Vriksharopan Ki Hindi me Jankari

वृक्षारोपण क्यों ज़रूरी है - फायदे ! 


दोस्तों, वृक्ष हमारे लिए कितने उपयोगी हे, ये शायद ही कोई नहीं जानता होगा।  बिना वृक्ष के हमारी धरती पर जीवन की कल्पना करना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन हे। 

वृक्षारोपण, हमारे लिए कितना उपयोगी हे, वृक्ष न होने से क्या नुकसान और वृक्ष के होने से हमारी ज़िंदगी में क्या फायदा हो सकता हे , इसके बारे में आज हम विस्तार से जानकारी लेंगे।तो देर किस बात की आईये शुरू करते हे। 


Vriksharopan Ki Hindi me Jankari


वृक्ष हमे जीवन दायिनी प्राणवायु (Oxygen) प्रदान करते है।  बिना Oxygen के जीवन टिक पाना असंभव हे।  हम  पानी और भोजन के बगैर कुछ दिनो  तक ज़िंदा रह सकते हे, मगर बिना प्राणवायु यानि के Oxygen के बगैर कुछ पल में ही हमारी मृत्यु निश्च्चित हे। 

दोस्तों , कुछ दशकों पहले तक मनुष्य के जीवन का आधार सिर्फ वृक्ष ही हुवा करते थे,भूतकाल में पेड़ से मनुष्य को भोजन तो प्राप्त होता ही था, साथ में वस्त्र, दवाईयां, घर, और अग्नि सभी जीवन जीने के लिए लगनेवाली वस्तुएं मनुष्य पेड़ से ही प्राप्त करता था। 

वृक्षारोपण करने के उपाय, भूतकाल में वृक्ष की भूमिका कुछ ऐसी थी के फल ही भोजन था, पेड़ के पत्तो से आवास उनका रहने का घर या झोपड़ी तैयार करते थे। तथा उष्ण और खाना पकाने के लिए एक जरिया लकड़ी ही थी, प्राचीन काल से ही मनुष्य जाती जड़ी - बूटियों का इस्तमाल भी अच्छी तरह जानती है, और वे भी मुख्य स्त्रोत पेड़ से ही प्राप्त करते है। इसलिए भूतकाल के मनुष्य को वन मानव भी कहते हे। 


आज हमें जंगल की अहमियत को समझना होगा। आज हमें शहर में रहने के लिए भोजन पकाने के लिए लकड़ी की ज़रूरत तो नहीं पड़ती मगर पेड़ से हमें फल, सब्ज़िया, और लकड़ी प्राप्त होती हे, आज के नए दौर में हम लकड़ी से फर्नीचर, कागज, गौंद, माचिस आदि बहोत सारी वस्तुएं तैयार करते है। 

इसके आलावा पेड़ों से बहोत  सारी औषधियां तैयार की जाती है। जो हमारे शरीर के सम्बंधित कई प्रकार के रोगों का उपचार करने में मदद करती है।

पेड़ न  केवल हमे शुद्ध हवा प्रदान करते है बल्कि पर्यावरण को सुन्दर भी बनाते है। तथा पक्षी के घर का जरिया भी पेड़ ही हे।  पेड़ पर पक्षी घोंसले बनाकर रहते है। तप्ती गर्मी में वृक्ष पशु, पंखी तथा मनुष्य को छाया प्रदान करते है और गर्मी से बचने में भी मदद करते है। 

पेड़ों के न होने से जीवन संकट में आ जायेगा, मनुष्य कुछ सुख, सुविधा के लालच में आकर पेड़ों का शत्रु बन बैठा हे। वह निरंतर अपने स्वार्थ और आवास के लिए जंगल को काटता जा रहा है। जिसके कारन हमारे पर्यावरण पर दुष्ट प्रभाव पड रहा हे, Global Warming के लिए भी मनुष्य ही ज़िम्मेदार हे। 
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जंगल के कम होने से पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा हे, हिम प्रदेश  में पहाड़ों की बर्फ लगातार पिघल रही हे, जिस से हमारी घरती पर बाढ़ का खतरा भी बना रहता हे। 

यह कहना गलत नहीं होगा ,के पेड़ हमारे कितने बड़े मित्र हे। पेड़ की जड़ें खेत की उपजाऊ मिट्टी को जकड़े रहती हे और उसे हवा  में उड़ने से बचाती हे। पेड़ के कारन समय से हमारी धरती पर बारिश भी होती हे, मतलब पेड़ ही हे जो समय पे बारिश लाने में मदद करते हे। पेड़ हमारे सच्चे मित्र हे हमें उनकी रक्षा करनी ही चाहिए। 

हमारे प्राचीन धर्म ग्रन्थ,  हमारे पूर्वज तथा आज का अत्याधुनिक विज्ञान भी वृक्षों की महिमा को अच्छी तरह से समझता हे। हिन्दुओं में तो कितने ही पेड़ों को पूजनीय माना जाता है। जैसे तुलसी, पीपल, बरगद, बेल पत्र, केला अशोक आदि.

तुलसी का पौधा हमेशा से हुन्दुओं के घर में पाया जाता है, हिन्दुओं के प्राचीन ग्रन्थ अनुसार तुलसी में भगवन कृष्ण का वास माना जाता है, तथा पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु  का वास,  बेल पत्र में भगवान शंकर का वास इस तरह हमारे प्राचीन ग्रन्थ में वृक्षों का जिक्र किया गया हे। 

विज्ञानं भी वृक्षों की महिमा से अछूता नहीं हे, विज्ञान भी मान चूका के पीपल का वृक्ष सबसे अधिक प्राणवायु ( Oxygen) हमें प्रदान करता हे और सबसे अधिक carbon dioxide ग्रहण करने वाला वृक्ष हे।  तथा तुलसी के बीज , तने और तुलसी की पत्तियां बहोत से रोगों को ठीक करने में उपयोगी हे। 

नीम के पेड़ के गुणों से भी हम सभी पूरी तरह से वाकिफ हे, मीठे  नीम की पत्तियां सब्ज़ी बनाने के काम आती हे, नीम की पत्तियों से खाने स्वाद निखर कर आता हे तथा कड़वी नीम तो आयुर्वेदिक औषधियों में अमृत समान मानी जाती है। 

नीम के पत्तियों का रस, इसकी पत्ती, फल, बीज तथा गोंद सभी बहोत उपयोगी है। नीम के पत्तियों से स्नान करने पर चर्म रोग जल्दी से ठीक होने में मदद मिलती हे। नीम की पत्तियों का काढ़ा पिने से मधुमेह में सुधार होता हे आदि, इसी प्रकार अशोक के पेड़ की पत्तियां एवं छाल से अनेक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां बनायीं जाती रही हे। 

इसी प्रकार फलदार वृक्ष मनुष्य के लिए वरदान है, फल से हम भरपूर मात्रा में खनिज, विटामिनस , मिनरल्स उच्चमात्रा में हांसिल कर सकते है। जो हमारे शरीर को अच्छी तरह काम करने में मदद करता है। 

नियमित फल ग्रहण करने से आयु लम्बी होती हे तथा सवास्थ अच्छा रहता है और सौंदर्य में भी नीखार आता हे। फाइबर युक्त फल हमारी पाचन शक्ति बढ़ने में उपयोगी हे। फल खाने से हमें भरपूर ऊर्जा मिलती हे। इसलिए हमारी  धरती बिना वृक्ष के संभव नहीं। 

हमारे देश में वृक्षारोपण के लिए कई सारि संस्था आगे आकर काम कर रही हे और गाँवो , शहर में पेड़ों को गोद लेकर हमें  प्रेरित भी कर रही हे। इनमें से ए के जोन्स पर्यावरण की रक्षा करने में एक बड़ा नाम माना जाता है। हमें उन्ही की तरह प्रेरित होकर वृक्षारोपण करना चाहिए। 

तो दोस्तों वृक्षारोपण का  यह निष्कर्षनिकलता हे के बिना पेड़ के हम और हमारी धरती बे जान होगी।अगर हमें आगे अपने पृथ्वी और पर्यावरण को नुकसान पहोचने से बचाना हे, तो हमें पेड़ को बचाना ही होगा। हमें पेड़ की रक्षा करनी ही होगी। 

पेड़ पौधे ही प्रकृति की शान हे, 
इनसे ही बचे धरती पर इंसान हे। 
रोक लो वृक्षों की कटाई,
अगर बचा जरासा ही ज्ञान हे। 
  
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