१] लाल गुलमोहर :
Gulmohar Tree Information - Use ! गुलमोहर औषधीय गुण

गुलमोहर वृक्ष की जानकारी: गुलमोहर दुनिआ के कुछ सबसे खूबसूरत पेड़ में से एक है।गुलमोहर पुरे भारतवर्ष में तो पाया जाता ही हे साथ में नाइजीरिया, श्रीलंका, मेक्सिको, ऑस्ट्रलिया, तथा अमेरिका में भी पाया जाता है। gulmohar meaning गुल का मतलब होता है फुल और मोर का मतलब होता है मोर या पिककॉक। गुलमोहर की २ प्रजाति पायी जाती है। जैसे लाल फूल वाली प्रजाति और पिले फूल वाली प्रजाति। गर्मियों में है यह पूरी तरह खूबसूरत  होता है। जैसे ही गर्मी आती हे वैसे आप इसकी खूबसूरती नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।  


२] पीला गुलमोहर :

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Gulmohar tree india : इस वृक्ष पे अप्रैल से जुलाई तक फूल खिलते है। और जुलाई से सितम्बर तक इस्पे फलियां आती है।गुलमोहर की फलियां का साइज होता है ६० सेंटीमीटर लम्बा और ५ सेंटीमीटर चौड़ा। इस  बीजों का वजन होता है ०. ४ ग्राम । इसके फूल बहोत ही खूबसूरत होते है। और दूर से ही सबका ध्यान आकर्षित करते है। माना जाता है के गुलमोहर १८४० में मुंबई में madagascar से लाया गया। गुलमोहर को अलग अलग भाषाओँ में कई नाम से जाना जाता है जैसे की. 


गुलमोहर के पेड़ के नाम : Gulmohar Tree Names :

संस्कृत : किष्णचूरा 
हिंदी : गुलमोहर, रक्त गुलमोहर 
गुजरती: गुलमोहर 
बंगाली : राधाचूरा 
इंग्लिश : पीकॉक फ्लावर 
वनस्पति : DELONIX REGIA, Delonix Regia | Royal Poinciana

Gulmohar Tree Leaves Image:

Gulmohar Tree Information - Use ! गुलमोहर औषधीय गुण



इस पेड़ के बारे में केरल में जो सत. थॉमस के अनुयायी लोग है उनका मानना  है, की  इशू को जब सलिल पे चढ़ाया गया तब वहां एक छोटा गुलमोहर का पेड़ था, और उस पर इशू के  खून के कुछ छींटे गिरे थे इससे गुलमोहर का रंग लाल हुवा। उनका मानना ये भी हे के इस फूल का जो सुर्ख लाल रंग हे वो इशू के खुन से आया है।  

इसके फूल बड़े होते है और गुच्छे में आते है इसके खूबसूरत फूल गर्मी और बरसात में खिलते है। गुलमोहर पेड़ की लम्बाई ३० से ४० फिट तक होती है। मगर आप चाहे तो १० से १२ इंच के गमले में भी इसे ऊगा सकते है। इसके खूबसूरत फूल एक आकर्षण का केंद्र है। 

१] लाल गुलमोहर के फूल 

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२] पिले गुलमोहर के फूल 

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जब गुलमोहर पूरी तरह वयस्क होता है तब यह छत्री  की तरह दीखता है। गुलमोहर के फूल जब लगते है तो उसमें जो  परागकण होते है उस परागकण का size  होता है  ५२ micron  तक होता है।  उस परागकण को english me Pollen grain कहा जाता है। 

Gulmohar tree in home: घर में गुलमोहर का पेड़ : आपके घर के पास जगह हो तो आप direct ही इसे मिटटी में लगा सकते है। इसके बड़े पेड़ घनी छाँव तो देते हि है साथ ही खूबसूरत फूल भी देते है। और घर आँगन की शोभा बढ़ाते है। साथ ही इन्हे सड़कों के किनारे भी लगाया जाता है। क्यों की ये drought tolerant हे, मतलब महीनो तक पानी न मिले तो भी ये नहीं मरते। इसलिए स इसे देश के किसी भी हिस्से में लगा सकते है।

 इसकी खूबी ये हे की खारा पानी salt water भी इसे कुछ नुकसान नहीं पहुंचा सकता। इसके फूल बडे आकार के होते है और १० centimiter तक के हो सकते है। इसके फूल लाल रंग के अलावा नारंगी और पिले रंग के भी हो सकते है। इस फूल में मकरंत और पराग इतना बड़ा होता है, की आसपास की तितलियाँ खींची चली आती है। 

फूल आने के बाद इसमें seed pod आते है जो पहले हरे रंग के होते है बाद में गहरे भूरे रंग के हो जाते है। इसके बीज २ centimeter तक के होते है। जो इस पौधे को उगाने के लिए इस्तेमाल किये जाते है। 

आप  चाहो तो गुलमोहर cutting से भी लगा सकते है। मगर इसे कैसे लगते है इसकी पूरी जानकारी होना आवश्यक हे। इसके बीज पूरी तरह से mature होने पर इसकी फलियां को हिलाने पर फलियों में से बीज की बच्चो के झुंझूने जैसी आवाज़ भी  आति है। 

१] गुलमोहर की फलियां :

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२] गुलमोहर के बीज : Gulmohar Tree Seeds

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गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं : how to plant Gulmohar tree

गुलमोहर के बीजों से इसे लगाने का तरीका ये हे की  इसके बीजों क ज़मींन  में गाड़ सकते हैं मगर कुछ वस्तुओं पर ध्यान देना ज़रूरी है, जैसे के बीज को लगाने से पहले इसके बीजों को १ हफ्ते तक पानी में भिगोना पड़ता है। उसके बाद आप इसे मिटटी में लगा सकते है।  जब आप बीजों को लगाए और उसमें से पौधा बहार निकले तब आपको उस पौधे को बिलकुल भी छेड़ना नहीं हे। उस पौधे को बिलकुल  भी  touch न करें।

बीजों को मिट्टी में लगाने के ३ से ४ हफ़्तों में  ही  पौधे ज़मींन से  निकलना शुरू कर देते है। बीजों के उगने तक बीजों में नमी बरकार रखें यानि आपको नियमित गीली  मिटटी रखने पे ध्यान देना है। पानी नियमित देना है। क्यों की इसके बीज काफी सख्त होते है। गुलमोहर की पत्तियां १ मीटर तक लंबी हो सकती है। 

गुलमोहर को grow करने में humidity और गर्मी चाहिए लेकिन जहाँ dry गर्मी हो या रेगिस्तान जगह हो वहां पर भी  यह अच्छी तरह से विकसित होता है। गुलमोहर को ज्यादातर बीजों से grow किया जाता है। और ये १० से १२ दिनों में grow करना शुरू कर देता है। इसे february से लेकर बारिश के मौसम तक कभी भी grow कर सकते है। मगर गर्मी में ये कभी भी grow किया जा सकता है। 

गुलमोहर को आप bonsai भी बना सकते है। गुलमोहर गर्मी में काफी अच्छी तरह growth करता है। और जैसे ही सर्दी का मौसम आते ही ये अपने सारे पत्ते गिरा देता है। तभी सिर्फ  इसखि शाखाएं ही दिखाई देती है। और फिरसे यह february में green होना शुरू कर देता है। 

गुलमोहर को बीजों से grow करने पर ६ से ७ साल में इस पर फूल आना शुरू कर देते है। अगर आप  के घर गुलमोहर का पौधा हे तो इसे छायेदार जगह या फिर net के निचे रक्खे।  direct sunlight में रखने पर ये burn हो जायेगा। इसे थोड़ा विकसित होने पर इसे कहीं भी लगाया जा सकता हे। यानि के पौधा नाज़ुक होने पर यह sunlight सहन नहीं कर सकता इसलिए आप इसे बड़ा कीजिये फिर चाहे जहाँ लगा सकते है। 

बस आपको इतना ध्यान देना हे, इसे लगाते वक़्त इसे चिकनी मिटटी में न लगाएं। और गर्मी में इसे रोज़ाना पानी दें मगर ध्यान रहें पानी ज्यादा न हो क्यों की किसी भी plant के मरने में सबसे ज्यादा कारन ज्यादा पानी की समस्या यानि over watering ही  होती है। और जैसे ही over watering हुई  वैसे ही इसकी पत्तियाँ पिली होना शुरू कर देती है। इसकी जड़ें गल जाती है और पौधा जल्दी ही मर जाता है। इसलिए आपको balance बनाके पानी देने पर ध्यान देना है। 

गुलमोहर में २५ दिनों में fertilizer देना सही रहता है इसे ज्यादा fertilizer की जरुरत नहीं पड़ती। जब यह पूर्ण बड़ा हो गए तब इसमें fertilizer की जरुरत होती हे क्यों की इसे flowring करनी होती है। तभी इसे जयादा जरुरत होती है। 

fertilizer देने का तरीका यह हे के आप जब किसी भी वृक्ष को fertilizer दे तब उसके चारो और ४ इन्च का गड्ढा करें उसके बाद इस गड्ढे में १ किलो  fertilizer डालें उसके बाद उस गड्ढे को मिटटी से भर दें। इस तरह वृक्ष में fertilizer दे सकते है। 

अगर कभी गुलमोहर में कीड़े लग  जाएँ तो १ लीटर पानी में ५ ml नीम का तेल पानी में मिला कर उस palnt पर छिड़काव कीजिये। इस तरह लगातार २ दिनों तक मिश्रण का छिड़काव कीजिये। इससे कीड़े मर जायेंगे। 

इस तरह आप अपने पौधे की देखभाल कर सकते हे ध्यान रखना है temprature  का और ख़ास कर पानी का। 

 गुलमोहर के उपयोग : Uses Of Gulmohar Tree:

गुलमोहर के फूल नेचुरल कलर बनाने में भी उपयोग किया जाता है। और गुलमोहर के बहोत से औषधीय गुण हे। इसके फायदे बहोत ही  महत्ववपूर्ण है। तो आईये जानते  है इसके फायदे।

गुलमोहर के फूल और फलियां हितावर्धक, मृदुकारी, स्तम्भक, मधुर तथा पोषक होते है। यह कमजोरी, रतिसाद, खून की कमी, श्वेतप्रदर , पीलिया, आरुचि तथा मधुमेह में अच्छा लाभकारी है। इसके पुष्प जीवाणुरोधी भी होते है। 

लाभकारी औषधीय प्रयोग :गुलमोहर पेड़ के औषधीय गुण 

  • उदर रोगों में अधिकतर गुलमोहर का उपयोग किया जाता है। अतिसार और दस्तों की समस्या में इसकी छाल का उपयोग करने से लाभ होता है। 
  • बहुमूत्र की समस्या में इसके पुष्प को शहद के साथ सेवन करने से फायदा होता है। 
  • गंजापन दूर करने के लिए इसके पत्तों को पीसकर महेंदी के तरह लगाने से लाभ होता है। 
  • पिले गुलमोहर की छाल को पीसकर शहद में मिलाकर मुँह के छालों पर लगाने से मुँह के छाले ठीक हो जाते है। 
  • बवासीर रोग में इसके पत्तों को पीसकर दूध के साथ सेवन करने से अच्छे लाभ मिलते है। 
  • घुटनों का दर्द, सूजन आदि में इसके पत्तों को पीसकर लेप करने से आम वात ठीक हो जाता है। 
  • शरीर पर घाव हुवा हो तो  घावों पर इसके पत्तों को पीसकर  लेप करना अत्यंत लाभकारी होता है।
  • बिच्छू, मधुमक्खी या कोई  छोटा कीड़ा काट लेने पर जलन और सूजन होती है, उस समय इसके पत्तों को पीसकर उसपर लेप किया जाये तो जलन और सूजन दूर हो जाती है। 
  • इसके फूलों के चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से शरीर  में cholesterol का level नियंत्रण में रहता है। 
  • इसके फूलों के चूर्ण के साथ १/३ की मात्रा में नीम की छाल मिलाएं और इस चूर्ण को १ चमच की मात्रा में रोज़ाना सेवन करने से रक्त शुद्ध होता है। तथा चर्बी विकारों का शमन होता है। 
  • गुलमोहर के बीजों का तेल निकालकर जोड़ों में उपयोग करने से जोड़ों के दर्द में बहोत लाभ मिलता है। यह तेल दर्द निवारक का काम करता है। साथ ही मांसपेशिओं के दर्द में भी इसका उपयोग बहोत लाभ देता है। 
  • इसकी छाल का काढ़ा बनाकर पिने से मलेरिया में भी लाभ मिलता है। 
  • आदिवासी क्षेत्रों में इसकी छाल का उपयोग सिरदर्द मिटाने के काम में लाते है। 
  • इसके बीजों को अन्य जड़ीबूटियों के साथ मिलाकर मधुमेह में भी प्रयोग किया जाता है। 
तो ये थे गुलमोहर के पेड़ बारेमें, उसकी पत्तियों और बीजों के बारे में, उसके उपयोग के बारेमें, गुलमोहर के कुछ आयुर्वेदक औषधीय प्रयोग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी। 

आशा करता हु, आपको गुलमोहर से जुडी ये जानकारी पसंद आयी होगी।  ऐसे ही और भी पेड़ों के गुणों और औषधीय गुणों तथा वैज्ञानिक तथ्य के बारें में जानने के लिए Main Page पर जाएँ , और जानकारी लें।