 
  • दिल के मरीज को आंवला खाने से दिल मजबूत होता है। दिल के मरीज हर रोज कम से कम तीन आंवले का सेवन करें। इससे दिल की बीमारी दूर होगी। दिल के मरीज आंवले का मुरब्बा भी खा सकते हैं। 
  • आंखों की ज्योति के लिए तो आँवला से गुणकारी कुछ भी नहीं है। क्योंकि आंखों की बीमारियों के लिए और चश्मे को हटाने में सबसे अधिक लाभकारी है। आप किसी भी रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। इसमें आँवला का रस अधिक लाभदायक होता है। 
  • खांसी और बलगम खांसी आने पर दिन में तीन बार आँवला का मुरब्बा गाय  के दूध के साथ खाने पर लाभ होता है। यदि ज्यादा तेज खांसी आ रही हो तो आँवला को शहद में  मिलाकर खाने से अत्यधिक फायदा होता है और खांसी ठीक हो जाती है। 
  • आँवला का सेवन आपके मेटाबोलिज्म में भी सुधार करता है, और इससे मोटापे को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है।  क्योंकि जितना आपका मेटाबोलिज्म मजबूत होता है। उतना ही आपको वजन कम करने में सहायता मिलती है। इसलिए जो लोग मोटापे को कम करना चाहते हैं उन्हें आँवला को अपना सबसे अच्छा दोस्त बना लेना चाहिए। 
  • पेशाब करने में जलन हो तो हरे आँवला का रस शहद में मिलाकर सेवन करें। इससे जलन समाप्त हो जाएगी और पेशाब भी  साफ आएगा। 
  • पथरी की शिकायत होने पर सूखे आँवला के चूर्ण को मूली के रस में मिलाकर ४०  दिन तक सेवन करने से  पथरी समाप्त हो जाती है। 
  • आँवला खाने से कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं और रोगों से बचाव होता है। आँवला के सेवन से  शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। 
  • सर्दियों में आँवला अधिक मात्रा में मौजूद होता है। आँवला का अनेक  प्रकार से सेवन किया जा सकता है। और किसी भी रूप में इसका सेवन करने से उतना ही फायदा है। 
आँवला के बारें में और भी कई जानने लायक औषधीय गुण है। इसके बारें में जितना बताये उतना ही कम है। मुझे उम्मीद हे इस लेख को  पढ़ने के बाद आपको आँवला के फायदे और औषधीय गुण के विषय में बहोत कुछ जानने को मिला होगा। 

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