महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग।

महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग।

महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग। 

क्या आप महोगनी नाम से परिचित हैं ? क्या आप  महोगनी के पेड़ की  पहचान करने में सक्षम है ? क्या आप महोगनी पेड़ के फायदों और गुणों से परिचित है?  अगर नहीं तो आप बिलकुल ठीक जगह पर हो।  

इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद मुझे  यकीन है। आप महोगनी  पेड़ को देखते ही पहचान लोगे।  साथ ही इसके फायदों और गुणों के बारें में भी जानोगे। 

महोगनी एक बहोत ही खुबसुरत सबसे महंगी और बेशकीमती लकड़ियां प्रदान करने  वाला पेड़ है । अपनी बेशकीमती  लकड़ी देने वाला यह वृक्ष आयुर्वेदिक औषधियों का खजाना भी है। 

महोगनी पेड़ को इसके गुणों को देखते हुवे महागुणी के नाम से भी जानते है। महागुणी का अर्थ हे, असंख्य गुणों को धारण करने वाला। क्यों की महोगनी के असंख्य गुण है। जिनके बारें में हम  चर्चा करेंगे। 

महोगनी आफ्रिकन  मुलका पेड़ है। महोगनी किसी आम पेड़ की तरह हर जगह नहीं पाया जाता, और जिनको भी इस  पेड़ की जानकारी नहीं वो इस पेड़ के सामने होकर भी इसे पहचान नहीं सकता। 

इसलिए मैनें सोचा की क्यों ना आपको  महोगनी के पहचान के बारें में बताऊँ  और महोगनी जैसे दिव्य वृक्ष की विस्तार से जानकारी दूँ। ताकि जाने अनजाने में आप इसे पहचान सकें साथ ही इसके गुणों के बारें में भी जान सकें। 

में आपसे यक़ीनन कहे सकता हूँ, आज के मेरे इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद जो की महोगनी के विषय में हे। यह आपको इस वृक्ष के प्रति ख़ास आकर्षण पैदा करेगा। और अपने प्रति आपके दिमाग में एक अलग ही जगह बनाएगा । 

इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद आप  इसके लाभ और फायदों के बारें में भी जानोगे । तो चलिए बिना देरी किये शुरू करते है हमारा आज का विषय महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग। Mahogany Tree


अन्य भाषाओँ में महोगनी के नाम :

Botanical Name: Swietenia Macrophylla
Common Name: Mahogany 
Family: Meliaceae
English Name: Mahogani (महोगनी)

महोगनी की प्रजाति: Types Of Mahogany Trees  

१- Cuban Mahogany - Original
२ - Honduran Mahogany
३ - Mexican Mahogany
४- African Mahogany (Khaya Senegalensis)
५- Newzeland Mahogany
 
महोगनी के फूल : Mahogany Flowers:


महोगनी की पत्तियां : Mahogany Leaves:



महोगनी का परिचय  :


महोगनी अफ्रीका और अमेरिका में पाया जाने वाला पौधा हे जिसकी लकड़ियों से लेकर पत्तियां और फल सभी की देश और दुनिआ में भारी मांग है। इसके महत्त्व को देखते हुवे अमरीका में १९९० में महोगनी के  निर्यात पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। 

अमेरिका के इस प्रतिबन्ध के बाद भारत, बांग्लादेश, इण्डोनेशिआ जैसे देशों में महोगनी  की खेती की जाने लगी। 

हमारे वेदों में महोगनी को महागुणी के नाम से भी जानते है। महागुणी नाम इसलिए क्यों की इसके गुणों की कोई संख्या नहीं है। महोगनी से मिलने वाली बेशकीमती  लकड़ी न टूटती  है न सड़ती है । 

महोगनी से मिलने वाली लकड़ी का उपयोग  महंगे फर्नीचर, नाव, पानी के बड़े बड़े जहाज, बन्दुक की पकड़, खेल का सामान, भूकंप रोधी मकान और महंगे नकाशीदार खिलोने बनाने में किया जाता है। 

महोगनी लकड़ी का उपयोग :

महोगनी की लकड़ी का उपयोग ख़ास करके वाद्य यन्त्र (म्यूजिकल इंट्रूमेंट्स ) में किया जाता है।  इस का कारण इसकी सालों साल चलने वाली टिकाऊ और हलकी लकड़ी है। इससे बनने वाले फर्नीचर महंगे इसलिए होते है क्यों की यह लकड़ी हलकी और चमकदार होती है। 

दूसरे पेड़ों की लकड़ियों के मुकाबले इसकी चमक अधिक होती है। जिस पर कोई रंग काम नहीं किया जाता। ये वैसे ही बहोत चिकनी और चमकीली होती है। इसलिए यह ख़ास और बेशकीमती मानी जाती है। 

महोगनी की लकड़ी  का उपयोग बड़ी बड़ी नाव और बोट बनाने में इसलिए किया जाता है क्यों की लाखों और करोड़ों के खर्चों से बनने वाले पानी के जहाज मजबूत  और टिकाऊ बन सके। 

इस हिसाब से महोगनी की लकड़ी उत्तम होती है।  महोगनी की  लकड़ी समुद्र में कभी सड़ती नहीं और वजन में भी हलकी होती है। इस लिए महोगनी की लकड़ी का उपयोग महंगी वस्तुएं बनाने में किया जाता है। 

महोगनी लकड़ी: Mahogany Wood

महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग। Mahogany Tree

महोगनी पत्तियों का उपयोग :


महोगनी की पत्तियां हरे रंग और पिले रंग की ४ से १० इंच लम्बी होती है। इसके फूल पत्तियों के समूह में आकार में छोटे पिले या सफ़ेद रंग के सुगन्धित होते है। ५ साल में एक बार इसके फल अप्रैल या जून में लगते है। 

महोगनी की पत्तियों से मच्छर दूर भागते है। इसी गुण से इसकी पत्तियों से विभिन्न मच्चर भागने वाले तेल और mosquito coil बनाने में उपयोग किया जाता है। महोगनी पत्तियों का उपयोग कीटनाशक बनाने में और खाद बनाने में किया जाता है। 

महोगनी के फल का उपयोग :


महोगनी के फल बड़ी नाशपाती के आकार के होते है।  यह फल आम तौर पर मार्च महीने के आसपास आते है। देखने में ये हलके भूरे रंग के चीकू जैसे  होते है। यह फल कैप्सूल के आकर के बीजों से भरे होते है। इस फलों को सीधे तौर पे खाया नहीं जाता मगर महोगिनी के फलों का उपयोग औषधि बनाने में किया जाता है। 

महोगनी के फल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते है। यह  फल  मुक्तकणों से लड़ना, रक्त परवाह में वसा को कम करना, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करना, और प्रतिरक्षा प्रणाली में वृद्धि करना  जैसा कार्य  करते  है। 

महोगनी के पत्तों का उपयोग कैंसर, ब्लूडप्रेशर, अस्थमा, शर्दी और मधुमेह सहित कई रोगों में किया जाता है। इसके बीज का उपयोग भी कई प्रकार की औषधि बनाने में किया जाता है। महोगनी का पेड़ ५ साल में १ बार बीज देता है,  यह एक बार में ५ किलो तक बीज देते है। इस बीजों की कीमत १००० रूपये प्रति किलो तक होती है। 

महोगनी  का  पेड़ आयुर्वेदिक औषधिय  गुणों  से भी भरपूर है। आयुर्वेदिक आषधियों  में महोगनी  के पेड़ को विशेष महत्तव प्राप्त है। महोगनी  के पेड़ का फूल, फल, पत्ती, जड़ सभी को आयुर्वेदिक औषधियों में उपयोग किया जाता है। खास कर मधुमेह में इसका रामबाण औषधीय के रुप में प्रयोग किया जाता है। 

महोगनी पेड़ की पहचान :


महोगनी के पेड़ की पहचान ये है की इस पेड़ की डाली या टहनी नहीं होती । इस पेड़ की बनावट कुछ इस तरह की होती है, जैसे की इसके पत्ते सीधे - सीधे ऊपर चले जाते है। 

भारत में महोगनी  के पेड़ की लम्बाई १०० फिट तक होती है। मगर यह अफ्रीकन मुलका होने से  विदेश में इस पेड़ की लम्बाई २०० फिट तक की होती है। 

यानि के भारत के मुकाबले विदेश में अधिक ऊंचाई प्राप्त करता है और अधिक विकसित होता है। इसकी लकड़ी मज़बूत होने के कारण आंधी और तूफान से इसे कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ता। 

महोगनी  के पेड़ की जड़ जमीन को नाइट्रोजन प्रदान करता है। और जमीन  को यूरिया की कमी को पूरा करता है। महोगनी के पत्ते जैविक खाध का काम करते है। महोगनी के पत्तों को वायरल फीवर में खाया जाए तो यह फीवर को ख़त्म कर देता है। 

महोगनी  के बीज मधुमेह के लिये  रामबाण औषधि है। इसके बीजों से मधुमेह और कैंसर की दवाएं भी बनायी जाती है। इसके बीजों  से एंटीबायोटिक औषधि बनायीं जाती  है । 

महोगनी के पेड़ के सभी हिस्से का उपयोग किया जाता है इसलिए महोगनी  के पेड़ को लगाना  भविश्य में बहोत फायदेमंद माना जाता है। 

महोगनी को कैसे लगाएं: How to Plant Mahogany in Hindi


महोगनी के पौधे को लगाना हो तो यह सभी प्रकार की मिट्टी में बिना किसी परेशानी के बढ़ता है। महोगनी के पौधे को यदि लगाना हो तब २ साल तक ही इसको देख भाल की ज़रूरत होती है। 

इसके बाद इसे बढ़ने में किसी भी प्रकार की परेशानी  नहीं होती होती और नाही  देख भाल की जरीरत पड़ती है। जब तक कि यह अपनी जड़ें जमीन से पकड़ ना लें तब तक मिटटी में नमी बरक़रार रखने की ज़रूरत होती है। 

महोगनी की खेती :


महोगनीकी खेती बहोत फायदेमंद है। इसकी लकड़ी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है। महोगनी की लकड़ी को भारत में बहोत से जगह पर बेचा जा सकता है। 

भारत में इसे झारखंड, बंगाल, गुजरात, आँध्रप्रदेश, साउथ  जैसे बहोत से प्रदेश में बेचा जा सकता है। महोगनी की लकड़ी की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में २२०० रूपये प्रति घनफीट तक होती है। 

१ एकड़ में अगर महोगनी के पेड़ लगाया  जाये तो ६ फुट के अंतर पर इसे लगा सकते है। इस हिसाब से १ एकड़ में ११०० पौधे लगा सकते है। इस ११०० पौधे लगाने का खर्च लगभग डेढ़ लाख के करीब आता है। 

इसे तैयार होने में  १० से १२ साल का वक्त लगता है। यह पौधा  १० से १२ साल में वयस्क होकर पेड़ के आकार का हो जाता है। इस वयस्क पेड़ से भविष्य में काफी अच्छी आमदनी कर सकते है। 

महोगनी के पेड़ को लगाने के बाद इसके आजु - बाजु की जगह में दूसरी खेती भी हो सकती है। इस से दूसरी खेती को कोई नुकसान नहीं होता बल्कि इसकी मौजूदगी से दूसरी फसल को फायदा ही होता है। यह पेड़ बहोत की कम मात्रा में पानी को सोख्ता है। इसलिए भी यह बहोत ख़ास होता है। 

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महोगनी लगाने का तरीका :


महोगनी के पौधे को लगाने का तरीका यह हे के इस पौधे के  लिए मई महीने में गड्ढे को खोद लें। जून - जुलाई में इस गड्ढे में गोबर का खाद और माइक्रोन्यूट्रिशन का खाद डालें । पहेली बारिश में इसे लगाना उत्तम होता है। ज़रूरत के हिसाब से पानी का सिंचाव करें और पौधे  के आसपास घास ना होने दें। 

महोगनी  के पौधे को लगाने का तरीका यह हे के इसे लगाने के लिए लगभग १ फिट गहरा गड्ढा करना है। इस गड्ढे का अच्छी तरह इलाज करना है। इस के इलाज के लिए फंगईसीड और टरमाइट ( दीमक ) विरोधी दवाओं का उपयोग करके इस गड्ढे में पौधे लगाएं। 

महोगनी सिंचाई :

महोगनी की सिंचाई  परंपरागत पद्धति से या ड्रीप इरिगेशन किसी भी तरीके से हो सकती है। इस पौधे को लगाने के बाद कम से कम १ साल तक पानी देने में कसर न करें। 

१ साल के बाद हर महीने के अंतराल में पानी दे सकते है। इसमें यूरिया और माइक्रोन्यूट्रिशन वाला खाद दें।  इस पौधे को चटाई और कटाई की आवश्यकता नहीं है। 

महोगनी का विकास तापमान और मिटटी :


महोगनी  की ऊंचाई लगभग १०० फिट तक होती है और इसकी मोटाई २ से २.५  फिट तक होती है। महोगनी  के पौधे को बर्फीले प्रदेश को छोड़कर कहीं भी आसानी के लगा सकते है। मिट्टी की बात करें तो ये किसी भी प्रकार की मिट्टी में आसानी से विकास कर लेता है। इसके विकास में पानी ही बाधा  का कारण हो सकता है। क्यों की इसे जहाँ पर भी लगाया जाये। ध्यान देना है के उधर पानी जमा न हो।  ज्यादा पानी की वजह से ही इसकी जड़ें मर सकती है। बाकि इसे विकास करने में और किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आती। 

महोगनी  की  मांग :

१ - Indian Swietenia
२ - African  Swietenia

महोगनी की इन २ प्रजातियों में से Indian Swietenia की बाजार में मांग कम होकर।  African  Swietenia की मांग अधिक है। इसलिए अगर "महोगनी की खेती करनी हो तो African  Swietenia की खेती ही ज्यादा लाभ दायक और उत्तम है।"  इस बात का विशेष ध्यान रखें। 


महोगनी में  बीमारियां :

महोगनी  के बिमारियों और रखरखाव की बात करें तो ध्यान देने लायक यही है के इसकी जड़ों में पानी जमा ना हो। क्यों की इसे सब से ज्यादा खतरा पानी के जमावट का ही होता है।  

ध्यान देने वाली बात यह है के १ से डेढ़  महीने में  इसमें फ़न्डिसाइडस का छिड़काव ( spray) करें  और इसमें दीमक न लगे इस पर ध्यान दें। इसके आलावा महोगनी के पौधे  को किसी ख़ास बिमारियों की परेशानी नहीं होती। 

महोगनी  के फल :Fruits of Mahogany:






महोगनी के फल ५ साल में एक बार लगते है। जो बाजार में आसानी से बेचे जा सकते है। 

महोगनी की  खेती के लिए  सबसे ज़रूरी बात यह है के इस पौधे को लगाते समय  African  Swietenia और इसके सही पौधे का का चुनाव ज़रूरी है। 

महोगनी के फल का उपयोग :


महोगनी के फल को (Sky Fruit ) के नाम से भी जाना जाता है।  यह ऐसा फल है जिससे ब्लड सेर्कुलशन और बाकी कई तरह की बिमारियों को ठीक करने में उपयोग किया जाता है। महोगनी  के फल बहोत से प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होता है। 

भोजन के बाद महोगनी  के फल का सेवन किया जाए तो निश्चित रूप से यह लाभ प्रदान करता है। तो जानते है इसके आयुर्वेदिक फायदों के बारें में। 

अलर्जी में महोगनी बीज का उपयोग :


किसी भी प्रकार की अलर्जी में महोगनी  के बीजों को पीसकर पानी के साथ लेने से बेशक अलर्जी में आराम मिलता है। 

दिल की बीमारी में महोगनी का उपयोग :


दिल की बीमारी में रोज़ाना २ चम्मच पइसे  हुवे महोगनी के फल का सेवन करना चाहिए इससे दिल की हार्ट अटैक जैसे जानलेवा बीमारीयोन से छुटकारा मिलेगा। 

मुँह की परेशानी में महोगनी का उपयोग :


मुँह की दुर्गन्ध को भगाने में महोगनी के फल को सुबह में चबाना चाहिए। इसे चबाने से इसका तीखा स्वाद मुँह की दर्गन्ध को ख़तम कर देता है, और साँस की बदबू से छुटकारा मिलता है। 

लिवर की परेशानी में महोगनी का उपयोग :


लीवर की बीमारी में १ चम्मच पिसे हुवे महोगनी के फल को लेने से आराम मिलता है। 

महोगनी  के फल में फाइबर पाया जाता है जो कफ से राहत दिलाता है। साथ ही शरीर  में होने  वाली अन्य समस्यां में लड़ने की शक्ति देता है। 

मानसिक परेशानी में महोगनी का उपयोग :

महोगनी  के फल के उपयोग से दिमाग को शांत रखने में मदद मिलती है। यद् दिमाग की तंत्रिकाओं को शांत रखने में और तनाव को कम करने में भी बहोत मदद करता है। यह अनिद्रा, डिप्रेशन और चिंतित व्यक्ति को भी बहोत लाभदायक होता है। 


ये  थी  महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग के बारें में । मेने इस लेख में महोगनी पेड़ से सम्बंधित पूरी जानकारी देने की कोशिश की है।  

मेरी  यह कोशिश होती है के में मेरे लेख में उस विषय के सम्बंधित पूरी जानकारी दूँ। जिससे आपको उस विषय से सम्बंधित पूरी जानकारी प्राप्त हो। 

मुझे उम्मीद हे मेरे महोगनी पेड़ की जानकारी, खेती, लाभ, फायदा, उपयोग। Mahogany Tree लेख को पढ़ने के बाद आपको महोगनी के बारें में काफी कुछ जानने और सिखने मिला होगा। 

महोगनी से सम्बंधित आपके मन में कोई सवाल या सुझाव हो तो निचे कमैंट्स में हम से पूछ सकते है।हमारा प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए  इसे सोशल मीडिया  Facebook , Instagram  पर शेयर करें और भी रोचक जानकारी पाने के लिए  Hindiplant  पर visit करें।